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Siddharthnagar News: पुराने बागों के जीर्णोद्धार पर दो दिवसीय प्रशिक्षण संपन्न
Wed, 29 Jul 2026 11:44 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Wed, 29 Jul 2026 11:44 PM IST
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- कृषि विज्ञान केंद्र में प्रसार कार्यकर्ताओं को कीट प्रबंधन, पोषक तत्व और उन्नत तकनीकों की दी गई जानकारी
भवानीगंज। डुमरियागंज तहसील क्षेत्र स्थित कृषि विज्ञान केंद्र, सोहना में उद्यान अनुभाग के अंतर्गत दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का बुधवार को समापन हो गया। पुराने और अनुत्पादक बागों के जीर्णोद्धार विषय पर प्रसार कार्यकर्ताओं के लिए आयोजित प्रशिक्षण में बागों के वैज्ञानिक प्रबंधन, उत्पादन बढ़ाने और अतिरिक्त आय के उपायों की जानकारी दी गई।
कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक और अध्यक्ष डॉ. प्रदीप कुमार के निर्देशन में आयोजित प्रशिक्षण में उन्होंने पुराने बागों के जीर्णोद्धार के दौरान लगने वाले प्रमुख कीटों और रोगों से बचाव के उपायों पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि समय पर कीट और रोग नियंत्रण से फल उत्पादन की गुणवत्ता और मात्रा दोनों में सुधार किया जा सकता है।
केंद्र के मृदा वैज्ञानिक डॉ. प्रवेश कुमार ने प्रशिक्षार्थियों को बागों में पोषक तत्व प्रबंधन की वैज्ञानिक तकनीकों से अवगत कराया। उन्होंने संतुलित उर्वरक प्रबंधन और मृदा परीक्षण के महत्व पर भी प्रकाश डाला।
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उद्यान वैज्ञानिक और कार्यक्रम के समन्वयक डॉ. प्रवीण कुमार मिश्र ने पुराने व अनुत्पादक बागों के जीर्णोद्धार की विभिन्न विधियों की जानकारी देते हुए बताया कि वैज्ञानिक तरीके अपनाकर ऐसे बागों को दोबारा उत्पादक बनाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि नए सिरे से कैनोपी विकसित होने तक बागों में सब्जियों और फूलों की सहफसली खेती कर किसान अतिरिक्त आय भी अर्जित कर सकते हैं।
कार्यक्रम के अंत में डॉ. प्रवीण कुमार मिश्र ने सभी प्रतिभागियों और अतिथियों का आभार व्यक्त किया। प्रशिक्षण में नीलम सिंह, जय प्रकाश द्विवेदी, ओम प्रकाश सहित इंद्रजीत, बनवारी, रामसेवक, महेंद्र समेत कई प्रसार कार्यकर्ताओं ने प्रतिभाग किया।
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भवानीगंज। डुमरियागंज तहसील क्षेत्र स्थित कृषि विज्ञान केंद्र, सोहना में उद्यान अनुभाग के अंतर्गत दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का बुधवार को समापन हो गया। पुराने और अनुत्पादक बागों के जीर्णोद्धार विषय पर प्रसार कार्यकर्ताओं के लिए आयोजित प्रशिक्षण में बागों के वैज्ञानिक प्रबंधन, उत्पादन बढ़ाने और अतिरिक्त आय के उपायों की जानकारी दी गई।
कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक और अध्यक्ष डॉ. प्रदीप कुमार के निर्देशन में आयोजित प्रशिक्षण में उन्होंने पुराने बागों के जीर्णोद्धार के दौरान लगने वाले प्रमुख कीटों और रोगों से बचाव के उपायों पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि समय पर कीट और रोग नियंत्रण से फल उत्पादन की गुणवत्ता और मात्रा दोनों में सुधार किया जा सकता है।
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केंद्र के मृदा वैज्ञानिक डॉ. प्रवेश कुमार ने प्रशिक्षार्थियों को बागों में पोषक तत्व प्रबंधन की वैज्ञानिक तकनीकों से अवगत कराया। उन्होंने संतुलित उर्वरक प्रबंधन और मृदा परीक्षण के महत्व पर भी प्रकाश डाला।
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उद्यान वैज्ञानिक और कार्यक्रम के समन्वयक डॉ. प्रवीण कुमार मिश्र ने पुराने व अनुत्पादक बागों के जीर्णोद्धार की विभिन्न विधियों की जानकारी देते हुए बताया कि वैज्ञानिक तरीके अपनाकर ऐसे बागों को दोबारा उत्पादक बनाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि नए सिरे से कैनोपी विकसित होने तक बागों में सब्जियों और फूलों की सहफसली खेती कर किसान अतिरिक्त आय भी अर्जित कर सकते हैं।
कार्यक्रम के अंत में डॉ. प्रवीण कुमार मिश्र ने सभी प्रतिभागियों और अतिथियों का आभार व्यक्त किया। प्रशिक्षण में नीलम सिंह, जय प्रकाश द्विवेदी, ओम प्रकाश सहित इंद्रजीत, बनवारी, रामसेवक, महेंद्र समेत कई प्रसार कार्यकर्ताओं ने प्रतिभाग किया।