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टेंडर को लेकर ठेकेदार के दो गुटों में तनातनी
ब्यूरो/अमर उजाला सिद्धार्थनगर
Updated Thu, 12 May 2016 10:40 PM IST
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कलेक्ट्रेट में पीडब्ल्यूडी के टेंडर के लिए लगी भीड़।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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ग्रामीण सड़कों की मरम्मत और निर्माण कार्य का टेंडर पाने को लेकर गुरुवार को ठेकेदारों का गुट आमने-सामने हो गया। सिद्धार्थनगर और बस्ती के ठेकेदारों के बीच कलेक्ट्रेट परिसर में जमकर नोकझोंक और हाथापाई हुई। कुर्सियां तक चलीं। मौके पर पहुंची पुलिस ने किसी तरह स्थिति को संभाला।
हंगामा कर रहे दो ठेकेदारों को पुलिस थाने ले आई। घंटों बैठाने के बाद उन्हें रिहा कर दिया गया। उधर, ठेकेदारों के विरोध के बावजूद टेंडर की प्रक्रिया जारी रही। गहमागहमी और तनावपूर्ण माहौल में देर शाम तक इस प्रक्रिया को पूरा किया गया।
पीडब्ल्यूडी के प्रांतीय खंड, निर्माण खंड-प्रथम व द्वितीय खंड में ग्रामीण सड़कों की मरम्मत और निर्माण कार्य के लिए करीब 10 करोड़ रुपये का टेंडर होना है। इसके लिए जिले के अलावा बस्ती के भी ठेकेदारों ने टेंडर फार्म जमा किए थे।
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गुरुवार को कलेक्ट्रेट परिसर में टेंडर खुलने शुरू हुए तो सिद्धार्थनगर के ठेकेदार लामबंद होकर बस्ती, गोरखपुर सहित अन्य बाहरी ठेकेदारों पर टेंडर प्रक्रिया से बाहर होने का दबाव बनाने लगे। इसे लेकर ठेकेदारों में विवाद हो गया।
तू-तू, मैं-मैं के बाद नौबत झड़प और मारपीट तक पहुंच गई। कुर्सियां भी फेंकी गई। विवाद बढ़ता देख किसी ने सूचना पुलिस को दी। मौके पर पहुंचे सदर थानाध्यक्ष शिवाकांत मिश्र ने स्थिति को नियंत्रित किया। दोनों पक्षों से एक-एक ठेकेदार को हिरासत में लेकर थाने ले गए।
बाद में ठेकेदारों का हुजूम कलेक्ट्रेट पहुंचा, जहां से थाने गए। यहां दोनों पक्षों में समझौते के बाद विवाद शांत हुआ। इस संबंध में सदर एसओ शिवाकांत मिश्र ने बताया कि विवाद की सूचना के बाद मौके पर पहुंचे थे। एक पक्ष से राजेश मिश्रा और दूसरे पक्ष से अनिल सिंह को थाने ले आए थे। बाद में दोनों पक्षों ने आपस में समझौता कर लिया।
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हंगामा कर रहे दो ठेकेदारों को पुलिस थाने ले आई। घंटों बैठाने के बाद उन्हें रिहा कर दिया गया। उधर, ठेकेदारों के विरोध के बावजूद टेंडर की प्रक्रिया जारी रही। गहमागहमी और तनावपूर्ण माहौल में देर शाम तक इस प्रक्रिया को पूरा किया गया।
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पीडब्ल्यूडी के प्रांतीय खंड, निर्माण खंड-प्रथम व द्वितीय खंड में ग्रामीण सड़कों की मरम्मत और निर्माण कार्य के लिए करीब 10 करोड़ रुपये का टेंडर होना है। इसके लिए जिले के अलावा बस्ती के भी ठेकेदारों ने टेंडर फार्म जमा किए थे।
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गुरुवार को कलेक्ट्रेट परिसर में टेंडर खुलने शुरू हुए तो सिद्धार्थनगर के ठेकेदार लामबंद होकर बस्ती, गोरखपुर सहित अन्य बाहरी ठेकेदारों पर टेंडर प्रक्रिया से बाहर होने का दबाव बनाने लगे। इसे लेकर ठेकेदारों में विवाद हो गया।
तू-तू, मैं-मैं के बाद नौबत झड़प और मारपीट तक पहुंच गई। कुर्सियां भी फेंकी गई। विवाद बढ़ता देख किसी ने सूचना पुलिस को दी। मौके पर पहुंचे सदर थानाध्यक्ष शिवाकांत मिश्र ने स्थिति को नियंत्रित किया। दोनों पक्षों से एक-एक ठेकेदार को हिरासत में लेकर थाने ले गए।
बाद में ठेकेदारों का हुजूम कलेक्ट्रेट पहुंचा, जहां से थाने गए। यहां दोनों पक्षों में समझौते के बाद विवाद शांत हुआ। इस संबंध में सदर एसओ शिवाकांत मिश्र ने बताया कि विवाद की सूचना के बाद मौके पर पहुंचे थे। एक पक्ष से राजेश मिश्रा और दूसरे पक्ष से अनिल सिंह को थाने ले आए थे। बाद में दोनों पक्षों ने आपस में समझौता कर लिया।