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Siddharthnagar News: सुरक्षा एजेंसियां खंगाल रहीं संदिग्धों के रिकॉर्ड
Fri, 12 Dec 2025 03:00 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Fri, 12 Dec 2025 03:00 AM IST
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सिद्धार्थनगर। विदेशी घुसपैठ को रोकने के लिए सरकार और जांच एजेंसी लगातार काम कर रही है। नगर निगम लखनऊ में बांग्लादेशी और रोहिंग्या के गलत से तरीके से घुसपैठ करने और स्थानीय स्तर पर प्रमाण पत्र हथिया लेने की बात सामने आने के बाद शासन ने जांच के निर्देश दिए हैं।
इसमें नगर पालिका और नगर पंचायत में जांच करके रिपोर्ट मांगी गई है। इन कार्यालयों में सत्यापन के साथ ही अवैध निवासी और घुसपैठ की आशंका को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियों ने रिकॉर्ड खंगालने शुरू कर दिए हैं।
जांच से जुड़े सूत्रों के अनुसार, नेपाल बार्डर के साथ ही के कुछ दिनों में आकर अस्थाई रूप से काम धंधा करने वालों के बारे में जानकारी ली जा रही है। उनके मूवमेंट आदि की जानकारी लेने के बाद जब तहकीकात पूरी होगी तो संबंधित थाने को जानकारी देकर निवास सहित अन्य जांचें पूरी कर कार्रवाई की जाएगी। अभी न्यायालय ने एक मामले में एक बांग्लादेशी को विदेशी अधिनियम के तहत सवा दो साल की सजा सुनाई है। वह बिना कागजात के देश में घुसने के मामले में पकड़ा गया था। मोहाना थाना में प्राथमिकी दर्ज कर जेल भेज गया था। उसी मामले में सजा हुई है।
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सीमा से शहर तक ले रहीं जानकारी: बांग्लादेशी और रोहिंग्या संदिग्धों की संभावित घुसपैठ को लेकर जिले में खुफिया हलचल तेज हो गई है। सूत्रों के मुताबिक शासन के निर्देश पर कई सुरक्षा एजेंसियां झुग्गी-झोपड़ियों, अस्थाई बस्तियों और बॉर्डर बेल्ट में सर्च अभियान में जुट गई हैं। अब तक की जांच में कोई संदिग्ध नहीं मिला है, लेकिन सीमा पार गतिविधियों को देखते हुए सतर्कता बढ़ा दी गई है। बॉर्डर इलाका होने की वजह से सुरक्षा एजेंसियां इस समय विशेष सतर्क मुद्रा में हैं। टीमों का फोकस उन जगहों पर है, जहां बाहरी लोग बिना पहचान के लंबी अवधि तक रुके रहते हैं।
अधिकारियों के मुताबिक अब तक की छानबीन में किसी भी बांग्लादेशी या रोहिंग्या के छिपे होने के प्रमाण नहीं मिले हैं, लेकिन संदिग्ध गतिविधियों से जुड़े इनपुट मिलने पर लगातार अभियान जारी रखने का आदेश है।
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इसमें नगर पालिका और नगर पंचायत में जांच करके रिपोर्ट मांगी गई है। इन कार्यालयों में सत्यापन के साथ ही अवैध निवासी और घुसपैठ की आशंका को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियों ने रिकॉर्ड खंगालने शुरू कर दिए हैं।
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जांच से जुड़े सूत्रों के अनुसार, नेपाल बार्डर के साथ ही के कुछ दिनों में आकर अस्थाई रूप से काम धंधा करने वालों के बारे में जानकारी ली जा रही है। उनके मूवमेंट आदि की जानकारी लेने के बाद जब तहकीकात पूरी होगी तो संबंधित थाने को जानकारी देकर निवास सहित अन्य जांचें पूरी कर कार्रवाई की जाएगी। अभी न्यायालय ने एक मामले में एक बांग्लादेशी को विदेशी अधिनियम के तहत सवा दो साल की सजा सुनाई है। वह बिना कागजात के देश में घुसने के मामले में पकड़ा गया था। मोहाना थाना में प्राथमिकी दर्ज कर जेल भेज गया था। उसी मामले में सजा हुई है।
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सीमा से शहर तक ले रहीं जानकारी: बांग्लादेशी और रोहिंग्या संदिग्धों की संभावित घुसपैठ को लेकर जिले में खुफिया हलचल तेज हो गई है। सूत्रों के मुताबिक शासन के निर्देश पर कई सुरक्षा एजेंसियां झुग्गी-झोपड़ियों, अस्थाई बस्तियों और बॉर्डर बेल्ट में सर्च अभियान में जुट गई हैं। अब तक की जांच में कोई संदिग्ध नहीं मिला है, लेकिन सीमा पार गतिविधियों को देखते हुए सतर्कता बढ़ा दी गई है। बॉर्डर इलाका होने की वजह से सुरक्षा एजेंसियां इस समय विशेष सतर्क मुद्रा में हैं। टीमों का फोकस उन जगहों पर है, जहां बाहरी लोग बिना पहचान के लंबी अवधि तक रुके रहते हैं।
अधिकारियों के मुताबिक अब तक की छानबीन में किसी भी बांग्लादेशी या रोहिंग्या के छिपे होने के प्रमाण नहीं मिले हैं, लेकिन संदिग्ध गतिविधियों से जुड़े इनपुट मिलने पर लगातार अभियान जारी रखने का आदेश है।