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सिद्धार्थनगर: समृद्ध, आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को गति देने वाला है बजट
Fri, 10 Feb 2023 12:24 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Fri, 10 Feb 2023 12:24 AM IST
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लोहिया कला भवन में आयोजित बजट संगोष्ठी व प्रबुद्ध सम्मेलन का उद्घाटन करतीं ग्राम्य विकास राज्यम
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सिद्धार्थनगर। आजादी का अमृत महोत्सव मना रहे रहे देश का अमृतकाल का यह पहला बजट है। यह समृद्ध, आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को गति देने वाला, लोक कल्याणकारी और विकसित भारत बनाने की तरफ तेजी से ले जाने वाला बजट है। ये बातें ग्राम्य विकास विभाग की राज्यमंत्री विजय लक्ष्मी गौतम ने लोहिया कला भवन में आयोजित बजट संगोष्ठी व प्रबुद्ध सम्मेलन में कहीं।
उन्होंने कहा कि इस बजट की सात प्राथमिकताएं हैं, जो सप्त ऋषि की तरह अमृतकाल के दौरान हमारा मार्गदर्शन करेंगी। पहले पांच लाख रुपये तक की आय वाले को कोई टैक्स नहीं देना पड़ता था। अब सात लाख रुपये तक की सलाना आय वालों को कोई टैक्स नहीं देना होगा। वरिष्ठ नागरिक वजन योजना के तहत 15 लाख रुपये की सीमा को बढ़ाकर 30 लाख रुपये किया गया है। पूर्व मंत्री डॉ. सतीश चंद्र द्विवेदी ने कहा कि विपक्षी इस बजट को मध्य वर्ग विरोधी बता रहे है लेकिन बजट से मध्यम वर्ग को बहुत लाभ है। कार्यकर्ता विपक्षियों के आरोपों का प्रतिरोध करें और लोगों को बजट बात बताएं। भाजपा जिलाध्यक्ष गोविंद माधव की अध्यक्षता में आयोजित गोष्ठी को पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष साधना चौधरी, कन्हैया पासवान, दिलीप चतुर्वेदी, विपिन सिंह, फतेबहादुर सिंह, दशरथ चौधरी ने संबोधित किया।
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रेलवे को मिली अब तक की सर्वाधिक धनराशि
ग्राम्य विकास विभाग की राज्यमंत्री विजय लक्ष्मी गौतम ने प्रेस वार्ता में कहा कि जनजातीय समूहों की सामाजिक-आर्थिक स्थिति में सुधार के लिए 15 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। बच्चों और किशोरों के लिए देश में राष्ट्रीय डिजीटल पुस्तकालयों की स्थापना की जाएगी, अगले तीन साल में एकलव्य स्कूलों में 38 हजार 8 सौ अध्यापकों व सहयोगी स्टाफ की नियुक्ति की जाएगी। 81 लाख स्वयं सहायता समूह के जरिए देश की ग्रामीण महिलाओं की सशक्तीकरण की तैयारी है। बजट में परिवहन मंत्रालय को 5 लाख 17 हजार करोड़ रुपये दिए गये हैं, ये पिछली बार की तुलना में 1 लाख 65 ज्यादा है। रेलवे के लिए 2.40 लाख करोड़ रुपये का पूंजी परिव्यय प्रदान किया गया है, यह अब तक का सबसे अधिक परिव्यय है, जो वर्ष 2013-14 में किए गये परिव्यय का लगभग नौ गुना अधिक है। बजट में शहरी इन्फ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा देने के लिए हर साल 10 हजार करोड़ रुपये के निवेश की योजना है।
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उन्होंने कहा कि इस बजट की सात प्राथमिकताएं हैं, जो सप्त ऋषि की तरह अमृतकाल के दौरान हमारा मार्गदर्शन करेंगी। पहले पांच लाख रुपये तक की आय वाले को कोई टैक्स नहीं देना पड़ता था। अब सात लाख रुपये तक की सलाना आय वालों को कोई टैक्स नहीं देना होगा। वरिष्ठ नागरिक वजन योजना के तहत 15 लाख रुपये की सीमा को बढ़ाकर 30 लाख रुपये किया गया है। पूर्व मंत्री डॉ. सतीश चंद्र द्विवेदी ने कहा कि विपक्षी इस बजट को मध्य वर्ग विरोधी बता रहे है लेकिन बजट से मध्यम वर्ग को बहुत लाभ है। कार्यकर्ता विपक्षियों के आरोपों का प्रतिरोध करें और लोगों को बजट बात बताएं। भाजपा जिलाध्यक्ष गोविंद माधव की अध्यक्षता में आयोजित गोष्ठी को पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष साधना चौधरी, कन्हैया पासवान, दिलीप चतुर्वेदी, विपिन सिंह, फतेबहादुर सिंह, दशरथ चौधरी ने संबोधित किया।
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ग्राम्य विकास विभाग की राज्यमंत्री विजय लक्ष्मी गौतम ने प्रेस वार्ता में कहा कि जनजातीय समूहों की सामाजिक-आर्थिक स्थिति में सुधार के लिए 15 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। बच्चों और किशोरों के लिए देश में राष्ट्रीय डिजीटल पुस्तकालयों की स्थापना की जाएगी, अगले तीन साल में एकलव्य स्कूलों में 38 हजार 8 सौ अध्यापकों व सहयोगी स्टाफ की नियुक्ति की जाएगी। 81 लाख स्वयं सहायता समूह के जरिए देश की ग्रामीण महिलाओं की सशक्तीकरण की तैयारी है। बजट में परिवहन मंत्रालय को 5 लाख 17 हजार करोड़ रुपये दिए गये हैं, ये पिछली बार की तुलना में 1 लाख 65 ज्यादा है। रेलवे के लिए 2.40 लाख करोड़ रुपये का पूंजी परिव्यय प्रदान किया गया है, यह अब तक का सबसे अधिक परिव्यय है, जो वर्ष 2013-14 में किए गये परिव्यय का लगभग नौ गुना अधिक है। बजट में शहरी इन्फ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा देने के लिए हर साल 10 हजार करोड़ रुपये के निवेश की योजना है।
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