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31 अगस्त को सुबह 7:49 बजे तक है राखी बांधने का मुहूर्त

Tue, 29 Aug 2023 11:16 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Tue, 29 Aug 2023 11:16 PM IST
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The auspicious time for tying Rakhi is till 7:49 am on 31st August.
30 अगस्त को पूर्णिमा, भद्रा काल लगने से राखी बांधना उचित नहीं
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दुर्लभ पंचमुखी योग में पड़ रहा रक्षाबंधन पर्व

संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। हिंदू पंचांग के अनुसार रक्षाबंधन का पर्व श्रावण मास की पूर्णिमा तिथि को मनाया जाता है। इसके अलावा विश्व भर में जहां पर भी हिंदू धर्म के लोग रहते हैं, वहां इस पर्व को धूमधाम से मनाया जाता है। राखी का त्योहार भाई और बहन के प्रेम का प्रतीक है। इस दिन बहनें भाइयों की कलाई पर राखी बांधकर उनके सुख, समृद्धि और लंबी आयु की कामना करती हैं। इस बार रक्षाबंधन 31 अगस्त को मनाया जाएगा। ज्योतिष के विद्वानों के अनुसार इस बार रक्षाबंधन पर पंचमुखी योग बन रहा है, जो अद्भुत है और पूरे जनमानस के लिए कल्याणकारी साबित होगा।
ज्योतिषाचार्य योगेश पांडेय ने बताया कि इस बार रक्षाबंधन पर महा दुर्लभ संयोग 700 साल बाद बन रहा है, जो पंचमुखी योग बना रहा है। रक्षाबंधन श्रवण की पूर्णिमा तिथि में 30 अगस्त बुधवार को है, जबकि भद्रा की समाप्ति रात्रि नौ बजकर एक मिनट पर हो रहा है। इसलिए उदयकालिक पूर्णिमा तिथि 31 अगस्त गुरुवार को सुबह सात बजकर 49 मिनट के तक राखी बांधी जा सकती है। भद्रा काल में रक्षाबंधन सर्वदा वर्जित है। उन्होंने बताया कि 30 अगस्त को रक्षाबंधन पर्व दिन के 10:16 पर पूर्णिमा तिथि के साथ शुरू हो रहा है, लेकिन ज्यों ही रक्षाबंधन का पर्व शुरू होगा, तुरंत भद्रा भी शुरू हो जाएगा, जो रात्रि के नौ बजकर एक मिनट तक चलेगा। यह संयोग रक्षाबंधन के लिए उतंम नहीं है। शास्त्र विधान के अनुसार सूर्य अस्त के बाद कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिए। इस वजह से भद्रा काल के बाद रात्रि में राखी बांधना उचित नहीं होगा ।इन सब गणनाओं को देखते हुए बृहस्पतिवार सुबह 31 अगस्त को भोर होने के साथ सुबह सात बजकर 49 मिनट तक राखी बांधना उत्तम रहेगा।
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ऐसे सजाएं राखी की थाली
रक्षाबंधन पर्व पर बहनें भाइयों की कलाई पर अच्छा सूत्र बाद के उनके दीर्घायु की कामना करती हैं। वही पुरोहित अपने यजमान की कलाई पर रक्षा सूत्र बांध कर उनके दीर्घायु की कामना करते हैं । आचार्य योगेश पांडेय ने बताया कि पूजा की थाली में धूप, दीपक, रोली, अक्षत और चंदन अवश्य होना चाहिए। साथ में रक्षा सूत्र व मिठाई भी रखनी चाहिए। यदि आपके घर में बाल गोपाल स्थापित है तो रक्षाबंधन के दिन उन्हें भी राखी बांधनी चाहिए। रक्षाबंधन के दिन सबसे पहले भाई-बहन जल्दी उठकर स्नान आदि कर साफ सुथरे कपड़े पहनकर सूर्य देव को जल चढ़कर, फिर मंदिर में पूजा- अर्चन कर रक्षाबंधन कलाई पर बंधवाएं।
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