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Siddharthnagar News: कृष्ण जन्म की कथा सुन भावविभोर हुए दर्शक
Tue, 11 Nov 2025 11:16 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Tue, 11 Nov 2025 11:16 PM IST
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इटवा के ग्राम ऊंचडीह में भागवत कथा कहते कथावाचक स्वामी उत्तम कृष्ण शास्त्री। स्रोत विज्ञप्ति
इटवा। विकास खंड खुनियांव के ग्राम ऊंचडीह में श्रीमद्भागवत कथा के पांचवें दिन उत्तम कृष्ण शास्त्री ने भगवान कृष्ण की कथा सुनाई । इसमें भगवान कृष्ण के जन्म के बाद पृथ्वी पर आई खुशहाली के बारे में विस्तार से जानकारी दी। कथा सुनकर दर्शक भावविभोर हो गए।
सोमवार की रात कथा में उन्होंने कहा कि जब-जब इस धरती पर पाप बढ़ता है। अधर्म बढ़ता है तब तब भगवान अवतार लेते हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि कंस के अत्याचार से संत ब्राह्मण गो आदि समस्त पृथ्वी के जीव त्राहि-त्राहि करने लगे। तब सभी देवताओं ने भगवान से जाकर प्रार्थना की कि प्रभु जल्दी से आप अवतार लेकर पृथ्वी पर आएं और दुखों को दूर करें। तब देवकी के गर्भ से भगवान पैदा हुए। राजा कंस के डर से बच्चे के पिता वासुदेव ने मथुरा के कारागार से रातों-रात बालकृष्ण भगवान को गोकुल में पहुंचाकर और वहां से उसी समय में पैदा हुई कन्या को उठा लाए।
इधर कंस को पता चला कि कारागार में मुझे मारने वाले आठवें शिशु ने जन्म ले लिया तो वह वहां पहुंचकर कन्या को मारने के लिए छीन लिया और पटककर मारना चाहा। तभी वह कन्या हाथ से उछलकर आकाश में जाकर गायब हो गई।
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सोमवार की रात कथा में उन्होंने कहा कि जब-जब इस धरती पर पाप बढ़ता है। अधर्म बढ़ता है तब तब भगवान अवतार लेते हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि कंस के अत्याचार से संत ब्राह्मण गो आदि समस्त पृथ्वी के जीव त्राहि-त्राहि करने लगे। तब सभी देवताओं ने भगवान से जाकर प्रार्थना की कि प्रभु जल्दी से आप अवतार लेकर पृथ्वी पर आएं और दुखों को दूर करें। तब देवकी के गर्भ से भगवान पैदा हुए। राजा कंस के डर से बच्चे के पिता वासुदेव ने मथुरा के कारागार से रातों-रात बालकृष्ण भगवान को गोकुल में पहुंचाकर और वहां से उसी समय में पैदा हुई कन्या को उठा लाए।
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इधर कंस को पता चला कि कारागार में मुझे मारने वाले आठवें शिशु ने जन्म ले लिया तो वह वहां पहुंचकर कन्या को मारने के लिए छीन लिया और पटककर मारना चाहा। तभी वह कन्या हाथ से उछलकर आकाश में जाकर गायब हो गई।
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