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Siddharthnagar News: कभी सन्नाटा तो अब नेशनल व इंटरनेशनल लेबल पर पहचान बना रहे क्रिकेट खिलाड़ी
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वीरेंद्र ग्रामीण स्टेडियम में क्रिकेट की प्रैक्टिस करते खिलाड़ी। संवाद
-अकादमी का हिस्सा बनकर कम उम्र में ही बच्चे सीख रहे क्रिकेट की बारीकियां
-गौतमबुद्ध क्रिकेट अकादमी में प्रतिदिन 50 से अधिक खिलाड़ी करते हैं प्रैक्टिस
-आठ वर्ष पहले तक जिले में नहीं थे क्रिकेट खिलाड़ी, अब जिले का बढ़ रहा मान
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। क्रिकेट के प्रति दीवानगी युवाओं के साथ-साथ बच्चों में भी बढ़ती जा रही है। यही कारण है कि छोटी उम्र में ही जिले में स्थित क्रिकेट अकादमी का हिस्सा बनकर बच्चे प्रशिक्षण ले रहे हैं। स्कूल और कॉलेज के साथ-साथ विश्वविद्यालय स्तर पर चौके-छक्के लगाकर और गेंदबाजी की फिरकी घुमाकर माता-पिता का नाम रोशन कर रहे हैं। जबकि आठ वर्ष पहले तक जिले में प्रदेश स्तर का भी कोई खिलाड़ी नहीं था। अब बोर्ड ट्राॅफी से लेकर इंटरनेशनल तक अपनी पहचान बना रहे हैं।
अकादमी में रोजाना प्रैक्टिस करने वाले खिलाड़ियों की संख्या 50 तक पहुंच गई है। इसके अलावा छुट्टियों में यह आंकड़ा बढ़ जाता है। वीरेंद्र ग्रामीण स्टेडियम शोहरतगढ़ व जिला मुख्यालय में प्रैक्टिस कर रहे युवा क्रिकेटर अपनी प्रतिभा निखार रहे हैं। कोच विवेक मणि त्रिपाठी ने बताया कि आठ वर्षों से चल रही अकादमी में अब तक दर्जनों खिलाड़ियों ने अच्छे-अच्छे टूर्नामेंट में दमदार प्रदर्शन कर लोगों को चौंकाया है।
यहां से अब तक दो खिलाड़ी इंटरनेशनल, छह खिलाड़ियों ने बोर्ड ट्राॅफी और एक महिला खिलाड़ी ने रणजी ट्राॅफी में जगह सुनिश्चित की है। अकादमी की बात करें तो कम उम्र के युवा भी अपना बेस मजबूत करने के लिए ग्राउंड में पसीना बहा रहे हैं। खेलने का मौका मिलने पर अपनी टीम के लिए रन भी जोड़ रहे हैं। खिलाड़ी शिक्षित होने के लिए पहले अपने विद्यालय में समय दे रहे हैं। उसके बाद अपनी क्रिकेट किट के साथ मैदान में पहुंच रहे हैं।
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ताबिस दो बार लगा चुका है दोहरा शतक
वर्ष 2017 से अकादमी में प्रशिक्षण ले रहे खिलाड़ी मो. ताबिस बोर्ड ट्रॉफी के सेलेक्शन मैच में दोहरा शतक लगा चुके हैं। हरफनमौला खेल का प्रदर्शन करते हुए इसी मैच में तीन विकेट भी चटकाया था। अब तक वह कई शतक व अर्धशतक लगाने के साथ 50 विकेट भी ले चुके हैं। जबकि अंडर-16 में खेलते हुए ताबिश ने एक बार फिर 220 रनों की पारी खेली थी। वहीं इस ट्राॅफी में एक बार बालिंग करने का मौका मिलने पर दो विकेट भी चटकाए। शतक लगाने पर ही अंडर-16 के कैंप में चयन भी मिला था।
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सात खिलाड़ी लगा चुके हैं दोहरा शतक
अकादमी में प्रैक्टिस कर रहे अर्जुन साहनी, प्रिंस रंजन, शब्बीर रज्जा, आयुष श्रीवास्तव, सौरभ गुप्ता, मो. ताबिस व मानस सिंह अपनी टीम की तरफ से खेलते हुए दोहरा शतक लगा चुके हैं। वहीं अकादमी में प्रैक्टिस करने वाले खिलाड़ियों में शतक व अर्धशतक लगाने वाले खिलाड़ियों की संख्या दर्जन भर से अधिक हैं। युवाओं में क्रिकेट का ऐसा खुमार देखकर अनुमान लगाया जा रहा है कि जल्द ही कई खिलाड़ी उच्च स्तर की क्रिकेट प्रतियोगिताओं में जिले का मान बढ़ाएंगे।
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कोट
क्रिकेट का रुझान बढ़ता जा रहा है। अगर छोटी उम्र से ही खिलाड़ियों का बेस तैयार किया जाए तो बेहतरीन खिलाड़ी तैयार होते हैं। इसके लिए उनका बेस तैयार होना जरूरी है। खिलाड़ी को सबसे पहले बल्ला पकड़ना, गेंद फेंकने में कलाई के इस्तेमाल के साथ अन्य बेसिक जानकारी जरूरी होती है। इसकी बदौलत ही खिलाड़ी बेहतर प्रदर्शन करके जिले का नाम रोशन कर रहे हैं।
-विपिन मणि त्रिपाठी, कोच
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-गौतमबुद्ध क्रिकेट अकादमी में प्रतिदिन 50 से अधिक खिलाड़ी करते हैं प्रैक्टिस
-आठ वर्ष पहले तक जिले में नहीं थे क्रिकेट खिलाड़ी, अब जिले का बढ़ रहा मान
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। क्रिकेट के प्रति दीवानगी युवाओं के साथ-साथ बच्चों में भी बढ़ती जा रही है। यही कारण है कि छोटी उम्र में ही जिले में स्थित क्रिकेट अकादमी का हिस्सा बनकर बच्चे प्रशिक्षण ले रहे हैं। स्कूल और कॉलेज के साथ-साथ विश्वविद्यालय स्तर पर चौके-छक्के लगाकर और गेंदबाजी की फिरकी घुमाकर माता-पिता का नाम रोशन कर रहे हैं। जबकि आठ वर्ष पहले तक जिले में प्रदेश स्तर का भी कोई खिलाड़ी नहीं था। अब बोर्ड ट्राॅफी से लेकर इंटरनेशनल तक अपनी पहचान बना रहे हैं।
अकादमी में रोजाना प्रैक्टिस करने वाले खिलाड़ियों की संख्या 50 तक पहुंच गई है। इसके अलावा छुट्टियों में यह आंकड़ा बढ़ जाता है। वीरेंद्र ग्रामीण स्टेडियम शोहरतगढ़ व जिला मुख्यालय में प्रैक्टिस कर रहे युवा क्रिकेटर अपनी प्रतिभा निखार रहे हैं। कोच विवेक मणि त्रिपाठी ने बताया कि आठ वर्षों से चल रही अकादमी में अब तक दर्जनों खिलाड़ियों ने अच्छे-अच्छे टूर्नामेंट में दमदार प्रदर्शन कर लोगों को चौंकाया है।
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यहां से अब तक दो खिलाड़ी इंटरनेशनल, छह खिलाड़ियों ने बोर्ड ट्राॅफी और एक महिला खिलाड़ी ने रणजी ट्राॅफी में जगह सुनिश्चित की है। अकादमी की बात करें तो कम उम्र के युवा भी अपना बेस मजबूत करने के लिए ग्राउंड में पसीना बहा रहे हैं। खेलने का मौका मिलने पर अपनी टीम के लिए रन भी जोड़ रहे हैं। खिलाड़ी शिक्षित होने के लिए पहले अपने विद्यालय में समय दे रहे हैं। उसके बाद अपनी क्रिकेट किट के साथ मैदान में पहुंच रहे हैं।
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ताबिस दो बार लगा चुका है दोहरा शतक
वर्ष 2017 से अकादमी में प्रशिक्षण ले रहे खिलाड़ी मो. ताबिस बोर्ड ट्रॉफी के सेलेक्शन मैच में दोहरा शतक लगा चुके हैं। हरफनमौला खेल का प्रदर्शन करते हुए इसी मैच में तीन विकेट भी चटकाया था। अब तक वह कई शतक व अर्धशतक लगाने के साथ 50 विकेट भी ले चुके हैं। जबकि अंडर-16 में खेलते हुए ताबिश ने एक बार फिर 220 रनों की पारी खेली थी। वहीं इस ट्राॅफी में एक बार बालिंग करने का मौका मिलने पर दो विकेट भी चटकाए। शतक लगाने पर ही अंडर-16 के कैंप में चयन भी मिला था।
सात खिलाड़ी लगा चुके हैं दोहरा शतक
अकादमी में प्रैक्टिस कर रहे अर्जुन साहनी, प्रिंस रंजन, शब्बीर रज्जा, आयुष श्रीवास्तव, सौरभ गुप्ता, मो. ताबिस व मानस सिंह अपनी टीम की तरफ से खेलते हुए दोहरा शतक लगा चुके हैं। वहीं अकादमी में प्रैक्टिस करने वाले खिलाड़ियों में शतक व अर्धशतक लगाने वाले खिलाड़ियों की संख्या दर्जन भर से अधिक हैं। युवाओं में क्रिकेट का ऐसा खुमार देखकर अनुमान लगाया जा रहा है कि जल्द ही कई खिलाड़ी उच्च स्तर की क्रिकेट प्रतियोगिताओं में जिले का मान बढ़ाएंगे।
कोट
क्रिकेट का रुझान बढ़ता जा रहा है। अगर छोटी उम्र से ही खिलाड़ियों का बेस तैयार किया जाए तो बेहतरीन खिलाड़ी तैयार होते हैं। इसके लिए उनका बेस तैयार होना जरूरी है। खिलाड़ी को सबसे पहले बल्ला पकड़ना, गेंद फेंकने में कलाई के इस्तेमाल के साथ अन्य बेसिक जानकारी जरूरी होती है। इसकी बदौलत ही खिलाड़ी बेहतर प्रदर्शन करके जिले का नाम रोशन कर रहे हैं।
-विपिन मणि त्रिपाठी, कोच