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Siddharthnagar News: नकली शराब के खेल में अब सप्लाई नेटवर्क की जांच

Fri, 07 Aug 2026 10:58 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर Updated Fri, 07 Aug 2026 10:58 PM IST
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Siddharthnagar News: Supply network now under investigation in the spurious liquor racket
- 32 हजार से अधिक नकली ढक्कन और 12 हजार फर्जी क्यूआर कोड की बरामदगी से बड़े रैकेट की आशंका
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- चार वर्षों में कई बार कार्रवाई लेकिन नेटवर्क की जड़ तक नहीं पहुंच सकी जांच
सिद्धार्थनगर। बांसी में 32 हजार से अधिक नकली ढक्कन और 12 हजार से ज्यादा फर्जी क्यूआर कोड की बरामदगी के बाद जांच एजेंसियां सतर्क हो गईं हैं। जिले में नकली शराब का धंधा सिर्फ दो लोगों तक सीमित नहीं है बल्कि पिछले चार वर्षों में इसी तरह के कई मामले सामने आए हैं। बावजूद इसके नेटवर्क ध्वस्त नहीं हो पाया है। ऐसे में इस बार पुलिस की जांच इस बात पर केंद्रित हो गई है कि नकली शराब के इस कारोबार की असली कड़ियां कहां तक जुड़ी हैं और इसके पीछे कौन लोग काम कर रहे हैं।
पांच अगस्त की रात बांसी कोतवाली पुलिस, एसओजी और आबकारी विभाग की संयुक्त टीम ने इटवा रोड स्थित रतनसेन सिंह इंटर कॉलेज के पास कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। उनके कब्जे से 32,472 नकली ढक्कन, 12,740 फर्जी बारकोड (क्यूआर कोड), विभिन्न ब्रांड की 16 बोतल मिश्रित अंग्रेजी शराब, खाली बोतलें और शराब तैयार करने में इस्तेमाल होने वाले उपकरण बरामद किए गए। गिरफ्तार आरोपियों में डुमरियागंज क्षेत्र की एक कंपोजिट अंग्रेजी शराब दुकान पर कार्यरत सेल्समैन भी शामिल है।
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पुलिस के अनुसार आरोपी खाली बोतलों में शराब और पानी का मिश्रण तैयार कर नकली ढक्कन और फर्जी क्यूआर कोड लगाकर उसे असली शराब के रूप में बेचने की तैयारी कर रहे थे। हालांकि बरामद सामग्री की मात्रा इस ओर इशारा करती है कि यह काम केवल दो लोगों तक सीमित नहीं हो सकता। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि इतनी बड़ी मात्रा में नकली ढक्कन और क्यूआर कोड कहां से आए, इन्हें कौन उपलब्ध करा रहा था और तैयार शराब किन माध्यमों से बाजार तक पहुंचाई जा रही थी।
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जांच एजेंसियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती अब इस पूरे नेटवर्क की सप्लाई चेन को समझने की है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि नकली ढक्कन और फर्जी क्यूआर कोड की आपूर्ति कहां से हो रही थी? शराब तैयार करने का केंद्र कहां था और क्या तैयार बोतलें लाइसेंसी दुकानों या अन्य माध्यमों से बाजार में पहुंचाई जा रही थीं। इसके लिए शराब दुकानों के स्टॉक, उठान और बिक्री के रिकॉर्ड का भी मिलान किया जा सकता है।
सीमावर्ती जिला होने के कारण सिद्धार्थनगर पहले भी शराब तस्करी और अवैध कारोबार के मामलों में चर्चा में रहा है। पूर्व की जांच में महराजगंज, गोरखपुर, बलरामपुर और अन्य जिलों तक कड़ियां जुड़ चुकी हैं। इस बार पुलिस पुराने मामलों के आरोपियों और वर्तमान जांच के बीच भी संभावित संबंध तलाश रही है ताकि नेटवर्क की जड़ तक पहुंचा जा सके।
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पहले भी सामने आ चुका है नेटवर्क
- जिले में नकली शराब का नेटवर्क पहले भी कई बार सामने आ चुका है। वर्ष 2022 में ढेबरुआ क्षेत्र में नकली क्यूआर कोड और ढक्कन के सहारे शराब तैयार कर बेचने वाले गिरोह का खुलासा हुआ था। इसके बाद वर्ष 2024 में शहर से सटे महनगा गांव में अवैध शराब बनाने की फैक्टरी पकड़ी गई, जहां से अर्धनिर्मित शराब, केमिकल, ढक्कन और अन्य सामग्री बरामद हुई थी। इसी वर्ष जोगिया क्षेत्र में भी फर्जी क्यूआर कोड और नकली ढक्कन लगाकर शराब बेचने वाले गिरोह का पर्दाफाश हुआ था। इन मामलों में कई आरोपी गिरफ्तार हुए, लेकिन नेटवर्क के मुख्य संचालकों तक जांच नहीं पहुंच सकी।
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दिल्ली और हरियाणा कनेक्शन पर भी नजर
- जांच एजेंसियों की नजर इस बार दिल्ली और हरियाणा कनेक्शन पर भी है। जिले में इससे पहले पकड़े गए नकली शराब और तस्करी के मामलों में हरियाणा और दिल्ली से शराब, नकली ढक्कन और फर्जी क्यूआर कोड की आपूर्ति के सुराग मिल चुके हैं। मार्च 2026 में भी हरियाणा ब्रांड की शराब की खेप नेपाल ले जाते समय पकड़ी गई थी। पूछताछ में दिल्ली और हरियाणा से सप्लाई होने की बात सामने आई थी। ऐसे में पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि बांसी में बरामद नकली ढक्कन और क्यूआर कोड का स्रोत भी कहीं वही नेटवर्क तो नहीं है।

चार साल में कब-कब खुला नकली शराब का खेल
- 2022 : ढेबरुआ में नकली क्यूआर कोड और ढक्कन के सहारे शराब बनाने वाला गिरोह पकड़ा गया।
- मई 2024 : महनगा गांव में अवैध शराब फैक्टरी का भंडाफोड़, भारी मात्रा में शराब और केमिकल बरामद।
- सितंबर 2024 : जोगिया क्षेत्र में फर्जी ढक्कन और क्यूआर कोड से शराब बेचने वाले गिरोह का खुलासा।
- अगस्त 2026 : बांसी में 32,472 नकली ढक्कन और 12,740 फर्जी क्यूआर कोड के साथ दो आरोपी गिरफ्तार।
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बोले जिम्मेदार
- शराब के मामले में पुलिस टीम जांच कर रही है। छानबीन में जो भी सामने आएगा। उस तथ्य के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। टीम लगी हुई है, इसमें जो भी संलिप्त मिलेगा उस पर कार्रवाई की जाएगी।
डॉ. अभिषेक महाजन, पुलिस अधीक्षक
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