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Siddharthnagar News: रोडवेज बस स्टेशन बदहाल, जिम्मेदार की तैनाती तक नहीं
Mon, 07 Sep 2026 11:24 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Mon, 07 Sep 2026 11:24 PM IST
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भनवापुर। डुमरियागंज तहसील स्थित रोडवेज बस स्टेशन इन दिनों अव्यवस्थाओं से जूझ रहा है। रोडवेज तो तैयार हो गया लेकिन यहां पर किसी जिम्मेदार की तैनाती नहीं की गई है। इससे यात्रियों को परेशान होना पड़ता है।
लोगों के मुताबिक रोडवेज भवन का निर्माण करने वाले मजदूर ही खोलते और बंद करते हैं। रोडवेज की बस आती-जाती है लेकिन यात्रियों को अगर बस के संबंध में जानकारी लेनी हो तो उन्हें परेशान होना पड़ रहा है। डुमरियागंज रोडवेज स्टेशन को कायाकल्प के तहत मॉडल स्टेशन बना दिया गया। यहां कार्यालय के साथ ही प्रतीक्षालय की भी व्यवस्था है। अब रोडवेज स्टेशन पर सुविधाएं उपलब्ध हो गई हैं लेकिन, किसी जिम्मेदार की तैनाती न होने के कारण यात्रियों को परेशानी होती है।
रोडवेज से गोरखपुर और बढ़नी की ओर से आने वाली कई बसें मंदिर चौराहे से ही सवारियां लेकर आगे निकल जाती हैं। इसी तरह कानपुर से दिल्ली जाने वाली बसें भी चौराहे से यात्रियों को लेकर आगे बढ़ती हैं। बताया गया कि बस्ती, कैसरबाग, आलमबाग और सिद्धार्थनगर डिपो की करीब 30 से 35 बसों का संचालन इस मार्ग पर होता है।
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इनमें एक-दो बसों को छोड़ दिया जाए तो कई बसें मंदिर चौराहे से ही वापस हो जाती हैं। इससे स्टेशन पर यात्रियों की सुविधा और परिवहन व्यवस्था दोनों प्रभावित हो रही हैं।
नगर के मुकेश कुमार, रामप्रसाद, दिनेश कुमार आदि लोगों का कहना है कि रोडवेज स्टेशन बन गया है। अब बसों का संचालन परिसर से होना चाहिए और यहां पर किसी जिम्मेदार के तैनात की जरूरत है, जिससे यात्रियों को सहूलियत मिल सके।
रात में बसें नाइट हॉल्ट के लिए स्टेशन पर रुकती हैं लेकिन दिन के समय स्टेशन पर जिम्मेदार कर्मचारियों की अनुपस्थिति और मूलभूत सुविधाओं के अभाव से यात्रियों को परेशानी होती है।
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लोगों के मुताबिक रोडवेज भवन का निर्माण करने वाले मजदूर ही खोलते और बंद करते हैं। रोडवेज की बस आती-जाती है लेकिन यात्रियों को अगर बस के संबंध में जानकारी लेनी हो तो उन्हें परेशान होना पड़ रहा है। डुमरियागंज रोडवेज स्टेशन को कायाकल्प के तहत मॉडल स्टेशन बना दिया गया। यहां कार्यालय के साथ ही प्रतीक्षालय की भी व्यवस्था है। अब रोडवेज स्टेशन पर सुविधाएं उपलब्ध हो गई हैं लेकिन, किसी जिम्मेदार की तैनाती न होने के कारण यात्रियों को परेशानी होती है।
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रोडवेज से गोरखपुर और बढ़नी की ओर से आने वाली कई बसें मंदिर चौराहे से ही सवारियां लेकर आगे निकल जाती हैं। इसी तरह कानपुर से दिल्ली जाने वाली बसें भी चौराहे से यात्रियों को लेकर आगे बढ़ती हैं। बताया गया कि बस्ती, कैसरबाग, आलमबाग और सिद्धार्थनगर डिपो की करीब 30 से 35 बसों का संचालन इस मार्ग पर होता है।
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इनमें एक-दो बसों को छोड़ दिया जाए तो कई बसें मंदिर चौराहे से ही वापस हो जाती हैं। इससे स्टेशन पर यात्रियों की सुविधा और परिवहन व्यवस्था दोनों प्रभावित हो रही हैं।
नगर के मुकेश कुमार, रामप्रसाद, दिनेश कुमार आदि लोगों का कहना है कि रोडवेज स्टेशन बन गया है। अब बसों का संचालन परिसर से होना चाहिए और यहां पर किसी जिम्मेदार के तैनात की जरूरत है, जिससे यात्रियों को सहूलियत मिल सके।
रात में बसें नाइट हॉल्ट के लिए स्टेशन पर रुकती हैं लेकिन दिन के समय स्टेशन पर जिम्मेदार कर्मचारियों की अनुपस्थिति और मूलभूत सुविधाओं के अभाव से यात्रियों को परेशानी होती है।