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पति ने नहीं बताया क्या करते हैं काम तो छोड़ा घर
ब्यूरो/अमर उजाला सिद्धार्थनगर
Updated Sun, 11 Sep 2016 10:16 PM IST
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महिला थाने में नई किरण जन सुनवाई कार्यक्रम में शामिल लोग।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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सिद्धार्थनगर। महिला थाना में आयोजित नई किरण महिला जन सुनवाई कार्यक्रम में रविवार 45 मामले पेश हुए। इसमें किन्हीं कारणों से बिछड़े तीन जोड़े दोबारा एक साथ जीवन जीने को राजी हुए। वहीं एक ऐसा मामला पेश हुआ जो कई बार पेश होने के बाद भी नहीं सुलझ सका। मामला जिले के इटवा कस्बा निवासी अमरजीत कौर और कानपुर के गुरुप्रीत सिंह का था।
मामले में घंटो विचार-विमर्श के बाद भी कोई रास्ता नहीं निकला सका। पति कौन सा काम करता है, यह जानने के जिद में अमरजीत ससुराल छोड़कर अपने मायका में चली आई। उनका कहना था कि पति क्या करते हैं, अभी तक हमें नहीं पता चल सका है। न ही किसी प्रकार की सुविधा देते हैं।
वहीं गुरुप्रीत के पिता गुरुदीप सिंह का कहना था कि बेटा मोबाइल शाप की दुकान चलाता है। कारोबार है, लेकिन यह रहना ही नहीं चाहती है। दोनों परिवार के बीच तनातनी को लेकर मामले में काफी देर तक समझाने बुझाने के बाद कोई हल नहीं निकल सका। थाने में यह मामला चर्चा का विषय रहा। उधर, 20 मामलों में दो पक्ष उपस्थित हुए लेकिन कोई हल नहीं निकला। तीन मामले निरस्त किए गए। 16 मामलों मेें एक ही पक्ष उपस्थित हुआ। नौ मामलों में कोई भी नहीं उपस्थित हुआ।
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उर्मिला पत्नी विश्राम सागर ग्राम हरिगांव थाना बांसी, रीता पत्नी राम किशोर ग्राम धोबहा उंचडीह, रेशमा पत्नी इरफान ग्राम बेलबनवा थाना ढेबरुआ विवाद सुलझाकर एक साथ रहने को राजी हुए। इस दौरान थानाध्यक्ष अजीर्जुरहमान, एसआई संध्या रानी तिवारी, संगीता विश्वकर्मा, कांउसलर विनय कांत मिश्र, समसुल हक मौजूद रहे।
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मामले में घंटो विचार-विमर्श के बाद भी कोई रास्ता नहीं निकला सका। पति कौन सा काम करता है, यह जानने के जिद में अमरजीत ससुराल छोड़कर अपने मायका में चली आई। उनका कहना था कि पति क्या करते हैं, अभी तक हमें नहीं पता चल सका है। न ही किसी प्रकार की सुविधा देते हैं।
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वहीं गुरुप्रीत के पिता गुरुदीप सिंह का कहना था कि बेटा मोबाइल शाप की दुकान चलाता है। कारोबार है, लेकिन यह रहना ही नहीं चाहती है। दोनों परिवार के बीच तनातनी को लेकर मामले में काफी देर तक समझाने बुझाने के बाद कोई हल नहीं निकल सका। थाने में यह मामला चर्चा का विषय रहा। उधर, 20 मामलों में दो पक्ष उपस्थित हुए लेकिन कोई हल नहीं निकला। तीन मामले निरस्त किए गए। 16 मामलों मेें एक ही पक्ष उपस्थित हुआ। नौ मामलों में कोई भी नहीं उपस्थित हुआ।
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उर्मिला पत्नी विश्राम सागर ग्राम हरिगांव थाना बांसी, रीता पत्नी राम किशोर ग्राम धोबहा उंचडीह, रेशमा पत्नी इरफान ग्राम बेलबनवा थाना ढेबरुआ विवाद सुलझाकर एक साथ रहने को राजी हुए। इस दौरान थानाध्यक्ष अजीर्जुरहमान, एसआई संध्या रानी तिवारी, संगीता विश्वकर्मा, कांउसलर विनय कांत मिश्र, समसुल हक मौजूद रहे।