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Siddharthnagar News: पितरों को तृप्त करने का विशेष दिन है सर्वपितृ अमावस्या

Mon, 05 Oct 2026 11:26 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर Updated Mon, 05 Oct 2026 11:26 PM IST
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Siddharthnagar News: Sarvapitra Amavasya is a special day to satiate one's ancestors
- 10 अक्तूबर को मनाई जाएगी सर्वपितृ अमावस्या, तिथि ज्ञात न होने पर भी किया जा सकता है श्राद्ध
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- पंचबली की भी है परंपरा, पितरों के स्मरण के साथ तर्पण और पिंडदान का विशेष महत्व
भनवापुर। पितृपक्ष के अंतिम दिन मनाई जाने वाली सर्वपितृ अमावस्या इस बार 10 अक्तूबर, शनिवार को होगी। सनातन धर्म में इस तिथि का विशेष महत्व माना गया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन ज्ञात-अज्ञात सभी पितरों का श्रद्धापूर्वक तर्पण, पिंडदान और श्राद्ध करने से उन्हें तृप्ति मिलती है। साथ ही परिवार में सुख, शांति और समृद्धि की कामना की जाती है।
नगर के श्रीरामलीला मैदान स्थित प्राचीन शिव मंदिर के पुजारी एवं ज्योतिषाचार्य पंडित राकेश शास्त्री ने बताया कि आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की अंतिम तिथि को सर्वपितृ अमावस्या कहा जाता है। पितृपक्ष में लोग पूर्वजों की मृत्यु तिथि के अनुसार श्राद्ध और तर्पण करते हैं। जिन पितरों की मृत्यु तिथि ज्ञात नहीं है या निर्धारित तिथि पर किसी कारणवश श्राद्ध नहीं हो सका, उनके लिए सर्वपितृ अमावस्या को श्राद्ध करने की परंपरा है।
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तिथि ज्ञात न हो तो अमावस्या पर करें श्राद्ध
पंडित राकेश शास्त्री ने बताया कि जिन पितरों की श्राद्ध तिथि ज्ञात नहीं होती, उनका श्राद्ध सर्वपितृ अमावस्या के दिन किया जा सकता है। इस दिन पितरों का स्मरण कर तर्पण और पिंडदान किया जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार इससे पूर्वजों के प्रति श्रद्धा और कृतज्ञता व्यक्त होती है तथा पितरों का आशीर्वाद परिवार को प्राप्त होता है।
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पंचबली की भी है परंपरा
सर्वपितृ अमावस्या पर भोजन तैयार होने के बाद पंचबली के रूप में देवता, गाय, कुत्ते, कौए और चींटियों के लिए अन्न निकालने की परंपरा है। धार्मिक मान्यता के अनुसार इन्हें अन्न अर्पित करने से पितरों की तृप्ति होती है। यदि पूरे पितृपक्ष में किसी कारणवश श्राद्ध और तर्पण नहीं किया जा सका हो तो इस दिन श्रद्धापूर्वक पितरों का स्मरण कर तर्पण, पिंडदान और पंचबली करने की परंपरा है। इसी कारण पितृपक्ष की अंतिम अमावस्या को पूर्वजों के प्रति श्रद्धा अर्पित करने का महत्वपूर्ण अवसर माना जाता है।
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