फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Siddharthnagar News ›   Siddharthnagar News : The alliance could not be broken, businessmen are getting rich by getting fertilizers across the border

Siddharthnagar News: गठजोड़ का नहीं निकला तोड़, खाद बॉर्डर पार कराकर मालामाल हो रहे धंधेबाज

Thu, 31 Jul 2025 11:07 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर Updated Thu, 31 Jul 2025 11:07 PM IST
विज्ञापन
Siddharthnagar News : The alliance could not be broken, businessmen are getting rich by getting fertilizers across the border
सिद्धार्थनगर। जिले में धान की रोपाई लगभग पूरी हो चुकी है। इसके बाद अब यूरिया की जल्द ही मांग शुरू हाेने वाली है। अभी एक्का-दुक्का किसान यूरिया खरीद रहे हैं, लेकिन बाॅर्डर पर डंप करके खाद को नेपाल भेजे जाने का सिलसिला तेज हो गया है।
विज्ञापन

खाद को बॉर्डर पार पहुंचाकर धंधेबाज मालामाल हो रहे हैं। छिटपुट खाद तो पहुंचाई ही जा रही है। वहीं बाॅर्डर पर एक पखवारे में दो बड़े गोदामों पर की गई छापेमारी में एक हजार बोरी से अधिक खाद पकड़ी गई जो अवैध भंडारण कर रखी गई थी। मोटी रकम के लिए उसे नेपाल भेजे जाने की तैयारी थी।
विज्ञापन

बिना मांग और तस्करी बढ़ने के बाद भी सीमावर्ती इलाके में खाद की आपूर्ति क्यों दी जा रही है, इस पर किसान और जागरूक लोग सवाल उठा रहे हैं। अभी तस्करी के एक मामले में 550 बोरी यूरिया की बरामदगी और केस दर्ज होने पर आरोपी ने कृषि कार्यालय में पहुंचकर हंगामा किया। तस्कर पकड़ा गया मगर चार अन्य साथी भाग निकले।
विज्ञापन
विज्ञापन

इस मामले में केस दर्ज हुआ। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि तस्करों का मनोबल कितना बढ़ गया है। सूत्रों का कहना है कि यह विभागीय गठजोड़ का नतीजा है कि कार्रवाई से डरने के बजाए कार्यालय पर चढ़कर बवाल करने की हिम्मत है। सीमावर्ती इलाके में ऐसे अनेकों लोग हैं जो किसी न किसी से गठजोड़ करके तस्करी का काला धंधा कर मोटी कमाई कर रहे हैं।
तस्करों की सक्रियता पड़ेगी भारी: बारिश न होने के कारण जिले में धान की रोपाई देर से हुई, अभी छिटपुट रोपाई बाकी है। रोपाई के 20-35 दिन के बाद से खेतों में यूरिया की जरूरत पड़ती है। 15 जुलाई तक रोपाई करने वाले किसानों को अभी यूरिया की जरूरत बहुत कम है। अगर बारिश हुई होती तो अब तक यूरिया की मांग बढ़ जाती। जिन किसानों ने 1-15 जुलाई के बीच रोपाई की थी, अभी वह यूरिया ले रहे हैं। बारिश के बाद मांग बढ़ेगी और हर किसानों को यूरिया की जरूरत पड़ेगी।
रकबे के अनुसार 47 से 50 हजार एमटी की यूरिया की जरुरत पड़ती है। यूरिया की रैक लगातार आ रही है और निजी दुकानों और समितियों पर जा रही है, लेकिन बाॅर्डर पर जिस तरह भंडारण और तस्करी के धंधे ने रफ्तार पकड़ी है। अगर इसपर लगाम नहीं लगी तो जरूरत पड़ने पर फिर खाद के लिए हाहाकर मचेगा। किसान रामनरेश सिंह, उमेश कुमार वर्मा, श्रीकांत चौधरी, जितेंद्र कुमार यादव आदि का कहना है कि अगर आवंटन नहीं रोका गया तो तस्करी नहीं रूकेगी और किसानों को यूरिया के लिए भटकना पड़ेगा।

संयुक्त टीम की कार्रवाई के बाद भी तस्कर हावी: बाॅर्डर पर खाद की तस्करी को रोकने के लिए स्पेशल टीम बनाई गई है। इसमें कृषि, राजस्व, कस्टम, पुलिस और एसएसबी की ओर से संयुक्त जांच अभियान चलाया जा रहा है। जांच में बड़ी मात्रा में खाद भी पकड़ी जा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed