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Siddharthnagar News: अब नहीं चलेगा फर्जी वोट का खेल, हर मतदाता को मिला नौ अंकों का यूनिक नंबर
Thu, 11 Jun 2026 01:46 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Thu, 11 Jun 2026 01:46 AM IST
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पंचायत चुनाव में पहली बार डिजिटल पहचान की बड़ी कवायद, डुप्लीकेट वोटरों पर कसेगा शिकंजा
एक ही व्यक्ति के कई जगह दर्ज नाम आसानी से होंगे चिह्नित, बढ़ेगी मतदाता सूची की विश्वसनीयता
सिद्धार्थनगर। पंचायत चुनाव में फर्जी मतदान और डुप्लीकेट मतदाताओं के खेल पर रोक लगाने के लिए निर्वाचन विभाग ने बड़ा कदम उठाया है। अब हर मतदाता को नौ अंकों का यूनिक स्टेट वोटर नंबर (एसवीएन) दिया गया है। यह नंबर प्रत्येक मतदाता की अलग और विशिष्ट पहचान बन गया है, जिससे एक ही व्यक्ति का नाम एक से अधिक स्थानों पर दर्ज होने जैसी गड़बड़ियों पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी।
जिले में पिछले पंचायत चुनाव में मतदाता सूची को लेकर अक्सर विवाद सामने आते रहे हैं। कहीं एक ही व्यक्ति का नाम दो ग्राम पंचायतों में दर्ज मिलता है तो कहीं मृतक या स्थानांतरित मतदाताओं के नाम सूची में बने रहने की शिकायतें सामने आती हैं। कई मामलों में इन्हीं गड़बड़ियों के कारण चुनाव बाद विवाद और कानूनी लड़ाइयां भी होती रही हैं। ऐसे में यूनिक स्टेट वोटर नंबर व्यवस्था को मतदाता सूची को अधिक पारदर्शी और विश्वसनीय बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
निर्वाचन से जुड़े अधिकारियों ने बताया कि यह नौ अंकों का नंबर विधानसभा और लोकसभा चुनाव में प्रयुक्त इलेक्टर फोटो आइडेंटिटी कार्ड (ईपीआईसी) की तर्ज पर एक अतिरिक्त डिजिटल पहचान के रूप में काम करेगा। इससे प्रत्येक मतदाता का रिकॉर्ड डिजिटल रूप से सत्यापित करना आसान हो गया है। यदि किसी व्यक्ति का नाम एक से अधिक स्थानों पर दर्ज होगा तो सिस्टम उसे आसानी से चिह्नित कर सकेगा।
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क्या है यूनिक स्टेट वोटर नंबर (एसवीएन)
- प्रत्येक मतदाता को आवंटित नौ अंकों का विशिष्ट नंबर
- मतदाता की अलग और स्थायी पहचान सुनिश्चित करता है
- ईपीआईसी के साथ अतिरिक्त डिजिटल पहचान के रूप में काम करता है
- डुप्लीकेट और संदिग्ध प्रविष्टियों की पहचान आसान बनाता है
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इससे होंगे ये फायदे
- फर्जी मतदान पर प्रभावी रोक लगाने में मदद
- एक व्यक्ति के कई जगह दर्ज नामों की पहचान आसान
- मतदाता सूची की शुद्धता और विश्वसनीयता में वृद्धि
- डेटा का डिजिटल सत्यापन और मिलान अधिक सटीक
- सूची अपडेट और निगरानी प्रक्रिया होगी मजबूत
- चुनावी विवादों और शिकायतों में कमी आने की उम्मीद
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पंचायत निर्वाचन नामावली में शामिल प्रत्येक मतदाता को नौ अंकों का यूनिक स्टेट वोटर नंबर आवंटित किया गया है। इससे प्रत्येक मतदाता की अलग पहचान सुनिश्चित होगी और मतदाता सूची के सत्यापन, अद्यतन तथा निगरानी की प्रक्रिया अधिक प्रभावी बनेगी। नई व्यवस्था से डुप्लीकेट प्रविष्टियों की पहचान करने में भी सुविधा होगी, जिससे मतदाता सूची की शुद्धता और विश्वसनीयता बढ़ेगी।
- गौरव श्रीवास्तव, अपर जिलाधिकारी
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एक ही व्यक्ति के कई जगह दर्ज नाम आसानी से होंगे चिह्नित, बढ़ेगी मतदाता सूची की विश्वसनीयता
सिद्धार्थनगर। पंचायत चुनाव में फर्जी मतदान और डुप्लीकेट मतदाताओं के खेल पर रोक लगाने के लिए निर्वाचन विभाग ने बड़ा कदम उठाया है। अब हर मतदाता को नौ अंकों का यूनिक स्टेट वोटर नंबर (एसवीएन) दिया गया है। यह नंबर प्रत्येक मतदाता की अलग और विशिष्ट पहचान बन गया है, जिससे एक ही व्यक्ति का नाम एक से अधिक स्थानों पर दर्ज होने जैसी गड़बड़ियों पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी।
जिले में पिछले पंचायत चुनाव में मतदाता सूची को लेकर अक्सर विवाद सामने आते रहे हैं। कहीं एक ही व्यक्ति का नाम दो ग्राम पंचायतों में दर्ज मिलता है तो कहीं मृतक या स्थानांतरित मतदाताओं के नाम सूची में बने रहने की शिकायतें सामने आती हैं। कई मामलों में इन्हीं गड़बड़ियों के कारण चुनाव बाद विवाद और कानूनी लड़ाइयां भी होती रही हैं। ऐसे में यूनिक स्टेट वोटर नंबर व्यवस्था को मतदाता सूची को अधिक पारदर्शी और विश्वसनीय बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
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निर्वाचन से जुड़े अधिकारियों ने बताया कि यह नौ अंकों का नंबर विधानसभा और लोकसभा चुनाव में प्रयुक्त इलेक्टर फोटो आइडेंटिटी कार्ड (ईपीआईसी) की तर्ज पर एक अतिरिक्त डिजिटल पहचान के रूप में काम करेगा। इससे प्रत्येक मतदाता का रिकॉर्ड डिजिटल रूप से सत्यापित करना आसान हो गया है। यदि किसी व्यक्ति का नाम एक से अधिक स्थानों पर दर्ज होगा तो सिस्टम उसे आसानी से चिह्नित कर सकेगा।
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क्या है यूनिक स्टेट वोटर नंबर (एसवीएन)
- प्रत्येक मतदाता को आवंटित नौ अंकों का विशिष्ट नंबर
- मतदाता की अलग और स्थायी पहचान सुनिश्चित करता है
- ईपीआईसी के साथ अतिरिक्त डिजिटल पहचान के रूप में काम करता है
- डुप्लीकेट और संदिग्ध प्रविष्टियों की पहचान आसान बनाता है
इससे होंगे ये फायदे
- फर्जी मतदान पर प्रभावी रोक लगाने में मदद
- एक व्यक्ति के कई जगह दर्ज नामों की पहचान आसान
- मतदाता सूची की शुद्धता और विश्वसनीयता में वृद्धि
- डेटा का डिजिटल सत्यापन और मिलान अधिक सटीक
- सूची अपडेट और निगरानी प्रक्रिया होगी मजबूत
- चुनावी विवादों और शिकायतों में कमी आने की उम्मीद
पंचायत निर्वाचन नामावली में शामिल प्रत्येक मतदाता को नौ अंकों का यूनिक स्टेट वोटर नंबर आवंटित किया गया है। इससे प्रत्येक मतदाता की अलग पहचान सुनिश्चित होगी और मतदाता सूची के सत्यापन, अद्यतन तथा निगरानी की प्रक्रिया अधिक प्रभावी बनेगी। नई व्यवस्था से डुप्लीकेट प्रविष्टियों की पहचान करने में भी सुविधा होगी, जिससे मतदाता सूची की शुद्धता और विश्वसनीयता बढ़ेगी।
- गौरव श्रीवास्तव, अपर जिलाधिकारी