{"_id":"6740ce6b3485036dc50bf557","slug":"the-mood-of-the-weather-is-changing-every-moment-the-number-of-respiratory-patients-increases-due-to-swelling-in-the-lungs-siddharthnagar-news-c-227-1-sdn1003-127661-2024-11-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"Siddharthnagar News: हर पल बदल रहा मौसम का मिजाज फेफड़ों में सूजन से सांस के मरीज बढ़े","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Siddharthnagar News: हर पल बदल रहा मौसम का मिजाज फेफड़ों में सूजन से सांस के मरीज बढ़े
Sat, 23 Nov 2024 12:03 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Sat, 23 Nov 2024 12:03 AM IST
विज्ञापन
सिद्धार्थनगर। सर्दी, जुकाम, बुखार और बदन दर्द से उबरने के न बाद मरीज पोस्ट वायरल ब्रोंकाइटिस की चपेट में आ जा रहे हैं। मौसम का मिजाज बदलने से लोगों को वायरल इस कदर जकड़ रहा है कि खांसी ठीक होने न में 10 से 15 दिन लग जा रहे हैं। खांसते-खांसते रोगियों का दम फूल जा रहा है। इसके साथ ही उन्हें सांस लेने में भी काफी परेशानी हो रही है। मेडिकल कॉलेज के चेस्ट रोग विभाग की ओपीडी में 20 से 25 प्रतिशत मरीज पोस्ट वायरल-ब्रोंकाइटिस के ही हैं। बीते दो सप्ताह से तापमान में बदलाव के साथ सुबह-शाम की हल्की ठंड शुरू हो गई है।
न्यूनतम पारा गिरकर करीब 15 डिग्री सेल्सियस के नीचे पहुंच गया है। मौसम में ये बदलाव लोगों की सेहत पर भारी पड़ रहा है। दिन में हल्की धूप और रात में सर्द मौसम होने से लोगों की तबीयत बिगड़ रही है। खांसी और कप के कारण ज्यादा बीमार हुए लोगों को भर्ती होने की नौबत आने लगी है।
माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज के चेस्ट रोग विभाग के डॉ. सीबी चौधरी ने बताया कि सांस की बीमारी से परेशान मरीज को जब पोस्ट वायरल ब्रोंकाइटिस हो जाती है तो खांसते-खांसते उनका दम फूल जाता है। उसे सांस लेने में परेशानी होने लगती है।
विज्ञापन
ऑक्सीजन लेवल भी गिरने लगता है। ऐसे रोजाना 3-4 मरीज मेडिकल कॉलेज में भर्ती हो रहे हैं, जो मरीज गंभीर होते हुए ऑक्सीजन का सपोर्ट देना पड़ता है।
विज्ञापन
न्यूनतम पारा गिरकर करीब 15 डिग्री सेल्सियस के नीचे पहुंच गया है। मौसम में ये बदलाव लोगों की सेहत पर भारी पड़ रहा है। दिन में हल्की धूप और रात में सर्द मौसम होने से लोगों की तबीयत बिगड़ रही है। खांसी और कप के कारण ज्यादा बीमार हुए लोगों को भर्ती होने की नौबत आने लगी है।
विज्ञापन
माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज के चेस्ट रोग विभाग के डॉ. सीबी चौधरी ने बताया कि सांस की बीमारी से परेशान मरीज को जब पोस्ट वायरल ब्रोंकाइटिस हो जाती है तो खांसते-खांसते उनका दम फूल जाता है। उसे सांस लेने में परेशानी होने लगती है।
विज्ञापन
ऑक्सीजन लेवल भी गिरने लगता है। ऐसे रोजाना 3-4 मरीज मेडिकल कॉलेज में भर्ती हो रहे हैं, जो मरीज गंभीर होते हुए ऑक्सीजन का सपोर्ट देना पड़ता है।