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बच्चों में दिखता है देश का भविष्य, इनकी शिक्षा जरूरी : राज्यपाल

Sat, 04 Dec 2021 10:30 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sat, 04 Dec 2021 10:30 PM IST
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The future of the country is seen in the children, their education is necessary: Governor
ुसएसबी कैंप कपिलवस्तु में एसएसबी के जवान के बच्चों के हाथ से टॉफी खाती राज्यपाल आनंदीबेन पटेल। स? - फोटो : SIDDHARTHNAGAR
बच्चों में दिखता है देश का भविष्य, इनकी शिक्षा जरूरी : राज्यपाल
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सिद्धार्थनगर/बर्डपुर। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा कि बच्चों में देश का भविष्य दिखता है। इनकी शिक्षा बेहद जरूरी है। सिर्फ नौकरी के लिए नहीं, बल्कि जीवन में कैसे बोलना है और कैसे रहना है, इसके लिए भी पढ़ने की जरूरत है। वह बर्डपुर क्षेत्र के महदेवा कुर्मी प्राथमिक विद्यालय पर आयोजित कार्यक्रम में विचार व्यक्त कर रही थीं।
उन्होंने कहा कि बच्चों के अंदर बहुत ताकत होती है। उन्होंने यह कहकर हाथ उठवाया कि टीवी पर कौन बनेगा करोड़पति कौन-कौन देखता है। इस पर जब कुछ लोगों ने हाथ उठाया तो उन्होंने कहा उसमें देखें कि नौ वर्ष का बच्चा कितना ज्ञानवान है। उन्होंने कहा कि संविधान में 14 वर्ष तक शिक्षा का अधिकार दिया गया है। कोई बेटा या बेटी शिक्षा से वंचित न रहे। बच्चों को शिक्षा से वंचित रखने वाले अभिभावकों को दंडित करने का भी प्रावधान है, लेकिन सभी के सहयोग से शिक्षा के प्रति जागरूकता की जरूरत है। गुजरात का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि वहां पर पहले सिर्फ 49 प्रतिशत महिलाएं शिक्षित थीं। बाद में जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की टीम गठित कर अभियान चलाया गया। उससे प्रेरित होकर 99 प्रतिशत लोग अपने बच्चों को स्कूल भेजने लगे।
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उन्होंने कहा कि जागरूकता बेहद जरूरी है। पहले लोग हमें महंगी मूर्तियां भेंट करते थे, तब उनसे कहा कि इसकी जगह हमें पुस्तकें दीजिए, जो बच्चों के लिए पठनीय हों। हम इन पुस्तकों को स्कूल में देते हैं। पुस्तकों को स्कूल की लाइब्रेरी में रखें और बच्चों को पढ़ने के लिए दें। इनसे सीख लेकर बच्चों को कार्यक्रमों में प्रस्तुति का मौका दें, जिससे में उनमें प्रतिभाओं को विकास हो। ग्राम प्रधान स्वयं मुख्यमंत्री एवं प्रधानमंत्री की तरह कार्य करें तो लोगों को सभी सरकारी योजनाओं एवं विकास का लाभ मिल जाएगा। प्रधान आंगनबाड़ी केंद्रों पर भोजन का निरीक्षण करें और सुविधाएं विकसित करने में मदद करें। महदेवा कुर्मी प्राथमिक विद्यालय पहुंचते ही राज्यपाल ने विद्यालय परिसर में मौजूद आंगनबाड़ी केंद्र और इसके बाद स्कूल कक्ष का निरीक्षण किया। डीएम दीपक मीणा ने स्वागत और एसपी डॉ. यशवीर सिंह ने आभार प्रकट किया। स्वागत करने वालों में विधायक श्यामधनी राही, एसएसबी की कर्मी शालिनी सचान, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता गुरनाम कौर, जनकदुलारी शामिल रहीं। इस दौरान एएसपी सुरेश चंद रावत, एसडीएम विकास कश्यप, इंस्पेक्टर ब्रह्मा गौड़, थानाध्यक्ष जेपी दुबे आदि मौजूद रहे।
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‘लाभ लेने में आगे रहते हैं अपात्र’
राज्यपाल ने कहा कि जो पात्र नहीं होते, वे योजनाओं का लाभ लेने में आगे रहते हैं और जो पात्र होते हैं, वे योजना की जानकारी नहीं होने के कारण पीछे रह जाते हैं। इसी लिए सभी को आगे आकर पात्रों को योजनाओं का लाभ दिलाने का कार्य करना चाहिए।
जेल में बंद 80 फीसदी महिलाएं दहेज उत्पीड़न की आरोपित
राज्यपाल ने कहा कि वह लखनऊ की जेल में महिला कैदियों से मिलीं तो पता चला कि जेलों में बंद 80 फीसदी महिलाएं दहेज उत्पीड़न की आरोपित हैं। उनसे पूछा तो बताया कि दहेज के लिए बहु की हत्या कर दी, अब पछतावा कर रही हैं। जबकि गुजरात की जेल में कोई महिला नहीं बंद है। दहेज और बाल विवाह समाज के लिए कलंक है। इससे बचें।
लोगों से मांगे सुझाव
राज्यपाल ने लोगों से सुझाव की मांग की तो कुछ लोगों ने सरकारी की उपलब्धियां गिना डाली। वहीं एक आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ने कहा कि अब भी उन्हें मोबाइल पर ऑनलाइन के साथ ही पेपर वर्क करना पड़ता है। इस पर उन्होंने डीपीओ को पेपर वर्क खत्म करने के लिए कहा। एक आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ने कहा कि वर्ष 1991 से अब तक किसी कार्यकर्ता की प्रोन्नति नहीं हुई।
प्री स्कूल किट वितरित
राज्यपाल ने 20 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को प्री स्कूल किट वितरित की। इनमें 10 किट राजभवन लखनऊ से लाई गई थी। 10 किट स्थानीय व्यापारियों ने दी थी। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता प्रतिभा दुबे, सुशीला, गुरुनाम कौर, राधिका चौधरी, सुनीता यादव, कुसुमलता और अनु श्रीवास्तव आदि को किट दी गई। किट में प्ले बुक, ब्लैक बोर्ड, बर्तन और खिलौने आदि सामग्री शामिल थी।

सहयोग करने वाले व्यवसायी सम्मानित
किट वितरण में सहयोग करने पर राज्यपाल की तरफ से व्यवसायी अनूप छापड़िया, शोहराब, घनश्याम जायसवाल, अमित कुमार जायसवाल, अजय कुमार, अभिषेक सिंह, रामनरेश जायसवाल और अशोक अग्रवाल को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
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