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Siddharthnagar News: प्राणायाम करने से हमारे वश में रहती हैं इंद्रियां
Tue, 25 Nov 2025 12:19 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Tue, 25 Nov 2025 12:19 AM IST
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बिस्कोहर। नगर के भगत सिंह नगर मोहल्ला फूलपुर राजा में आयोजित सात दिवसीय संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिन रविवार रात को कथा व्यास आचार्य रामजस ने कथा सुनाई। उन्होंने बताया कि अगर मनुष्य को लंबी आयु चाहिए तो उसे सर्वप्रथम अपने आसन को जितना चाहिए प्राणायाम करना चाहिए। इससे हमारी इंद्रियां हमारे वश में रहती हैं। उन्होंने बताया की भगवान केवल भाव और प्रेम के भूखे होते हैं।
कथा व्यास ने बताया कि विदुर दासी पुत्र थे और भगवान श्रीकृष्ण दुर्योधन की मेवा को त्याग कर विदुर के यहां केले के छिलके खाए। व्यासजी ने कहा कि कश्यप की 13 पत्नियां थी, जिसमें बड़ी पत्नी दिती की कोई संतान नहीं थी। दिती ने महाराज कश्यप से संतान की कामना की। उस समय सायं काल चल रहा था। महाराज कश्यप ने बहुत समझाया पर दिती नहीं मानी। कालांतर में दिती के गर्भ से दो पुत्र हुए-हिरण्याक्ष और हिरण्यकश्यप। व्यास जी ने कहा की हिरण्याक्ष का वध करने के लिए हमारे प्रभु को सुकर का अवतार धारण करना पड़ा। उन्होंने बताया कि प्रभु भक्तों के कार्य सिद्धि के लिए अनेकानेक रूप धारण करते हैं।
इस मौके पर सुधीर कुमार त्रिपाठी, राजेश अवस्थी उर्फ कालिया बाबा, चंद्रप्रकाश गुप्ता, सदानंद शुक्ला, विवेक शुक्ला, प्रिंस पांडेय आदि मौजूद रहे।
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कथा व्यास ने बताया कि विदुर दासी पुत्र थे और भगवान श्रीकृष्ण दुर्योधन की मेवा को त्याग कर विदुर के यहां केले के छिलके खाए। व्यासजी ने कहा कि कश्यप की 13 पत्नियां थी, जिसमें बड़ी पत्नी दिती की कोई संतान नहीं थी। दिती ने महाराज कश्यप से संतान की कामना की। उस समय सायं काल चल रहा था। महाराज कश्यप ने बहुत समझाया पर दिती नहीं मानी। कालांतर में दिती के गर्भ से दो पुत्र हुए-हिरण्याक्ष और हिरण्यकश्यप। व्यास जी ने कहा की हिरण्याक्ष का वध करने के लिए हमारे प्रभु को सुकर का अवतार धारण करना पड़ा। उन्होंने बताया कि प्रभु भक्तों के कार्य सिद्धि के लिए अनेकानेक रूप धारण करते हैं।
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इस मौके पर सुधीर कुमार त्रिपाठी, राजेश अवस्थी उर्फ कालिया बाबा, चंद्रप्रकाश गुप्ता, सदानंद शुक्ला, विवेक शुक्ला, प्रिंस पांडेय आदि मौजूद रहे।