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Siddharthnagar News: हैंड हेल्ड एक्स-रे मशीन से मौके पर होगी टीबी रोगियों की स्क्रीनिंग
Sun, 11 Jan 2026 11:15 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Sun, 11 Jan 2026 11:15 PM IST
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सिद्धार्थनगर। क्षय रोग (टीबी) की जांच को और भी आसान बनाने के लिए विभाग को पोर्टेबल हैंड हेल्ड एक्स-रे मशीन मिली है। इससे स्वास्थ्य विभाग की टीम अब इसे कहीं भी ले जाकर आसानी से ले जाकर क्षय रोगियों की पहचान कर सकेंगी और मरीजों की जांच कर उनका समय से इलाज हो पाएगा।
जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. एमएम त्रिपाठी ने बताया क्षय रोग उन्मूलन पर काम हो रहा है। लक्षण वाले मरीजों की मशीन से पांच मिनट में एक्स-रे किया जा सकता है। साथ ही इसमें रेडिएशन की मात्रा बेहद कम रहेगी। उन्होंने बताया कि इस मशीन से एक्स-रे रिपोर्ट का विश्लेषण कर सटीक और त्वरित परिणाम मिलेगा। इससे टीबी की प्रारंभिक अवस्था में ही पहचान संभव हो सकेगी। इस मशीन को आसानी से कहीं भी ले जाया जा सकेगा। वर्तमान में जिले में करीब पांच हजार टीबी मरीज सक्रिय हैं। शासन ने जिले को यह अत्याधुनिक एक मशीन उपलब्ध कराई है ताकि टीबी की समय पर पहचान कर रोग के प्रसार को रोका जा सके। जरूरत पड़ने पर मशीन को मरीज के घर स्वास्थ्य शिविरों और विशेष जांच कैंपों में तक ले जाया जा सकता है।
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इससे मिलेंगी ये सुविधाएं
एक्स-रे डिवाइस छोटी, पोर्टेबल और बैटरी से चलने वाली होती हैं, जिन्हें कहीं भी ले जाया जा सकता है।
इन मशीनों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल होता है, जिससे टीबी का संक्रमण तुरंत पहचाना जा सकेगा।
मशीनें क्लाउड स्टोरेज और टेली-रेडियोलॉजी की सुविधा देती हैं, जिससे एक्सपर्ट डॉक्टर कहीं से भी रिपोर्ट देख सकते हैं।
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जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. एमएम त्रिपाठी ने बताया क्षय रोग उन्मूलन पर काम हो रहा है। लक्षण वाले मरीजों की मशीन से पांच मिनट में एक्स-रे किया जा सकता है। साथ ही इसमें रेडिएशन की मात्रा बेहद कम रहेगी। उन्होंने बताया कि इस मशीन से एक्स-रे रिपोर्ट का विश्लेषण कर सटीक और त्वरित परिणाम मिलेगा। इससे टीबी की प्रारंभिक अवस्था में ही पहचान संभव हो सकेगी। इस मशीन को आसानी से कहीं भी ले जाया जा सकेगा। वर्तमान में जिले में करीब पांच हजार टीबी मरीज सक्रिय हैं। शासन ने जिले को यह अत्याधुनिक एक मशीन उपलब्ध कराई है ताकि टीबी की समय पर पहचान कर रोग के प्रसार को रोका जा सके। जरूरत पड़ने पर मशीन को मरीज के घर स्वास्थ्य शिविरों और विशेष जांच कैंपों में तक ले जाया जा सकता है।
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इससे मिलेंगी ये सुविधाएं
एक्स-रे डिवाइस छोटी, पोर्टेबल और बैटरी से चलने वाली होती हैं, जिन्हें कहीं भी ले जाया जा सकता है।
इन मशीनों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल होता है, जिससे टीबी का संक्रमण तुरंत पहचाना जा सकेगा।
मशीनें क्लाउड स्टोरेज और टेली-रेडियोलॉजी की सुविधा देती हैं, जिससे एक्सपर्ट डॉक्टर कहीं से भी रिपोर्ट देख सकते हैं।