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Siddharthnagar News: नगर का पीएचसी बदहाल, बीमार जाते हैं जिला अस्पताल
Tue, 23 May 2023 12:08 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Tue, 23 May 2023 12:08 AM IST
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जर्जर पड़ा नौगढ़ पीएचसी का भवन। संवाद
सिद्धार्थनगर। नगर की 20 हजार की आबादी के प्राथमिक उपचार के लिए जिम्मेदार नौगढ़ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बदहाल है। यहां इलाज के लिए आने वाले मरीजों को स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। जर्जर अस्पताल में बेड की भी व्यवस्था नहीं है। इसलिए ना चाहते हुए भी मरीजों को जिला अस्पताल जाना पड़ रहा है। यहां बिजली और पानी का भी संकट है। जिम्मेदारों का कहना है कि भवन कंडम घोषित हो गया है, इसलिए सुधार नहीं हो रहा है। इसी में व्यवस्था चलाई जा रही है।
नगर के अलावा आसपास के गांव के लोगों का इलाज आसानी से हो सके। इसके लिए नगर में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र नौगढ़ की लगभग पांच दशक पहले स्थापना हुई थी। तब यहां पर मरीजों की भारी भीड़ लगती थी। इसके बाद जिला अस्पताल बन गया तो लोग गंभीर रोगियों को वहां भेजा जाने लगा। लेकिन मौजूदा समय में अस्पताल बदहाल है। इसलिए लगभग 20 हजार की आबादी का प्राथमिक उपचार भी नहीं हो पा रहा है। अस्पताल का भवन पूरी तरह से जर्जर हो चुका है। बारिश में जलभराव के साथ ही छत से पानी टपकता है। बिजली और पंखे की भी व्यवस्था नहीं है। ओपीडी के अलावा अगर कोई मरीज मामूली चोट लगने और पेट दर्द होने पर चाहे के यहां कुछ देर भर्ती करके इलाज हो जाए, तो यह संभव नहीं है। उसे इसके लिए जिला अस्पताल में ही जाना पड़ रहा है। लोगों का कहना है कि अगर अस्पताल में व्यवस्था होती तो जिला अस्पताल में जाकर लाइन नहीं लगाना पड़ता है। अस्पताल में बदलाव सुविधाएं बढ़ाने की जरूरत है।
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कई साल से जर्जर है। इसी में महिलाओं का प्रसव भी कराया जाता है जो खतरे से खाली नहीं है। बारिश होते ही जलभराव का शिकार हो जाता है। शहर का प्रमुख अस्पताल है, व्यवस्था में सुधार करने की जरूरत है।
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- संजय कुमार, निवासी शास्त्रीनगर
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र केवल कहने के लिए है। यहां पर प्राथमिक उपचार नहीं हो रहा है। मामूली चोट लगने पर जिला अस्पताल भेज दिया जाता है। रात में अगर किसी को दिक्कत होती है तो मजबूर होकर जिला अस्पताल जाना पड़ता है। अस्पताल को सुधारने की जरूरत है।
- अउवलदार खान, निवासी आजाद नगर
अस्पताल कंडम घोषित हो चुका है। इसके गिराकर नये भवन के निर्माण के लिए कई बार पत्राचार कर चुके हैं, लेकिन अभी तक कुछ हुआ नहीं है। फिर भी खराबी को सही करके अस्पताल चलाया जा रहा है।
डॉ. प्रशांत मौर्य, चिकित्सा अधीक्षक पीएचसी नौगढ़
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नगर के अलावा आसपास के गांव के लोगों का इलाज आसानी से हो सके। इसके लिए नगर में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र नौगढ़ की लगभग पांच दशक पहले स्थापना हुई थी। तब यहां पर मरीजों की भारी भीड़ लगती थी। इसके बाद जिला अस्पताल बन गया तो लोग गंभीर रोगियों को वहां भेजा जाने लगा। लेकिन मौजूदा समय में अस्पताल बदहाल है। इसलिए लगभग 20 हजार की आबादी का प्राथमिक उपचार भी नहीं हो पा रहा है। अस्पताल का भवन पूरी तरह से जर्जर हो चुका है। बारिश में जलभराव के साथ ही छत से पानी टपकता है। बिजली और पंखे की भी व्यवस्था नहीं है। ओपीडी के अलावा अगर कोई मरीज मामूली चोट लगने और पेट दर्द होने पर चाहे के यहां कुछ देर भर्ती करके इलाज हो जाए, तो यह संभव नहीं है। उसे इसके लिए जिला अस्पताल में ही जाना पड़ रहा है। लोगों का कहना है कि अगर अस्पताल में व्यवस्था होती तो जिला अस्पताल में जाकर लाइन नहीं लगाना पड़ता है। अस्पताल में बदलाव सुविधाएं बढ़ाने की जरूरत है।
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प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कई साल से जर्जर है। इसी में महिलाओं का प्रसव भी कराया जाता है जो खतरे से खाली नहीं है। बारिश होते ही जलभराव का शिकार हो जाता है। शहर का प्रमुख अस्पताल है, व्यवस्था में सुधार करने की जरूरत है।
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- संजय कुमार, निवासी शास्त्रीनगर
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र केवल कहने के लिए है। यहां पर प्राथमिक उपचार नहीं हो रहा है। मामूली चोट लगने पर जिला अस्पताल भेज दिया जाता है। रात में अगर किसी को दिक्कत होती है तो मजबूर होकर जिला अस्पताल जाना पड़ता है। अस्पताल को सुधारने की जरूरत है।
- अउवलदार खान, निवासी आजाद नगर
अस्पताल कंडम घोषित हो चुका है। इसके गिराकर नये भवन के निर्माण के लिए कई बार पत्राचार कर चुके हैं, लेकिन अभी तक कुछ हुआ नहीं है। फिर भी खराबी को सही करके अस्पताल चलाया जा रहा है।
डॉ. प्रशांत मौर्य, चिकित्सा अधीक्षक पीएचसी नौगढ़