फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Siddharthnagar News ›   The botched attack on the furnace strongly

कच्ची की भट्ठी पर हो जोरदार प्रहार

Tue, 07 Feb 2017 11:08 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला सिद्धार्थनगर
ब्यूरो/अमर उजाला सिद्धार्थनगर Updated Tue, 07 Feb 2017 11:08 PM IST
विज्ञापन
The botched attack on the furnace strongly
सिद्धार्थनगर के मिश्रौलिया क्षेत्र में बन रही कच्ची शराब। - फोटो : अमर उजाला
सिद्धार्थनगर। कच्ची शराब का धंधा जिले के लिए नासूर बन गया है। कई जिंदगियां खत्म हो गई, सैकड़ों परिवार बर्बाद हो गए। मासूमों का बचपन छिन रहा है और भविष्य अंधेरे में है। बावजूद इस गोरखधंधे पर अंकुश नहीं लग पा रहा। पुलिस-प्रशासन ने कई बार पहल की, मगर मजबूत संरक्षण के चलते नतीजा सिफर रहा। हर वर्ग आए दिन इसके विरोध में आवाज उठाता रहा है, लेकिन राजनीतिक नेतृत्व की उपेक्षा से कोई असर नहीं हो रहा। बुद्धभूमि की साख पर बट्टा लगाते इस धंधे से आहत लोग इसे नष्ट करने को लेकर मुखर हो रहे हैं। उनके लिए चुनाव में यह प्रमुख मुद्दा रहेगा।
विज्ञापन

आंकड़ों पर गौर करें तो 12 थाना क्षेत्रों के 59 गांव ऐसे हैं, जहां कच्ची शराब का धंधा फल-फूल रहा है। महिला-पुरुष के अलावा इन गांवों के तमाम बच्चों को भी इसी में लगा दिया गया है। संज्ञान में होने के बावजूद जिम्मेदार कभी भौगोलिक परिस्थिति का हवाला देकर हाथ खड़े कर देते हैं तो कभी नियम-कानून और सूचना तंत्र की खामियों से बंध जाते हैं। धंधेबाज इसका खूब लाभ उठा रहे हैं। करीब एक वर्ष पहले तत्कालीन एसपी अजय कुमार साहनी ने कच्ची के जड़ पर प्रहार करने के मकसद से ऑपरेशन मुक्तांगन शुरू किया था। जितने शोर-गुल के साथ इस अभियान की शुरुआत हुई, उतने ही तेजी से इसकी हवा भी निकल गई।
विज्ञापन

अभियान के तहत चिह्नित गांवों की महिलाओं को साथ लेकर जागरूकता अभियान छेड़ा गया था। इसके तहत उन्हें पुलिस विभाग ने कार्ड भी जारी किया। महिलाओं का दायित्व था कि गांव में शराब बनाने और पीने वालों का विरोध करें। इससे बात न बनें तो पुलिस को अवगत कराएं। बच्चों के भविष्य का हवाला देकर पुलिस ने उन्हें मोटीवेट किया था। शुरू के कुछ दिनों में तो यह अभियान सार्थक दिशा में बढ़ा भी, लेकिन बाद में वहीं ठप हो गया।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed