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Siddharthnagar News: सिद्धार्थ विश्वविद्यालय के शिक्षकों ने 100 टीबी मरीजों को गोद लिया
Thu, 17 Sep 2026 11:12 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Thu, 17 Sep 2026 11:12 PM IST
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सिद्धार्थनगर। सिद्धार्थ विश्वविद्यालय कपिलवस्तु में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर बृहस्पतिवार को सेवा संकल्प अभियान का शुभारंभ किया गया। 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलने वाले अभियान के तहत विश्वविद्यालय के शिक्षकों ने 100 टीबी मरीजों को गोद लेकर उनके पोषण, उपचार और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता में सहयोग करने का संकल्प लिया। इस दौरान मरीजों को पोषण पोटली वितरित करने के साथ स्वास्थ्य परीक्षण और स्वच्छता अभियान भी चलाया गया।
कुलपति प्रो. कविता शाह ने कहा कि विश्वविद्यालय ने सेवा और सामाजिक उत्तरदायित्व को अपनी कार्य संस्कृति का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया है। प्रत्येक शिक्षक द्वारा दो-दो टीबी मरीजों को गोद लेकर उनके पोषण और स्वास्थ्य की चिंता करना केवल कार्यक्रम नहीं बल्कि सामाजिक संवेदना और दायित्व का उदाहरण है। शिक्षकों को मरीजों के साथ निरंतर संपर्क बनाए रखते हुए उपचार, पोषण और स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना चाहिए।
कुलपति ने कहा कि शिक्षक की भूमिका केवल कक्षा, शोध और नवाचार तक सीमित नहीं है। समाज के जरूरतमंद लोगों के साथ खड़ा होना और उनमें आत्मविश्वास पैदा करना भी सामाजिक दायित्व का हिस्सा है। कपिलवस्तु विधायक श्यामधनी राही ने कहा कि सेवा संकल्प अभियान के तहत समाज सेवा, मानव कल्याण और जनसहभागिता से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। उन्होंने विश्वविद्यालय की ओर से टीबी मरीजों को गोद लेने और पोषण पोटली वितरित करने के प्रयास की सराहना की।
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कार्यक्रम संयोजक और अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो. नीता यादव ने कहा कि अभियान का उद्देश्य समाज के प्रति अपने दायित्व को समझना और जरूरतमंदों के साथ संवेदनशीलता से खड़ा होना है। विश्वविद्यालय शिक्षा और शोध के साथ सामाजिक उत्तरदायित्व का भी निर्वहन कर रहा है।
विश्वविद्यालय के स्वास्थ्य केंद्र में स्वास्थ्य शिविर लगाया गया। इसमें विद्यार्थियों, शिक्षकों और कर्मचारियों का बीएमआई, रक्त संबंधी समेत विभिन्न स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। डॉ. अरुण द्विवेदी, डॉ. ज्ञान प्रकाश श्रीवास्तव, डॉ. हरेंद्र शर्मा, अभय मिश्रा और डॉ. मयंक कुशवाहा समेत स्वास्थ्य टीम ने सहयोग किया।
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कुलपति प्रो. कविता शाह ने कहा कि विश्वविद्यालय ने सेवा और सामाजिक उत्तरदायित्व को अपनी कार्य संस्कृति का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया है। प्रत्येक शिक्षक द्वारा दो-दो टीबी मरीजों को गोद लेकर उनके पोषण और स्वास्थ्य की चिंता करना केवल कार्यक्रम नहीं बल्कि सामाजिक संवेदना और दायित्व का उदाहरण है। शिक्षकों को मरीजों के साथ निरंतर संपर्क बनाए रखते हुए उपचार, पोषण और स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना चाहिए।
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कुलपति ने कहा कि शिक्षक की भूमिका केवल कक्षा, शोध और नवाचार तक सीमित नहीं है। समाज के जरूरतमंद लोगों के साथ खड़ा होना और उनमें आत्मविश्वास पैदा करना भी सामाजिक दायित्व का हिस्सा है। कपिलवस्तु विधायक श्यामधनी राही ने कहा कि सेवा संकल्प अभियान के तहत समाज सेवा, मानव कल्याण और जनसहभागिता से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। उन्होंने विश्वविद्यालय की ओर से टीबी मरीजों को गोद लेने और पोषण पोटली वितरित करने के प्रयास की सराहना की।
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कार्यक्रम संयोजक और अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो. नीता यादव ने कहा कि अभियान का उद्देश्य समाज के प्रति अपने दायित्व को समझना और जरूरतमंदों के साथ संवेदनशीलता से खड़ा होना है। विश्वविद्यालय शिक्षा और शोध के साथ सामाजिक उत्तरदायित्व का भी निर्वहन कर रहा है।
विश्वविद्यालय के स्वास्थ्य केंद्र में स्वास्थ्य शिविर लगाया गया। इसमें विद्यार्थियों, शिक्षकों और कर्मचारियों का बीएमआई, रक्त संबंधी समेत विभिन्न स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। डॉ. अरुण द्विवेदी, डॉ. ज्ञान प्रकाश श्रीवास्तव, डॉ. हरेंद्र शर्मा, अभय मिश्रा और डॉ. मयंक कुशवाहा समेत स्वास्थ्य टीम ने सहयोग किया।