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दरगाह हजरत अब्बास में तरही शब्बेदारी का आयोजन
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डुमरियागंज क्षेत्र के हल्लौर में आयोजित शब्बेदारी में नौहा पढ़ते रजा अब्बास सुल्तानपुरी। संवा?
- फोटो : SIDDHARTHNAGAR
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दरगाह हजरत अब्बास में तरही शब्बेदारी का आयोजन
डुमरियागंज। तहसील क्षेत्र के हल्लौर स्थित दरगाह हजरत अब्बास और नौबहारगंज में रविवार रात तरही शब्बेदारी का आयोजन हुआ। मरसिया मजलिस के साथ अंजुमनों ने सारी रात नौहा और मातम किया।
कार्यक्रम की शुरुआत में अब्बास अली ने कलाम पाक की तिलावत की। उसके बाद अंबर मेहंदी और उनके सहयोगी ने मरसिया पढ़ा। मजलिस में जाकिर जमाल हैदर ने हजरत अब्बास की शहादत को बयां किया। कार्यक्रम में आकर्षण का केंद्र आजमगढ़ से आए जहीर अब्बास और सुल्तानपुर से आए नौहाखा रजा अब्बास तथा मंगलौर रुड़की से आए नौहाखा हसन मंगलोरी रहे। उन्होंने इमाम हुसैन के जांबाज बहादुर भाई हजरत अब्बास और उनकी भतीजी जनाबेसकीना की शहादत पर आधारित नौहां पढ़ा।
इसी तरह नौबहारगंज में नफीस हल्लौरी बंधु की ओर से आयोजित शब्बेदारी की शुरुआत में मरसिया मजलिस आयोजित हुई। उसे हैदरेकर्रार और जाकिर जमाल हैदर ने संबोधित किया। मजलिस के बाद नौहा मातम का सिलसिला शुरू हुआ। इसमें अंजुमन गुलदस्ता मातम, अंजुमन फरोग मातम के मातमी दस्ते ने नौहा मातम किया। कार्यक्रम रात 10 बजे शुरू होकर सोमवार की सुबह चार बजे समाप्त हुआ। इस दौरान अजीम हल्लौरी, कामयाब बबलू, रियाज गुड्डू, अब्बास अली, कसीम रिजवी, अकबर रजा, अख्तर रजा जावेद, आले रजा, नौशा, नसीम पंजतन, मेहंदी हल्लौरी मौजूद रहे।
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डुमरियागंज। तहसील क्षेत्र के हल्लौर स्थित दरगाह हजरत अब्बास और नौबहारगंज में रविवार रात तरही शब्बेदारी का आयोजन हुआ। मरसिया मजलिस के साथ अंजुमनों ने सारी रात नौहा और मातम किया।
कार्यक्रम की शुरुआत में अब्बास अली ने कलाम पाक की तिलावत की। उसके बाद अंबर मेहंदी और उनके सहयोगी ने मरसिया पढ़ा। मजलिस में जाकिर जमाल हैदर ने हजरत अब्बास की शहादत को बयां किया। कार्यक्रम में आकर्षण का केंद्र आजमगढ़ से आए जहीर अब्बास और सुल्तानपुर से आए नौहाखा रजा अब्बास तथा मंगलौर रुड़की से आए नौहाखा हसन मंगलोरी रहे। उन्होंने इमाम हुसैन के जांबाज बहादुर भाई हजरत अब्बास और उनकी भतीजी जनाबेसकीना की शहादत पर आधारित नौहां पढ़ा।
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इसी तरह नौबहारगंज में नफीस हल्लौरी बंधु की ओर से आयोजित शब्बेदारी की शुरुआत में मरसिया मजलिस आयोजित हुई। उसे हैदरेकर्रार और जाकिर जमाल हैदर ने संबोधित किया। मजलिस के बाद नौहा मातम का सिलसिला शुरू हुआ। इसमें अंजुमन गुलदस्ता मातम, अंजुमन फरोग मातम के मातमी दस्ते ने नौहा मातम किया। कार्यक्रम रात 10 बजे शुरू होकर सोमवार की सुबह चार बजे समाप्त हुआ। इस दौरान अजीम हल्लौरी, कामयाब बबलू, रियाज गुड्डू, अब्बास अली, कसीम रिजवी, अकबर रजा, अख्तर रजा जावेद, आले रजा, नौशा, नसीम पंजतन, मेहंदी हल्लौरी मौजूद रहे।
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