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Siddharthnagar News: आकार ले रहा मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट विद्यालय, छात्रों को होगी सहूलियत

Tue, 21 Jul 2026 01:04 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर Updated Tue, 21 Jul 2026 01:04 AM IST
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Taking shape Chief Minister model composite school, students will get concessions
उसका बाजार। प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी योजना के तहत उसका बाजार में बन रहे मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट विद्यालय का निर्माण कार्य प्रगति पर है। 23 करोड़ रुपये की लागत से उसका पुराने मिडिल स्कूल परिसर में निर्मित हो रहे इस विद्यालय भवन की गुणवत्तापूर्ण के लिए डीएम, बीएसए, बीईओ और डीसी निर्माण लगातार निरीक्षण कर रहे हैं। निरीक्षण के दौरान अधिकारी गण कार्य की रफ्तार धीमी न पड़े इसके लिए कार्यदायी संस्था और ठेकेदार को निर्धारित समय में काम पूरा करने के कड़े निर्देश दिए हैं।
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उसका ब्लॉक मुख्यालय स्थित बीआरसी और पुराने मिडिल स्कूल परिसर में मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट स्कूल के निर्माण कार्य में तेजी आ गई है। यहां साढ़े पांच एकड़ जमीन में बनाए जा रहे मुख्यमंत्री कंपोजिट विद्यालय को मंडलीय विद्यालय की तर्ज पर विकसित किया जाएगा, जहां छात्रों को नवोदय और केंद्रीय विद्यालय स्तर की शिक्षा उपलब्ध कराई जाएगी। साथ ही यहां कक्षा एक से 12वीं तक स्मार्ट क्लास, लैंग्वेज लेन और स्किल सेंटर संचालित किया जाएगा।
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परियोजना के तहत शिक्षण कार्य के लिए मुख्य भवन में भू-तल, प्रथम तल और द्वितीय तल रहेगा। मिड डे मील भवन के लिए भू-तल और प्रथम तल होगा, बाल-वाटिका भवन प्रथम पर इसके अलावा मल्टीपर्पज हॉल भवन, डॉरमेटरी भवन, शिक्षकों के लिए आवास, गॉर्ड रूम बना जा रहे हैं। लोक निर्माण विभाग अयोध्या खंड के देखरेख इस परियोजना का काम चल रहा है।
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जिला समन्वयक निर्माण रितेश श्रीवास्तव ने बताया कि निर्माण कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही या गुणवत्ता से समझौता नहीं किया जाएगा।

भूकंपरोधी तकनीक से बन रहा विद्यालय
बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए विद्यालय भवन का निर्माण भूकंपरोधी तकनीक से किया जा रहा है। विद्यालय में आधुनिक अग्निशमन यंत्रों की स्थापना भी की जाएगी। प्रधानाध्यापक, अध्यापक और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के लिए अलग आवासीय व्यवस्था विद्यालय प्रांगण में की जाएगी। साथ ही विद्यालय परिसर में ओपन जिम के साथ मल्टीपल एक्टिविटी हाल का निर्माण होगा। वहीं, विद्यालय में आधुनिक अवस्थापना सुविधाएं सुलभ कराई जाएंगी।


ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों को मिलेगा लाभ
उसका ब्लॉक आसपास के दर्जनों गांवों का शैक्षिक और प्रशासनिक केंद्र है। यहां तक पहुंचने के लिए ग्रामीण सड़कों का जाल मौजूद है, जिससे दूर-दराज के गांवों के बच्चों को आवागमन में सहूलियत मिलेगी। स्थानीय अभिभावकों के अनुसार, अब तक ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों को बेहतर पढ़ाई के लिए शहर भेजना पड़ता था, जिससे आर्थिक और सामाजिक दोनों तरह का दबाव परिवारों पर पड़ता था। शिक्षाविद कहते हैं कि ग्रामीण क्षेत्र के लिए यह विद्यालय अवसरों का नया द्वार खोलने वाला साबित हो सकता है। अब तक संसाधनों की कमी के कारण कई प्रतिभाशाली बच्चे आगे नहीं बढ़ पाते थे या बीच में ही पढ़ाई छोड़ देते थे। इस विद्यालय के शुरू होने से ड्रॉपआउट दर में कमी आने और छात्रों के शैक्षिक प्रदर्शन में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है। जब गांव में ही बेहतर माहौल और संसाधन मिलेंगे, तो बच्चों का आत्मविश्वास भी बढ़ेगा।
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