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Siddharthnagar News: किराए पर बस लेकर कर रहे थे शराब तस्करी
Tue, 11 Aug 2026 11:16 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Tue, 11 Aug 2026 11:16 PM IST
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सिद्धार्थनगर। डबल डेकर बस को तस्करी का जरिया बनाने वाले धंधेबाज महज 60 हजार रुपये प्रतिमाह किराया देकर सवारी ढोने के बजाय इससे तस्करी को अंजाम दे रहे थे। नकली अंग्रेजी शराब की तस्करी के आरोप में दबोचे गए तस्करों से पूछताछ में यह सामने आया है।
जांच में यह सामने आया है कि नेटवर्क अब सिद्धार्थनगर तक सीमित नहीं रह गया है। पुलिस की जांच में इसके तार उत्तर प्रदेश, हरियाणा और बिहार से जुड़े पाए गए हैं। बस की सीट के नीचे विशेष बॉक्स तैयार किया गया था, जिसमें हरियाणा की शराब के साथ नकली ढक्कन, फर्जी क्यूआर कोड और शराब बनाने में इस्तेमाल होने वाला कच्चा माल छिपाकर लाया जाता था।
एक सप्ताह में बांसी पुलिस, एसओजी, सर्विलांस सेल और आबकारी विभाग की संयुक्त टीम की दो कार्रवाइयों में छह आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद नेटवर्क की परतें खुलने लगी हैं।
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पूछताछ में हरियाणा से शराब और कच्चा माल मंगाई जाती थी। इसके बाद सिद्धार्थनगर और आसपास के जिलों में खपाने के साथ बिहार तक आपूर्ति किए जाने की जानकारी मिली है। जांच आगे बढ़ी तो बस्ती, संतकबीरनगर और हाईवे से लगे अन्य जिलों के भी नेटवर्क से जुड़े होने की आशंका जताई जा रही है।
बस्ती रूट बंद तो फरेंदा होकर पहुंची खेप : पूछताछ में सामने आया कि शराब की खेप हरियाणा से लाई गई थी। इसे मऊ, गोरखपुर और सिद्धार्थनगर होते हुए लखनऊ ले जाने की योजना थी। बस्ती रूट पर सख्ती के कारण तस्करों ने फरेंदा होते हुए सिद्धार्थनगर का रास्ता चुना। बांसी-डुमरियागंज मार्ग पर प्रतापपुर के पास पुलिस की चेकिंग में बस पकड़ी गई और तलाशी के दौरान सीट के नीचे छिपाई गई सामग्री बरामद हुई।
पुलिस की जांच में गोरखपुर के रास्ते कुशीनगर होते हुए बिहार में भी शराब भेजे जाने की बात सामने आई है। इससे नेटवर्क का दायरा तीन राज्यों तक पहुंचने की आशंका है।
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जांच में यह सामने आया है कि नेटवर्क अब सिद्धार्थनगर तक सीमित नहीं रह गया है। पुलिस की जांच में इसके तार उत्तर प्रदेश, हरियाणा और बिहार से जुड़े पाए गए हैं। बस की सीट के नीचे विशेष बॉक्स तैयार किया गया था, जिसमें हरियाणा की शराब के साथ नकली ढक्कन, फर्जी क्यूआर कोड और शराब बनाने में इस्तेमाल होने वाला कच्चा माल छिपाकर लाया जाता था।
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एक सप्ताह में बांसी पुलिस, एसओजी, सर्विलांस सेल और आबकारी विभाग की संयुक्त टीम की दो कार्रवाइयों में छह आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद नेटवर्क की परतें खुलने लगी हैं।
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पूछताछ में हरियाणा से शराब और कच्चा माल मंगाई जाती थी। इसके बाद सिद्धार्थनगर और आसपास के जिलों में खपाने के साथ बिहार तक आपूर्ति किए जाने की जानकारी मिली है। जांच आगे बढ़ी तो बस्ती, संतकबीरनगर और हाईवे से लगे अन्य जिलों के भी नेटवर्क से जुड़े होने की आशंका जताई जा रही है।
बस्ती रूट बंद तो फरेंदा होकर पहुंची खेप : पूछताछ में सामने आया कि शराब की खेप हरियाणा से लाई गई थी। इसे मऊ, गोरखपुर और सिद्धार्थनगर होते हुए लखनऊ ले जाने की योजना थी। बस्ती रूट पर सख्ती के कारण तस्करों ने फरेंदा होते हुए सिद्धार्थनगर का रास्ता चुना। बांसी-डुमरियागंज मार्ग पर प्रतापपुर के पास पुलिस की चेकिंग में बस पकड़ी गई और तलाशी के दौरान सीट के नीचे छिपाई गई सामग्री बरामद हुई।
पुलिस की जांच में गोरखपुर के रास्ते कुशीनगर होते हुए बिहार में भी शराब भेजे जाने की बात सामने आई है। इससे नेटवर्क का दायरा तीन राज्यों तक पहुंचने की आशंका है।