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प्रस्ताव मंजूर : 17 करोड़ से दूर होगी जलभराव की समस्या

Thu, 27 Nov 2025 10:58 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर Updated Thu, 27 Nov 2025 10:58 PM IST
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Siddharthnagar News: Proposal approved: Rs 17 crore will solve the problem of waterlogging
शहर के बेलहिया चौराहे से बाल्मीकि नगर के मुख्य मार्ग पर रुका हुआ पानी। संवाद
सिद्धार्थनगर। नगर में जलभराव की समस्या के समाधान को लेकर नगर पालिका प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। नगर के पांच मोहल्ले में 17 करोड़ से नाला निर्माण कराया जाएगा। इन्हें नालों को जोड़ा जाएगा, जिससे हल्की बारिश में होने वाली जलभराव की समस्या से बड़ी राहत मिलेगी।
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नगर पालिका की बैठक में विस्तारित क्षेत्र और शहर के अबतक छूटे हुए मोहल्लों में नाला निर्माण की स्वीकृति मिली है। नाला निर्माण के बाद बरसात के मौसम में होने वाली दिक्कतों से बड़ी आबादी को स्थायी राहत मिलेगी।
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नपा सिद्धार्थनगर के सीमा विस्तार के बाद लगभग 50 हजार से अधिक की आबादी और बढ़ गई है। इसके साथ ही लगातार निर्माण होने से पानी का प्रवाह और बढ़ रहा है। मौजूदा समय में 25 वार्ड नगर पालिका में है। इसमें अधिकांश वार्ड में मूलभूत सुविधाएं नहीं है। वहीं, पुराने शहर में जल निकासी का प्रबंध न होने के कारण बारिश में समस्या विकट हो जाती है। नाला न होने से अधिकांश मोहल्ले में जलभराव का शिकार हो जाते हैं। मोहल्ले के लोगों को घरों से निकलने में मुसीबत झेलना पड़ता है। इसमें बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक स्कूल जाने वाले बच्चे सभी को परेशानी होती है। नगर पालिका की ओर से सीमा विस्तार वाले और शहर के सबसे प्रभावित पांच वार्ड को चयनित किया गया था। यहां नाला निर्माण के लिए मंजूरी मिल गई है।
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17 करोड़ रुपये की लागत से नाले का निर्माण कराया जाना है। यह नाले ऐसे बनाए जाएंगे कि शहर के बाहर एक जगह इनके पानी की निकासी हो, जिससे जलभराव की समस्या हमेशा के लिए समाप्त हो जाए। बारिश का सीजन समाप्त हो चुका है अब मौसम निर्माण के लिए अनुकूल है। ऐसे में नगर पालिका प्रशासन की ओर से जल्द ही कई प्रक्रिया पूरी करके काम शुरू करने की तैयारी में है, जिससे बरसात शुरू होने से पहले नाला निर्माण हो जाए और अगली बरसात में किसी प्रकार के लोगों को समस्या न झेलनी पड़े। माना जा रहा है नाला निर्माण होने के बाद 50 हजार से अधिक की स्थानीय आबादी और उधर से आने-जाने वाले लोगों को बड़ी राहत मिलेगी।

बारिश होते ही डूब जाता है आधा शहर: बरसात शुरू होते ही पिछले वर्षों में शहर के कई मोहल्ले दो दिन की हल्की-मध्यम बारिश में ही जलमग्न हो जाते थे। घरों से बाहर निकलना मुश्किल, सड़कें नदियों में तब्दील, कई घरों में पानी घुसने से सामान खराब होना, यह परेशानी आम हो चुकी थी। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार छोटे बच्चों और बुजुर्गों को पानी में फिसलने की नौबत आती है। निचले हिस्सों में रहने वाले परिवारों को घंटों पानी निकासी का इंतजार करना पड़ता था।
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