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Siddharthnagar News: वन गमन देख भावविभोर हुए दर्शक
Sat, 15 Nov 2025 12:21 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Sat, 15 Nov 2025 12:21 AM IST
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भनवापुर क्षेत्र के चौखड़ा में श्रीरामलीला का मंचन करते कलाकार। संवाद
भनवापुर। क्षेत्र के चौखड़ा में चल रही ऐतिहासिक रामलीला कार्यक्रम में बृहस्पतिवार को रात कलाकारों ने राम वन गमन की लीला का मंचन किया। राजा दशरथ अपने सिंहासन पर दर्पण में अपना मुख देखे हैं और प्रजा को बुलाकर रामचंद्र को राजा बनाने के लिए राय मांगते हैं। प्रजा रामचंद्र का नाम सुनकर खुशी से झूम उठती है।
इस बीच रानी कैकई की दासी मंथरा यह सुनने के बाद रानी के पास जाकर उनको समझाती है। इसके बाद रानी कैकई कोप भवन में चली जाती है। राजा के साथ पहुंचते हैं। रानी को देखकर वह उनसे हाल-चाल पूछते हैं, तब रानी उनसे दो वरदान मांगती है। राम की शपथ लेकर राजा दशरथ वरदान देने को कहते हैं। तब रानी उनसे कहती है कि मेरे बेटे भरत को राजगद्दी और राम को 14 वर्ष का वनवास हो।
राम को वनवास भेजने की बात सुन राजा दशरथ मूर्छित हो जाते हैं। यह खबर पूरे प्रजा में फैल जाती है। अयोध्या वासी सभी दुखी हो जाते हैं। रामचंद्र माता कौशल्या से आजा लेते हैं कि सीता जीवित तैयार हो जाती है। राम और सीता को बन जाने के लिए तैयार देख लक्ष्मण भी अपनी माता सुमित्रा और पत्नी से वन जाने के लिए कहते हैं। दोनों लोग उन्हें भी भेज देते हैं।
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इस बीच रानी कैकई की दासी मंथरा यह सुनने के बाद रानी के पास जाकर उनको समझाती है। इसके बाद रानी कैकई कोप भवन में चली जाती है। राजा के साथ पहुंचते हैं। रानी को देखकर वह उनसे हाल-चाल पूछते हैं, तब रानी उनसे दो वरदान मांगती है। राम की शपथ लेकर राजा दशरथ वरदान देने को कहते हैं। तब रानी उनसे कहती है कि मेरे बेटे भरत को राजगद्दी और राम को 14 वर्ष का वनवास हो।
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राम को वनवास भेजने की बात सुन राजा दशरथ मूर्छित हो जाते हैं। यह खबर पूरे प्रजा में फैल जाती है। अयोध्या वासी सभी दुखी हो जाते हैं। रामचंद्र माता कौशल्या से आजा लेते हैं कि सीता जीवित तैयार हो जाती है। राम और सीता को बन जाने के लिए तैयार देख लक्ष्मण भी अपनी माता सुमित्रा और पत्नी से वन जाने के लिए कहते हैं। दोनों लोग उन्हें भी भेज देते हैं।
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