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Siddharthnagar News: पारा 40 डिग्री सेल्सियस पर टिका... तपिश से सब बेहाल

Wed, 20 May 2026 11:24 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर Updated Wed, 20 May 2026 11:24 PM IST
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The mercury settled at 40 degrees Celsius... everyone was suffering from the heat.
चिलचिलाती धूप में शहर के उसका मार्ग पर दुपट्टे से सिर को ढककर घर जाती छात्राएं।
सिद्धार्थनगर। दिन की झुलसाने वाली गर्मी अब रातों की बेचैनी में बदल रही है। सूरज ढलने के बाद भी राहत नहीं मिल रही। तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के ऊपर बना रहने और उमस बढ़ने से लोग रातभर पसीने में तर-बतर हो रहे हैं।
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अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 1.1 डिग्री अधिक रहा, जबकि न्यूनतम तापमान 28.5 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया, जो सामान्य से चार डिग्री ज्यादा है। रात का बढ़ा तापमान लोगों की नींद और सेहत दोनों पर भारी पड़ रहा है। नींद टूट रही है, बिजली की खपत बढ़ रही है और अस्पतालों में सिरदर्द, थकान, डिहाइड्रेशन व बेचैनी के मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है।
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पूरी रात चली पुरवाई और दिन में छाए धुंध जैसे हालात भी गर्मी की तपिश कम नहीं कर सके। आसमान हल्का धुंधलका लिए रहा, लेकिन धूप की तीखी चमक लोगों की चमड़ी झुलसाती रही। सुबह से ही उमस और गर्म हवाओं ने बेचैनी बढ़ा दी, जबकि दोपहर होते-होते सड़कें सूनी नजर आने लगीं। बाहर निकलने वाले लोग सिर और चेहरे को कपड़ों से ढककर बचाव करते दिखे। देर रात तक गर्म हवा और उमस से घरों में घुटन महसूस की जाती रही। कूलर-पंखे भी राहत नहीं नहीं दे पा रहे हैं।
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छतों और बरामदों में रात काटने को लोग मबूर हैं। बिजली लोड बढ़ने से लो-वोल्टेज और ट्रिपिंग की शिकायतें काफी बढ़ गई हैं। रात 11 बजे के बाद भी बाजारों, चौराहों और मोहल्लों में लोग टहलते या खुले स्थानों पर बैठे नजर आ रहे हैं। कई परिवार घरों की छतों पर सोने को मजबूर हैं। जिन इलाकों में बिजली कटौती या लो-वोल्टेज है, वहां हालात और खराब हैं।
जिला अस्पताल और निजी क्लीनिकों में सिरदर्द, चक्कर, बेचैनी, कमजोरी, डिहाइड्रेशन और ब्लड प्रेशर प्रभावित होने की शिकायत लेकर मरीज पहुंच रहे हैं। बुजुर्ग, बच्चे और पहले से बीमार लोग ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं।
डॉक्टरों के मुताबिक लगातार गर्म रातें शरीर को पर्याप्त आराम नहीं लेने देतीं। शरीर का तापमान सामान्य नहीं हो पाता, जिससे थकान, चिड़चिड़ापन, डिहाइड्रेशन, ब्लड प्रेशर और हार्ट मरीजों की दिक्कतें बढ़ सकती हैं। नींद पूरी न होने से मानसिक तनाव और कमजोरी भी बढ़ती है।
फिजीशियन डॉ. रामजी सोनी जानकारों ने गर्मी और लू से बचाव के लिए खानपान पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि तेज गर्मी में अधिक से अधिक पानी, नींबू पानी, छाछ, ओआरएस, बेल और आम का पना जैसे तरल पदार्थों का सेवन करना चाहिए। तली-भुनी और मसालेदार चीजों से परहेज करें और हल्का और सुपाच्य भोजन लें। धूप में निकलने से पहले पानी पीकर निकलें और खाली पेट बाहर जाने से बचें, ताकि शरीर में पानी की कमी न हो।

फिटनेस प्रशिक्षक भोला वर्मा के अनुसार भीषण गर्मी और लू के दौरान लोग सुबह की सैर और व्यायाम भी सावधानी से करें। उन्होंने कहा कि मॉर्निंग वॉक के लिए सुबह जल्दी निकलें और धूप तेज होने से पहले घर लौट आएं। अधिक देर तक खुले में रहने से शरीर में पानी की कमी और थकान की समस्या हो सकती है। साथ ही हल्के सूती कपड़े पहनने और अपने साथ पानी की बोतल रखने की भी सलाह दी गई है।
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