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Siddharthnagar News: साहब! हम जिंदा हैं, जिम्मेदारों ने कागज में मार दिया

Fri, 16 Feb 2024 12:10 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर Updated Fri, 16 Feb 2024 12:10 AM IST
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Sir! We are alive, those responsible killed us in the paper
तुलसियापुर। साहब! मैं जिंदा हूं, कागजों में मुझे मृत दिखाकर मेरी वृद्धावस्था पेंशन बंद कर दी गई है। छह माह से पेंशन के लिए भटक रही हूं, कोई सुनने वाला नहीं है। ये गुहार बढ़नी ब्लॉक के लोहटी निवासी श्रीराम (80) व सावित्री (71) पत्नी राम करन ने लगाई है। उन्होंने बताया कि पंचायत सहायक व सचिव की लापरवाही से उनका वृद्धा पेंशन बंद कर दिया गया है। पंचायत सहायक ने अपनी गलती स्वीकार कर ली है और हर्जाने के रूप में 10 हजार रुपये घूस देने की बात भी कही है। सचिव वित्तीय अनियमितता में गत दिनों निलंबित हो चुके हैं।
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वृद्धा पेंशन में सरकारी सिस्टम की बड़ी लापरवाही सामने आई है। बढ़नी ब्लॉक के लोहटी में दो वृद्धजन ऐसे हैं जो पिछले कई वर्षों से वृद्धा पेंशन का लाभ ले रहे थे, लेकिन ग्राम सचिव ने जिंदा होने के बावजूद उन्हें कागजों में मृत दर्शाकर पेंशन बंद करवा दी है। बढ़नी ब्लॉक के लोहटी की सावित्री ने बताया कि वह जिंदा हैं। इसके बाद भी इसी साल हुए सत्यापन में उन्हें मृत दिखा दिया गया। उन्हें वर्ष 2023 तक पेंशन मिलती रही है। उन्होंने अपने जीवित होने का प्रमाण पत्र देते हुए जिला समाज कल्याण अधिकारी के नाम प्रार्थना पत्र दिया। जिसमें बुढ़ापे के सहारे के लिए पेंशन दिलाने की गुहार लगाई हैं।
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लोहटी गांव के ही श्रीराम ने बताया कि उन्हें लगातार पेंशन मिलती चली आ रही है। इस वित्तीय वर्ष से उन्हें पेंशन की धनराशि नहीं मिली। जब विभाग में आकर जानकारी की गई तो पता चला उन्हें अपात्र दर्शा दिया गया है। साथ ही एक अन्य रिपोर्ट में उनके जीवित न होने की बात कही गई है। इसके लेकर उसने समाज कल्याण अधिकारी को पत्र देकर पेंशन दिलाने की गुहार लगाई है।
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लोहटी की पंचायत सहायक कविता पासवान से बताया कि उन्होंने सत्यापन के दौरान ही गलती हो गई थी। जिसके कारण दोनों बुजुर्गों की पेंशन कट गई है। लेकिन उन्होंने तत्कालीन सचिव पर भी लापरवाही का आरोप लगाते हुए उनपर ग्राम प्रधान की मौजूदगी में जिले पर 10 हजार रुपये घूस दिलवाने की बात कही है।

जीवित व्यक्ति को मृत बता देना बड़ी लापरवाही है। ऐसा कोई मामला उनके संज्ञान में नहीं आया है। अगर हुआ है तो जांच करवाकर कार्रवाई की जाएगी।

-श्याम मनोहर मुरली मिश्र, बीडीओ बढ़नी
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