{"_id":"5e1616a58ebc3e88195bbe67","slug":"state-workers-on-strike-siddharthnagar-news-gkp3364563171","type":"story","status":"publish","title_hn":"कर्मचारियों की बंदी से विभागों व बैंकों में लटके ताले","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कर्मचारियों की बंदी से विभागों व बैंकों में लटके ताले
विज्ञापन
कलेक्ट्रेट परिसर में धरना देते कर्मचारी
- फोटो : SIDDHARTHNAGAR
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कामकाज ठप होने से बैंकों में लटके ताले
कर्मचारियों ने कार्य बहिष्कार कर कलेक्ट्रेट परिसर में दिया धरना
पुरानी पेंशन बहाली समेत 16 सूत्री मांगों के समर्थन में कर्मचारियों ने भरी हुंकार
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। केंद्रीय श्रम संगठनों के आह्वान पर एक दिवसीय देशव्यापी आंदोलन के चलते जिले में सभी सरकारी विभागों व बैंकों पर ताले लटके रहे। कर्मचारियों ने कार्य बहिष्कार व तालाबंदी कर कलेक्ट्रेट परिसर में धरना दिया। साथ ही पुरानी पेंशन बहाली समेत 16 सूत्री मांगों के समर्थन में हुंकार भरी।
कर्मचारियों के आंदोलनरत रहने से जिला मुख्यालय पर स्थित कलेक्ट्रेट, विकास भवन, जिला पंचायत, कृषि भवन, बिजली विभाग समेत सभी सरकारी कार्यालयों और बैंकों में ताले लटके रहे। कार्य बहिष्कार व कार्यालयों में तालाबंदी कर कर्मचारियों ने कलेक्ट्रेट परिसर में धरना दिया। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के अध्यक्ष अनिल सिंह ने कहा कि मांगे पूरी होने तक कर्मचारी आंदोलनरत रहेंगे। कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष श्रीपति मौर्या ने कहा कि सरकारी को मांगे पूरी करनी ही होगी। धरना के बाद कर्मचारियों ने प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन प्रशासनिक अधिकारी शिवपूजन को सौंप कर सभी के लिए न्यूनतम वेतन 21 हजार रुपये प्रतिमाह कर इसे मूल्य सूचकांक से जोड़ने, ठेका प्रथा बंद कर सभी कर्मियों को नियमित करने आदि समस्याओं के जल्द निदान करने की मांग की।
इस दौरान जिला मंत्री सुजीत कुमार जायसवाल, मंडल मंत्री अरूण कुमार प्रजापति, विकास भवन कर्मचारी संघ के हरिश्चंद्र पांडेय, परमात्मा यादव, कमलेश यादव, सेवानिवृत्त कर्मचारी संघ के अवधेश यादव, भूपेश शुक्ला, सिंचाई संघ के राजेश श्रीवास्तव, इंजीनियर्स संघ के संतोष त्रिपाठी, सफाईकर्मी संघ के लालजी गौतम, भोलानाथ पाठक, ओमप्रकाश पाठक, मिड-डे-मिल रसोइया संघ के विजय नाथ तिवारी, तेज प्रकाश, यूपी एमएसआरए के अरुण पाठक, संजय पांडेय, विवेकमणि त्रिपाठी, आलोक चौधरी, राम उजागिर, जय गोविंद धर दुबे, शिवनरायन, मोहसिन, अंकित शुक्ला, सुमंत उपाध्याय, दीपक तिवारी, विधान पांडेय, रिपुंजय राय, विनय तिवारी आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
जरूरी काम के लिए लोग परेशान रहे
कर्मचारियों के आंदोलन से किसी कार्य से तहसील, बैंक, विकास भवन आदि सरकारी कार्यालय पहुंचे लेकिन उन्हें निराश होकर लौटना पड़ा। तहसील नौगढ़ पहुंचे राम प्रसाद, राकेश व हरिबंश का कहना था कि एक तो ठंड का मौसम, दूसरे बूंदाबांदी के बीच यहां काम से आए थे, लेकिन हड़ताल होने से काम नहीं हुआ। इसके साथ कृषि विभाग, विद्युत व ब्लॉकों आदि पर पहुंचे लोग कार्य न होने से परेशान रहे और इंतजार के बाद वापस घर लौट गए।
हड़ताल कर सरकार के खिलाफ जताया विरोध
बांसी। केंद्रीय श्रम संगठनों के नेतृत्व में ऑल इंडिया इंश्योरेंस इंप्लाइज एसोसिएशन के आह्वान पर एलआईसी बांसी में कार्यरत एसोसिएशन के सभी सदस्य बुधवार को एक दिवसीय हड़ताल पर रहे। पुरानी पेंशन लागू करना, श्रम कानून में बदलाव पर रोक लगाना, इंश्योरेंस प्रीमियम पर जीएसटी वापस लेना, महिलाओं पर हो रहे अत्याचार पर सख्त कानून बनाने आदि मुद्दों को लेकर प्रदर्शन किए। इस दौरान सरकार के खिलाफ लोगों ने नारेबाजी भी। कार्यक्रम में अध्यक्ष हरिचरण, मंत्री मोहम्मद असलम हसन, राम धीरज त्रिपाठी, अविनाश कुमार, बाबूलाल प्रसाद, संजय कुमार, आलोक कुमार शर्मा ,पंकज श्रीवास्तव, श्याम सुंदर आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
कर्मचारियों ने कार्य बहिष्कार कर कलेक्ट्रेट परिसर में दिया धरना
पुरानी पेंशन बहाली समेत 16 सूत्री मांगों के समर्थन में कर्मचारियों ने भरी हुंकार
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। केंद्रीय श्रम संगठनों के आह्वान पर एक दिवसीय देशव्यापी आंदोलन के चलते जिले में सभी सरकारी विभागों व बैंकों पर ताले लटके रहे। कर्मचारियों ने कार्य बहिष्कार व तालाबंदी कर कलेक्ट्रेट परिसर में धरना दिया। साथ ही पुरानी पेंशन बहाली समेत 16 सूत्री मांगों के समर्थन में हुंकार भरी।
कर्मचारियों के आंदोलनरत रहने से जिला मुख्यालय पर स्थित कलेक्ट्रेट, विकास भवन, जिला पंचायत, कृषि भवन, बिजली विभाग समेत सभी सरकारी कार्यालयों और बैंकों में ताले लटके रहे। कार्य बहिष्कार व कार्यालयों में तालाबंदी कर कर्मचारियों ने कलेक्ट्रेट परिसर में धरना दिया। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के अध्यक्ष अनिल सिंह ने कहा कि मांगे पूरी होने तक कर्मचारी आंदोलनरत रहेंगे। कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष श्रीपति मौर्या ने कहा कि सरकारी को मांगे पूरी करनी ही होगी। धरना के बाद कर्मचारियों ने प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन प्रशासनिक अधिकारी शिवपूजन को सौंप कर सभी के लिए न्यूनतम वेतन 21 हजार रुपये प्रतिमाह कर इसे मूल्य सूचकांक से जोड़ने, ठेका प्रथा बंद कर सभी कर्मियों को नियमित करने आदि समस्याओं के जल्द निदान करने की मांग की।
विज्ञापन
इस दौरान जिला मंत्री सुजीत कुमार जायसवाल, मंडल मंत्री अरूण कुमार प्रजापति, विकास भवन कर्मचारी संघ के हरिश्चंद्र पांडेय, परमात्मा यादव, कमलेश यादव, सेवानिवृत्त कर्मचारी संघ के अवधेश यादव, भूपेश शुक्ला, सिंचाई संघ के राजेश श्रीवास्तव, इंजीनियर्स संघ के संतोष त्रिपाठी, सफाईकर्मी संघ के लालजी गौतम, भोलानाथ पाठक, ओमप्रकाश पाठक, मिड-डे-मिल रसोइया संघ के विजय नाथ तिवारी, तेज प्रकाश, यूपी एमएसआरए के अरुण पाठक, संजय पांडेय, विवेकमणि त्रिपाठी, आलोक चौधरी, राम उजागिर, जय गोविंद धर दुबे, शिवनरायन, मोहसिन, अंकित शुक्ला, सुमंत उपाध्याय, दीपक तिवारी, विधान पांडेय, रिपुंजय राय, विनय तिवारी आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
जरूरी काम के लिए लोग परेशान रहे
कर्मचारियों के आंदोलन से किसी कार्य से तहसील, बैंक, विकास भवन आदि सरकारी कार्यालय पहुंचे लेकिन उन्हें निराश होकर लौटना पड़ा। तहसील नौगढ़ पहुंचे राम प्रसाद, राकेश व हरिबंश का कहना था कि एक तो ठंड का मौसम, दूसरे बूंदाबांदी के बीच यहां काम से आए थे, लेकिन हड़ताल होने से काम नहीं हुआ। इसके साथ कृषि विभाग, विद्युत व ब्लॉकों आदि पर पहुंचे लोग कार्य न होने से परेशान रहे और इंतजार के बाद वापस घर लौट गए।
हड़ताल कर सरकार के खिलाफ जताया विरोध
बांसी। केंद्रीय श्रम संगठनों के नेतृत्व में ऑल इंडिया इंश्योरेंस इंप्लाइज एसोसिएशन के आह्वान पर एलआईसी बांसी में कार्यरत एसोसिएशन के सभी सदस्य बुधवार को एक दिवसीय हड़ताल पर रहे। पुरानी पेंशन लागू करना, श्रम कानून में बदलाव पर रोक लगाना, इंश्योरेंस प्रीमियम पर जीएसटी वापस लेना, महिलाओं पर हो रहे अत्याचार पर सख्त कानून बनाने आदि मुद्दों को लेकर प्रदर्शन किए। इस दौरान सरकार के खिलाफ लोगों ने नारेबाजी भी। कार्यक्रम में अध्यक्ष हरिचरण, मंत्री मोहम्मद असलम हसन, राम धीरज त्रिपाठी, अविनाश कुमार, बाबूलाल प्रसाद, संजय कुमार, आलोक कुमार शर्मा ,पंकज श्रीवास्तव, श्याम सुंदर आदि मौजूद रहे।