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बोर्ड परीक्षा में आपत्तियों के निस्तारण की प्रक्रिया सुस्त
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बोर्ड परीक्षा में आपत्तियों के निस्तारण की प्रक्रिया सुस्त
सिद्धार्थनगर। माध्यमिक शिक्षा परिषद की ओर से आयोजित होने वाले इंटरमीडिएट और हाईस्कूल की परीक्षा के लिए केंद्रों की सूची जारी कर दी गई। जिले में 94 केंद्र बनाए गए हैं। केंद्रों पर दो दिन में आपत्ति मांगी गई थी। 80 से अधिक आपत्तियां आई थीं, मगर अब तक सभी का निस्तारण नहीं हो पाया है। जांच रिपोर्ट के आधार पर निर्णय लिया जाएगा।
माध्यमिक शिक्षा परिषद की ओर से परीक्षा के लिए केंद्रों के निर्धारण के लिए जनवरी के प्रथम सप्ताह में सूची जारी की गई थी। जिले में राजकीय, सहायता प्राप्त, वित्तविहीन के 201 विद्यालय संचालित हो रहे हैं। उनकी ओर से केंद्र बनाने के लिए ऑनलाइन आवेदन किया था। उसके बाद 94 विद्यालयों को केंद्र बनाने के लिए सूची जारी कर दी है। 13 जनवरी तक दो दिन आपत्ति के लिए समय दिया गया है। आपत्ति मिलने के बाद जिलाधिकारी के निर्देश पर गठित टीम की ओर से आपत्तियों की जांच की जानी थी। आंकड़ों के मुताबिक, 80 से अधिक आपत्तियां आई थीं। कमेटी की ओर से जांच करके रिपोर्ट बोर्ड को भेजी जानी थी।
मगर इसी बीच आचार संहिता लागू हो गई। इस लिए फरवरी में परीक्षा कराने के कयास पर विराम लगा गया। इस लिए जांच की रफ्तार धीमी है। बताया जा रहा है कि आपत्तियों के निस्तारण की प्रक्रिया सुस्त होने के कारण केंद्र निर्धारण में भी देर होगी। विभाग के मुताबिक, केंद्र बनाने के लिए ज्यादातर आपत्तियां दी गई हैं। कुछ लोगों ने केंद्र हटाने के लिए आपत्ति दी है। वहीं, कुछ शिकायत अधिक दूरी पर केंद्र बनाने और मानक विहीन होने की आपत्ति की है। माना जा रहा है कि इनके जांच में कई विद्यालय के केंद्र बनने के राह मुश्किल हो जाएगी। जिला विद्यालय निरीक्षक अवधेश नरायन मौर्य ने बताया कि बोर्ड के मानक के अनुरूप और होगा, फिर वहां से केंद्र के निर्धारण का काम होगा।
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सिद्धार्थनगर। माध्यमिक शिक्षा परिषद की ओर से आयोजित होने वाले इंटरमीडिएट और हाईस्कूल की परीक्षा के लिए केंद्रों की सूची जारी कर दी गई। जिले में 94 केंद्र बनाए गए हैं। केंद्रों पर दो दिन में आपत्ति मांगी गई थी। 80 से अधिक आपत्तियां आई थीं, मगर अब तक सभी का निस्तारण नहीं हो पाया है। जांच रिपोर्ट के आधार पर निर्णय लिया जाएगा।
माध्यमिक शिक्षा परिषद की ओर से परीक्षा के लिए केंद्रों के निर्धारण के लिए जनवरी के प्रथम सप्ताह में सूची जारी की गई थी। जिले में राजकीय, सहायता प्राप्त, वित्तविहीन के 201 विद्यालय संचालित हो रहे हैं। उनकी ओर से केंद्र बनाने के लिए ऑनलाइन आवेदन किया था। उसके बाद 94 विद्यालयों को केंद्र बनाने के लिए सूची जारी कर दी है। 13 जनवरी तक दो दिन आपत्ति के लिए समय दिया गया है। आपत्ति मिलने के बाद जिलाधिकारी के निर्देश पर गठित टीम की ओर से आपत्तियों की जांच की जानी थी। आंकड़ों के मुताबिक, 80 से अधिक आपत्तियां आई थीं। कमेटी की ओर से जांच करके रिपोर्ट बोर्ड को भेजी जानी थी।
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मगर इसी बीच आचार संहिता लागू हो गई। इस लिए फरवरी में परीक्षा कराने के कयास पर विराम लगा गया। इस लिए जांच की रफ्तार धीमी है। बताया जा रहा है कि आपत्तियों के निस्तारण की प्रक्रिया सुस्त होने के कारण केंद्र निर्धारण में भी देर होगी। विभाग के मुताबिक, केंद्र बनाने के लिए ज्यादातर आपत्तियां दी गई हैं। कुछ लोगों ने केंद्र हटाने के लिए आपत्ति दी है। वहीं, कुछ शिकायत अधिक दूरी पर केंद्र बनाने और मानक विहीन होने की आपत्ति की है। माना जा रहा है कि इनके जांच में कई विद्यालय के केंद्र बनने के राह मुश्किल हो जाएगी। जिला विद्यालय निरीक्षक अवधेश नरायन मौर्य ने बताया कि बोर्ड के मानक के अनुरूप और होगा, फिर वहां से केंद्र के निर्धारण का काम होगा।
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