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Siddharthnagar News: काठमांडो से गोरखपुर तक पहुंचा थाई गांजा, अब सीमा पर रास्तों की तलाश
Thu, 17 Sep 2026 11:48 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Thu, 17 Sep 2026 11:48 PM IST
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खुनुवां। काठमांडो में तीन किलोग्राम थाई गांजे के साथ गोरखपुर के दो युवकों की गिरफ्तारी ने नेपाल के रास्ते भारत तक पहुंचने वाली नशीले पदार्थों की खेप पर फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। नेपाल के मादक पदार्थ नियंत्रण ब्यूरो के अनुसार विदेशी के बजाय भारतीय नागरिक नेपाल पहुंचकर डिलिवरी ले रहे हैं।
अब तक 112 भारतीयों को अलग-अलग मामलों में पकड़ा जा चुका है। ऐसे में अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि डिलीवरी के बाद इसे भारत तक पहुंचाने के लिए किन संपर्कों और मार्गों का इस्तेमाल किया जा रहा था।
ताजा मामले में म्यांमार की नागरिक जिन जिन फाओ वियतनाम और हांगकांग होते हुए नेपाल पहुंची थी। काठमांडो के सोहराखुट्टे स्थित होटल से उसके पास से तीन किलोग्राम थाई गांजा बरामद हुआ। इसके बाद गांजा लेने पहुंचे गोरखपुर के बरकतुल्लाह और यूसुफ खान को गिरफ्तार किया गया। यह तथ्य इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि गिरफ्तार भारतीय सीधे नेपाल पहुंचकर खेप लेने वाले बताए गए हैं।
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जिले की करीब 68 किलोमीटर लंबी भारत-नेपाल सीमा पर खुनुवां, बढ़नी, ककरहवा और मोहाना समेत कई प्रमुख आवागमन मार्ग हैं। इन मार्गों से रोजाना बड़ी संख्या में लोगों और वाहनों की आवाजाही होती है। नेपाल में सामने आए मामलों के बाद सुरक्षा एजेंसियों के लिए चुनौती यह पता लगाना होगी कि काठमांडो या अन्य शहरों से आने वाली ऐसी खेप भारत पहुंचने के बाद किन संपर्कों तक जाती है।
हालांकि काठमांडो में गिरफ्तार गोरखपुर के दोनों युवकों की खेप सिद्धार्थनगर सीमा से होकर ही भारत लाई जानी थी, इसका अभी कोई प्रमाण सामने नहीं आया है लेकिन नेपाल से भारत में नशीले पदार्थों की तस्करी के पुराने मामलों को देखते हुए सीमा क्षेत्र में निगरानी और संदिग्ध गतिविधियों की जांच तेज कर दी गई है।
दो साल में 112 भारतीयों की हुई गिरफ्तारी : मादक पदार्थ नियंत्रण ब्यूरो, कोटेश्वर के आंकड़ों के अनुसार वित्तीय वर्ष 2024-25 में थाई गांजे की ढुलाई और तस्करी के आरोप में 48 लोगों को 194 किलोग्राम गांजे के साथ गिरफ्तार किया गया था। इनमें 39 भारतीय शामिल थे। वित्तीय वर्ष 2025-26 में 204 किलोग्राम गांजे के साथ 56 लोग गिरफ्तार हुए। इनमें 51 भारतीय थे। वहीं वित्तीय वर्ष 2026-27 में 15 सितंबर तक 95 किलोग्राम गांजे के साथ 22 भारतीयों समेत 36 लोग गिरफ्तार किए जा चुके हैं। इस तरह 2024-25 से 15 सितंबर 2026 तक कुल 140 लोगों की गिरफ्तारी हुई और करीब 500 किलोग्राम थाई गांजा बरामद किया गया। इसमें 112 भारतीय थे। अब तक 90 एफआईआर दर्ज की जा चुकीं हैं।
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अब तक 112 भारतीयों को अलग-अलग मामलों में पकड़ा जा चुका है। ऐसे में अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि डिलीवरी के बाद इसे भारत तक पहुंचाने के लिए किन संपर्कों और मार्गों का इस्तेमाल किया जा रहा था।
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ताजा मामले में म्यांमार की नागरिक जिन जिन फाओ वियतनाम और हांगकांग होते हुए नेपाल पहुंची थी। काठमांडो के सोहराखुट्टे स्थित होटल से उसके पास से तीन किलोग्राम थाई गांजा बरामद हुआ। इसके बाद गांजा लेने पहुंचे गोरखपुर के बरकतुल्लाह और यूसुफ खान को गिरफ्तार किया गया। यह तथ्य इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि गिरफ्तार भारतीय सीधे नेपाल पहुंचकर खेप लेने वाले बताए गए हैं।
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जिले की करीब 68 किलोमीटर लंबी भारत-नेपाल सीमा पर खुनुवां, बढ़नी, ककरहवा और मोहाना समेत कई प्रमुख आवागमन मार्ग हैं। इन मार्गों से रोजाना बड़ी संख्या में लोगों और वाहनों की आवाजाही होती है। नेपाल में सामने आए मामलों के बाद सुरक्षा एजेंसियों के लिए चुनौती यह पता लगाना होगी कि काठमांडो या अन्य शहरों से आने वाली ऐसी खेप भारत पहुंचने के बाद किन संपर्कों तक जाती है।
हालांकि काठमांडो में गिरफ्तार गोरखपुर के दोनों युवकों की खेप सिद्धार्थनगर सीमा से होकर ही भारत लाई जानी थी, इसका अभी कोई प्रमाण सामने नहीं आया है लेकिन नेपाल से भारत में नशीले पदार्थों की तस्करी के पुराने मामलों को देखते हुए सीमा क्षेत्र में निगरानी और संदिग्ध गतिविधियों की जांच तेज कर दी गई है।
दो साल में 112 भारतीयों की हुई गिरफ्तारी : मादक पदार्थ नियंत्रण ब्यूरो, कोटेश्वर के आंकड़ों के अनुसार वित्तीय वर्ष 2024-25 में थाई गांजे की ढुलाई और तस्करी के आरोप में 48 लोगों को 194 किलोग्राम गांजे के साथ गिरफ्तार किया गया था। इनमें 39 भारतीय शामिल थे। वित्तीय वर्ष 2025-26 में 204 किलोग्राम गांजे के साथ 56 लोग गिरफ्तार हुए। इनमें 51 भारतीय थे। वहीं वित्तीय वर्ष 2026-27 में 15 सितंबर तक 95 किलोग्राम गांजे के साथ 22 भारतीयों समेत 36 लोग गिरफ्तार किए जा चुके हैं। इस तरह 2024-25 से 15 सितंबर 2026 तक कुल 140 लोगों की गिरफ्तारी हुई और करीब 500 किलोग्राम थाई गांजा बरामद किया गया। इसमें 112 भारतीय थे। अब तक 90 एफआईआर दर्ज की जा चुकीं हैं।