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Siddharthnagar News: त्रिस्तरीय कंट्रोल रूम से होगी यूपी बोर्ड परीक्षा की निगरानी
Sat, 07 Feb 2026 11:40 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Sat, 07 Feb 2026 11:40 PM IST
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सिद्धार्थनगर। माध्यमिक शिक्षा परिषद की ओर से आयोजित होने वाली बोर्ड की परीक्षा को सकुशल और निष्पक्ष संपन्न कराने के लिए कई स्तर से मॉनिटरिंग की जाएगी। परीक्षा केंद्रों पर होने वाली हर छोटी-बड़ी गतिविधि पर नजर रखने के लिए त्रिस्तरीय कंट्रोल रूम प्रणाली लागू की गई है।
इसके तहत विद्यालय स्तर, जनपद स्तर और यूपी माध्यमिक शिक्षा परिषद के प्रयागराज मुख्यालय से परीक्षा की रियल-टाइम मॉनिटरिंग की जाएगी। 18 फरवरी से शुरू होने वाली बोर्ड परीक्षा जिले के 119 परीक्षा केंद्रों पर आयोजित की जाएगी। इसमें 64910 बच्चे शामिल होंगे।
यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा को पूरी तरह निष्पक्ष, पारदर्शी और नकलविहीन कराने के लिए इस बार निगरानी व्यवस्था को सख्त किया गया है। परीक्षा नकलविहीन संपन्न कराने के लिए सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जाएगी। सभी परीक्षा केंद्रों पर लगे सीसीटीवी कैमरे हाई-स्पीड इंटरनेट के जरिये आपस में कनेक्ट रहेंगे, जिससे किसी भी स्तर पर गड़बड़ी की गुंजाइश न रहे।
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सबसे अहम यह कि परीक्षा के दौरान यदि किसी परीक्षा केंद्र पर रिकॉर्डिंग रुकती है, कैमरा बंद होता है या नेटवर्क बाधित होता है तो उसकी तत्काल जवाबदेही तय की जाएगी। जिला स्तर पर बने कंट्रोल रूम की निगरानी स्वयं जिलाधिकारी करेंगे। जैसे ही किसी केंद्र से तकनीकी या प्रशासनिक चूक की सूचना मिलेगी, संबंधित केंद्र व्यवस्थापक से लिखित रिपोर्ट ली जाएगी। यूपी बोर्ड ने साफ कर दिया है कि लापरवाही या जानबूझकर की गई चूक को गंभीरता से लिया जाएगा और जिम्मेदारों पर कार्रवाई तय है।
परीक्षा की शुचिता बनाए रखने के लिए यूपी बोर्ड मुख्यालय प्रयागराज से भी रेंडम जांच की जाएगी। परिषद के अधिकारी किसी भी दिन, किसी भी समय किसी भी परीक्षा केंद्र की लाइव मॉनिटरिंग कर सकते हैं। एक-एक परीक्षा केंद्र की गतिविधियों का डिजिटल रिकॉर्ड रखा जाएगा ताकि बाद में भी किसी शिकायत या संदेह की स्थिति में साक्ष्य उपलब्ध रहे।
बोर्ड का स्पष्ट संदेश है कि परीक्षा केंद्र अब केवल लिखित परीक्षा स्थल नहीं बल्कि पूरी तरह निगरानी क्षेत्र बन चुके हैं। जिले में 18 फरवरी से शुरू होने वाली यूपी बोर्ड परीक्षा को लेकर प्रशासनिक तैयारियां अंतिम चरण में हैं। कॉपी पहुंचना शुरू हो गईं हैं। परीक्षा संचालन से लेकर निगरानी तक की जिम्मेदारी तय कर दी गई है। शिक्षा विभाग, पुलिस प्रशासन और जिला प्रशासन के बीच समन्वय बनाकर परीक्षा को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने की रणनीति तैयार की गई है।
इस संबंध में डीआईओएस अरुण कुमार ने बताया कि शासन से मिले दिशा-निर्देशानुसार परीक्षा को सकुशल और निष्पक्ष संपन्न कराया जाएगा। परीक्षा से पहले कैमरे से कंट्रोल से जांच की जाएगी।
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इसके तहत विद्यालय स्तर, जनपद स्तर और यूपी माध्यमिक शिक्षा परिषद के प्रयागराज मुख्यालय से परीक्षा की रियल-टाइम मॉनिटरिंग की जाएगी। 18 फरवरी से शुरू होने वाली बोर्ड परीक्षा जिले के 119 परीक्षा केंद्रों पर आयोजित की जाएगी। इसमें 64910 बच्चे शामिल होंगे।
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यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा को पूरी तरह निष्पक्ष, पारदर्शी और नकलविहीन कराने के लिए इस बार निगरानी व्यवस्था को सख्त किया गया है। परीक्षा नकलविहीन संपन्न कराने के लिए सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जाएगी। सभी परीक्षा केंद्रों पर लगे सीसीटीवी कैमरे हाई-स्पीड इंटरनेट के जरिये आपस में कनेक्ट रहेंगे, जिससे किसी भी स्तर पर गड़बड़ी की गुंजाइश न रहे।
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सबसे अहम यह कि परीक्षा के दौरान यदि किसी परीक्षा केंद्र पर रिकॉर्डिंग रुकती है, कैमरा बंद होता है या नेटवर्क बाधित होता है तो उसकी तत्काल जवाबदेही तय की जाएगी। जिला स्तर पर बने कंट्रोल रूम की निगरानी स्वयं जिलाधिकारी करेंगे। जैसे ही किसी केंद्र से तकनीकी या प्रशासनिक चूक की सूचना मिलेगी, संबंधित केंद्र व्यवस्थापक से लिखित रिपोर्ट ली जाएगी। यूपी बोर्ड ने साफ कर दिया है कि लापरवाही या जानबूझकर की गई चूक को गंभीरता से लिया जाएगा और जिम्मेदारों पर कार्रवाई तय है।
परीक्षा की शुचिता बनाए रखने के लिए यूपी बोर्ड मुख्यालय प्रयागराज से भी रेंडम जांच की जाएगी। परिषद के अधिकारी किसी भी दिन, किसी भी समय किसी भी परीक्षा केंद्र की लाइव मॉनिटरिंग कर सकते हैं। एक-एक परीक्षा केंद्र की गतिविधियों का डिजिटल रिकॉर्ड रखा जाएगा ताकि बाद में भी किसी शिकायत या संदेह की स्थिति में साक्ष्य उपलब्ध रहे।
बोर्ड का स्पष्ट संदेश है कि परीक्षा केंद्र अब केवल लिखित परीक्षा स्थल नहीं बल्कि पूरी तरह निगरानी क्षेत्र बन चुके हैं। जिले में 18 फरवरी से शुरू होने वाली यूपी बोर्ड परीक्षा को लेकर प्रशासनिक तैयारियां अंतिम चरण में हैं। कॉपी पहुंचना शुरू हो गईं हैं। परीक्षा संचालन से लेकर निगरानी तक की जिम्मेदारी तय कर दी गई है। शिक्षा विभाग, पुलिस प्रशासन और जिला प्रशासन के बीच समन्वय बनाकर परीक्षा को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने की रणनीति तैयार की गई है।
इस संबंध में डीआईओएस अरुण कुमार ने बताया कि शासन से मिले दिशा-निर्देशानुसार परीक्षा को सकुशल और निष्पक्ष संपन्न कराया जाएगा। परीक्षा से पहले कैमरे से कंट्रोल से जांच की जाएगी।