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Siddharthnagar News: विश्व शांति और सतत विकास में युवाओं की भूमिका अहम
Sat, 24 Oct 2026 11:41 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Sat, 24 Oct 2026 11:41 PM IST
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- रतन सेन डिग्री कॉलेज में संयुक्त राष्ट्र दिवस पर व्याख्यान आयोजित
- एनएसएस स्वयंसेवकों से सामाजिक सद्भाव और पर्यावरण संरक्षण में योगदान देने की अपील
बांसी। रतन सेन डिग्री कॉलेज में शनिवार को राष्ट्रीय सेवा योजना की स्वामी विवेकानंद इकाई और रानी लक्ष्मीबाई इकाई के संयुक्त तत्वावधान में संयुक्त राष्ट्र दिवस पर व्याख्यान आयोजित किया गया। विश्व शांति, मानवता एवं सतत विकास में युवाओं की भूमिका विषय पर आयोजित कार्यक्रम में विद्यार्थियों और एनएसएस स्वयंसेवकों को सामाजिक सद्भाव, मानवीय मूल्यों और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक किया गया।
मुख्य वक्ता प्रवेश दूबे ने कहा कि वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों में विश्व शांति की स्थापना, मानवता की रक्षा और सतत विकास सुनिश्चित करने में युवाओं की भूमिका महत्वपूर्ण है। युवाओं को जाति, धर्म, भाषा और क्षेत्रीय भेदभाव से ऊपर उठकर मानवीय मूल्यों को अपनाना चाहिए। शिक्षा, जागरूकता, सामाजिक सहभागिता और रचनात्मक सोच के माध्यम से युवा समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं। पर्यावरण संरक्षण, जल संचयन, स्वच्छता और डिजिटल माध्यमों के जिम्मेदार उपयोग को बढ़ावा देना भी उनकी जिम्मेदारी है।
राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम अधिकारी डॉ. सुभीर सिंह ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र दिवस अंतरराष्ट्रीय सहयोग, शांति, सह-अस्तित्व और मानव कल्याण के मूल्यों की याद दिलाता है। एनएसएस का आदर्श वाक्य ‘मैं नहीं, बल्कि आप’ निस्वार्थ सेवा और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना को दर्शाता है। युवाओं को व्यक्तिगत विकास के साथ समाज की समस्याओं के समाधान में भी सक्रिय भागीदारी करनी चाहिए। विश्व शांति की शुरुआत व्यक्ति के विचारों और व्यवहार से होती है।
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कार्यक्रम को डॉ. कंचनयति और डॉ. सपना त्रिपाठी ने भी संबोधित किया। इस दौरान बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।
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- एनएसएस स्वयंसेवकों से सामाजिक सद्भाव और पर्यावरण संरक्षण में योगदान देने की अपील
बांसी। रतन सेन डिग्री कॉलेज में शनिवार को राष्ट्रीय सेवा योजना की स्वामी विवेकानंद इकाई और रानी लक्ष्मीबाई इकाई के संयुक्त तत्वावधान में संयुक्त राष्ट्र दिवस पर व्याख्यान आयोजित किया गया। विश्व शांति, मानवता एवं सतत विकास में युवाओं की भूमिका विषय पर आयोजित कार्यक्रम में विद्यार्थियों और एनएसएस स्वयंसेवकों को सामाजिक सद्भाव, मानवीय मूल्यों और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक किया गया।
मुख्य वक्ता प्रवेश दूबे ने कहा कि वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों में विश्व शांति की स्थापना, मानवता की रक्षा और सतत विकास सुनिश्चित करने में युवाओं की भूमिका महत्वपूर्ण है। युवाओं को जाति, धर्म, भाषा और क्षेत्रीय भेदभाव से ऊपर उठकर मानवीय मूल्यों को अपनाना चाहिए। शिक्षा, जागरूकता, सामाजिक सहभागिता और रचनात्मक सोच के माध्यम से युवा समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं। पर्यावरण संरक्षण, जल संचयन, स्वच्छता और डिजिटल माध्यमों के जिम्मेदार उपयोग को बढ़ावा देना भी उनकी जिम्मेदारी है।
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राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम अधिकारी डॉ. सुभीर सिंह ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र दिवस अंतरराष्ट्रीय सहयोग, शांति, सह-अस्तित्व और मानव कल्याण के मूल्यों की याद दिलाता है। एनएसएस का आदर्श वाक्य ‘मैं नहीं, बल्कि आप’ निस्वार्थ सेवा और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना को दर्शाता है। युवाओं को व्यक्तिगत विकास के साथ समाज की समस्याओं के समाधान में भी सक्रिय भागीदारी करनी चाहिए। विश्व शांति की शुरुआत व्यक्ति के विचारों और व्यवहार से होती है।
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कार्यक्रम को डॉ. कंचनयति और डॉ. सपना त्रिपाठी ने भी संबोधित किया। इस दौरान बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।