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Siddharthnagar News: थाईलैंड में लहराया तिरंगा, अंतरराष्ट्रीय ताइक्वांडो में तीन पदक जीते
Tue, 04 Aug 2026 11:29 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Tue, 04 Aug 2026 11:29 PM IST
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9वी हीरोज अंतरराष्ट्रीय ताइक्वांडो प्रतियोगिता थाईलैंड के बैंकॉक में मेडल के साथ जनपद के ताइक्व
- 37 देशों के खिलाड़ियों के बीच समर ने जीता स्वर्ण, दिलीप और उनके बेटे देवम ने दिलाया रजत
- सीमित संसाधनों के बावजूद जिले की प्रतिभाओं ने बढ़ाया भारत का मान
सिद्धार्थनगर। सीमित संसाधनों के बावजूद सिद्धार्थनगर के खिलाड़ियों ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। थाईलैंड के पटाया में आयोजित 9वीं हीरोज इंटरनेशनल ताइक्वांडो चैंपियनशिप-2026 में जिले के ताइक्वांडो खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन कर तिरंगा लहराया। भारत के लिए इन खिलाड़ियों एक स्वर्ण के साथ दो रजत पदक जीते हैं।
डुमरियागंज निवासी 12 वर्षीय समर वर्मा ने शानदार खेल का प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया। समर ने वर्ष 2023 से ताइक्वांडो का प्रशिक्षण शुरू किया था और वर्तमान में कक्षा सात के छात्र हैं। उन्होंने जिला ताइक्वांडो संघ से जुड़े कोच सुहैल अहमद के मार्गदर्शन में प्रशिक्षण लिया। समर के पिता ओम प्रकाश वर्मा और माता वंदना वर्मा हैं और उनका परिवार शाहपुर पुलिस चौकी परिसर में रहता है। अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में स्वर्ण जीतने के बाद समर ने तिरंगा लहराकर जिले का मान बढ़ाया।
प्रतियोगिता में रजत पदक जीतने वाले दिलीप कुमार पासवान मूल रूप से बांसी कस्बे के निवासी हैं और वर्तमान में साड़ी क्षेत्र में रहते हैं। 28 वर्षीय दिलीप वर्ष 2012 से जिला ताइक्वांडो संघ के सचिव और प्रशिक्षक विद्यासागर साहनी से प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। वह चार बार राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में हिस्सा ले चुके हैं, जिसमें एक स्वर्ण, दो रजत और एक कांस्य पदक जीत चुके हैं। वर्ष 2018 में उन्होंने ब्लैक बेल्ट हासिल की और अब स्वयं प्रशिक्षण केंद्र संचालित कर रहे हैं। थाईलैंड में उन्होंने सेमीफाइनल में पाकिस्तान के खिलाड़ी को नॉकआउट से हराकर फाइनल में जगह बनाई, जहां श्रीलंका के खिलाड़ी से कड़े मुकाबले के बाद उन्हें रजत पदक मिला।
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दिलीप के सात वर्षीय पुत्र देवम पासवान ने भी अपने पहले अंतरराष्ट्रीय अनुभव में शानदार प्रदर्शन किया। कक्षा एक के छात्र देवम पिछले दो वर्षों से प्रशिक्षक विद्यासागर साहनी से प्रशिक्षण ले रहे हैं। फाइनल मुकाबले में उन्होंने मेजबान थाईलैंड के खिलाड़ी को कड़ी टक्कर दी और रजत पदक जीतकर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया।
तीनों खिलाड़ियों की इस उपलब्धि से जिले के खेल प्रेमियों, सामाजिक संगठनों और विभिन्न संस्थाओं में उत्साह का माहौल है। लोगों ने खिलाड़ियों और उनके प्रशिक्षकों को बधाई देते हुए कहा कि यह सफलता सिद्धार्थनगर के युवाओं के लिए प्रेरणा बनेगी।
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पिता-पुत्र की जोड़ी ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर बढ़ाया जिले का मान
ताइक्वांडो प्रतिभाओं में इस बार पिता-पुत्र की जोड़ी भी आकर्षण का केंद्र रही। मूल रूप से बांसी कस्बे के निवासी और वर्तमान में साड़ी क्षेत्र में रहने वाले दिलीप कुमार पासवान तथा उनके सात वर्षीय बेटे देवम पासवान ने थाईलैंड में रजत पदक जीतकर जिले का गौरव बढ़ाया। 28 वर्षीय दिलीप कुमार पासवान वर्ष 2012 से जिला ताइक्वांडो संघ के सचिव और प्रशिक्षक विद्यासागर साहनी से प्रशिक्षण ले रहे हैं। वह चार बार राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में हिस्सा ले चुके हैं और एक स्वर्ण, दो रजत तथा एक कांस्य पदक अपने नाम कर चुके हैं। वर्ष 2018 में ब्लैक बेल्ट हासिल करने के बाद वह वर्तमान में अपना प्रशिक्षण केंद्र भी संचालित कर रहे हैं। वहीं, उनका सात वर्षीय बेटा देवम पासवान कक्षा एक का छात्र है। वह पिछले दो वर्षों से ताइक्वांडों का प्रशिक्षण ले रहा है।
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- सीमित संसाधनों के बावजूद जिले की प्रतिभाओं ने बढ़ाया भारत का मान
सिद्धार्थनगर। सीमित संसाधनों के बावजूद सिद्धार्थनगर के खिलाड़ियों ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। थाईलैंड के पटाया में आयोजित 9वीं हीरोज इंटरनेशनल ताइक्वांडो चैंपियनशिप-2026 में जिले के ताइक्वांडो खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन कर तिरंगा लहराया। भारत के लिए इन खिलाड़ियों एक स्वर्ण के साथ दो रजत पदक जीते हैं।
डुमरियागंज निवासी 12 वर्षीय समर वर्मा ने शानदार खेल का प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया। समर ने वर्ष 2023 से ताइक्वांडो का प्रशिक्षण शुरू किया था और वर्तमान में कक्षा सात के छात्र हैं। उन्होंने जिला ताइक्वांडो संघ से जुड़े कोच सुहैल अहमद के मार्गदर्शन में प्रशिक्षण लिया। समर के पिता ओम प्रकाश वर्मा और माता वंदना वर्मा हैं और उनका परिवार शाहपुर पुलिस चौकी परिसर में रहता है। अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में स्वर्ण जीतने के बाद समर ने तिरंगा लहराकर जिले का मान बढ़ाया।
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प्रतियोगिता में रजत पदक जीतने वाले दिलीप कुमार पासवान मूल रूप से बांसी कस्बे के निवासी हैं और वर्तमान में साड़ी क्षेत्र में रहते हैं। 28 वर्षीय दिलीप वर्ष 2012 से जिला ताइक्वांडो संघ के सचिव और प्रशिक्षक विद्यासागर साहनी से प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। वह चार बार राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में हिस्सा ले चुके हैं, जिसमें एक स्वर्ण, दो रजत और एक कांस्य पदक जीत चुके हैं। वर्ष 2018 में उन्होंने ब्लैक बेल्ट हासिल की और अब स्वयं प्रशिक्षण केंद्र संचालित कर रहे हैं। थाईलैंड में उन्होंने सेमीफाइनल में पाकिस्तान के खिलाड़ी को नॉकआउट से हराकर फाइनल में जगह बनाई, जहां श्रीलंका के खिलाड़ी से कड़े मुकाबले के बाद उन्हें रजत पदक मिला।
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दिलीप के सात वर्षीय पुत्र देवम पासवान ने भी अपने पहले अंतरराष्ट्रीय अनुभव में शानदार प्रदर्शन किया। कक्षा एक के छात्र देवम पिछले दो वर्षों से प्रशिक्षक विद्यासागर साहनी से प्रशिक्षण ले रहे हैं। फाइनल मुकाबले में उन्होंने मेजबान थाईलैंड के खिलाड़ी को कड़ी टक्कर दी और रजत पदक जीतकर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया।
तीनों खिलाड़ियों की इस उपलब्धि से जिले के खेल प्रेमियों, सामाजिक संगठनों और विभिन्न संस्थाओं में उत्साह का माहौल है। लोगों ने खिलाड़ियों और उनके प्रशिक्षकों को बधाई देते हुए कहा कि यह सफलता सिद्धार्थनगर के युवाओं के लिए प्रेरणा बनेगी।
पिता-पुत्र की जोड़ी ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर बढ़ाया जिले का मान
ताइक्वांडो प्रतिभाओं में इस बार पिता-पुत्र की जोड़ी भी आकर्षण का केंद्र रही। मूल रूप से बांसी कस्बे के निवासी और वर्तमान में साड़ी क्षेत्र में रहने वाले दिलीप कुमार पासवान तथा उनके सात वर्षीय बेटे देवम पासवान ने थाईलैंड में रजत पदक जीतकर जिले का गौरव बढ़ाया। 28 वर्षीय दिलीप कुमार पासवान वर्ष 2012 से जिला ताइक्वांडो संघ के सचिव और प्रशिक्षक विद्यासागर साहनी से प्रशिक्षण ले रहे हैं। वह चार बार राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में हिस्सा ले चुके हैं और एक स्वर्ण, दो रजत तथा एक कांस्य पदक अपने नाम कर चुके हैं। वर्ष 2018 में ब्लैक बेल्ट हासिल करने के बाद वह वर्तमान में अपना प्रशिक्षण केंद्र भी संचालित कर रहे हैं। वहीं, उनका सात वर्षीय बेटा देवम पासवान कक्षा एक का छात्र है। वह पिछले दो वर्षों से ताइक्वांडों का प्रशिक्षण ले रहा है।