{"_id":"64a1bae38dbe502a5906ae96","slug":"surgery-not-done-in-emergency-for-two-days-20-pregnant-women-went-back-siddharthnagar-news-c-227-1-sgkp1032-720-2023-07-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"Siddharthnagar News: दो दिन इमरजेंसी में नहीं हुई सर्जरी, बीस गर्भवती वापस गईं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Siddharthnagar News: दो दिन इमरजेंसी में नहीं हुई सर्जरी, बीस गर्भवती वापस गईं
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बेहोशी के डॉक्टर नहीं होने से मेडिकल कॉलेज में रविवार को भी नहीं हुई कोई डिलीवरी
जिन डॉक्टरों की ड्यूटी लगाई गई वह सेवा देने ही नहीं आए
फोटो-- मेडिकल कॉलेज में आज से शुरू होगी सर्जरी
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य एवं सीएमएस डॉ. एके झा और सीएमओ डॉ. बीके अग्रवाल कागजी घोड़ा दौड़ाते रहे, लेकिन व्यवस्था नहीं बना पाए। यही वजह है कि दो दिन इमरजेंसी में एक भी सर्जरी नहीं हो पाई। स्थिति यह रही कि नार्मल डिलीवरी के केस भी वापस चले गए। परिजन प्रसूता की जान का जोखिम नहीं लेना चाहते थे। दो दिन में 20 से अधिक महिलाएं बिना प्रसव के रेफर हो गईं।
मेडिकल कॉलेज में रविवार को बेहोशी के एक भी डॉक्टर नहीं थे। संयुक्त जिला अस्पताल में बेहोशी के डॉ. विजय दुबे अवकाश पर हैं, वे सोमवार से सर्जरी कराएंगे, जबकि सीएमओ ने जिन दो डॉक्टरों की तीन तीन दिन ड्यूटी लगाई है, उनमें से किसी की भी ड्यूटी रविवार को नहीं थी। हालांकि, सीएमओ ने शनिवार को ही दोनों डॉक्टरों की ड्यूटी लगा दी थी, लेकिन मेडिकल कॉलेज में सेवाएं देने कोई नहीं आया। वहीं, सीएचसी में भी नाम मात्र की सर्जरी हो रही है। ऐसी स्थिति में रविवार को इमरजेंसी सर्जरी की व्यवस्था नहीं बन पाई।
सामान्य तौर पर मेडिकल कॉलेज में 7 से 12 नार्मल और सिजेरियन डिलीवरी होती हैं। रविवार को एक भी डिलीवरी नहीं हुई। शनिवार रात तक दो महिलाओं की डिलीवरी हुई थी। जिन महिलाओं को बिना प्रसव के वापस किया गया, उन्होंने निजी अस्पतालों में हजारों में रुपये देकर प्रसव कराया। सीएमओ डॉ. बीके अग्रवाल ने बताया कि मेडिकल कॉलेज के एमसीएच विंग में दो डॉक्टरों की ड्यूटी लगाई गई है, सोमवार से वे सेवाएं देंगे।
विज्ञापन
-- -- -- --
वर्जन
माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज में स्वास्थ्य विभाग के बेहोशी के डॉक्टर नहीं पहुंच सके, इसलिए इमरजेंसी सर्जरी नहीं हो सकी। इस मामले में मैंने शासन को पत्र लिखा है और सीएमओ से भी बात की है। सोमवार से सर्जरी शुरू हो जाएगी।
- डॉ. एके झा, प्राचार्य
विज्ञापन
जिन डॉक्टरों की ड्यूटी लगाई गई वह सेवा देने ही नहीं आए
फोटो
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य एवं सीएमएस डॉ. एके झा और सीएमओ डॉ. बीके अग्रवाल कागजी घोड़ा दौड़ाते रहे, लेकिन व्यवस्था नहीं बना पाए। यही वजह है कि दो दिन इमरजेंसी में एक भी सर्जरी नहीं हो पाई। स्थिति यह रही कि नार्मल डिलीवरी के केस भी वापस चले गए। परिजन प्रसूता की जान का जोखिम नहीं लेना चाहते थे। दो दिन में 20 से अधिक महिलाएं बिना प्रसव के रेफर हो गईं।
मेडिकल कॉलेज में रविवार को बेहोशी के एक भी डॉक्टर नहीं थे। संयुक्त जिला अस्पताल में बेहोशी के डॉ. विजय दुबे अवकाश पर हैं, वे सोमवार से सर्जरी कराएंगे, जबकि सीएमओ ने जिन दो डॉक्टरों की तीन तीन दिन ड्यूटी लगाई है, उनमें से किसी की भी ड्यूटी रविवार को नहीं थी। हालांकि, सीएमओ ने शनिवार को ही दोनों डॉक्टरों की ड्यूटी लगा दी थी, लेकिन मेडिकल कॉलेज में सेवाएं देने कोई नहीं आया। वहीं, सीएचसी में भी नाम मात्र की सर्जरी हो रही है। ऐसी स्थिति में रविवार को इमरजेंसी सर्जरी की व्यवस्था नहीं बन पाई।
विज्ञापन
सामान्य तौर पर मेडिकल कॉलेज में 7 से 12 नार्मल और सिजेरियन डिलीवरी होती हैं। रविवार को एक भी डिलीवरी नहीं हुई। शनिवार रात तक दो महिलाओं की डिलीवरी हुई थी। जिन महिलाओं को बिना प्रसव के वापस किया गया, उन्होंने निजी अस्पतालों में हजारों में रुपये देकर प्रसव कराया। सीएमओ डॉ. बीके अग्रवाल ने बताया कि मेडिकल कॉलेज के एमसीएच विंग में दो डॉक्टरों की ड्यूटी लगाई गई है, सोमवार से वे सेवाएं देंगे।
विज्ञापन
वर्जन
माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज में स्वास्थ्य विभाग के बेहोशी के डॉक्टर नहीं पहुंच सके, इसलिए इमरजेंसी सर्जरी नहीं हो सकी। इस मामले में मैंने शासन को पत्र लिखा है और सीएमओ से भी बात की है। सोमवार से सर्जरी शुरू हो जाएगी।
- डॉ. एके झा, प्राचार्य