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Siddharthnagar News: महफिल में शायरों ने पेश किए कलाम
Sat, 10 Jan 2026 11:48 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Sat, 10 Jan 2026 11:48 PM IST
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डुमरियागंज क्षेत्र के हल्लौर स्थित दरगाह हजरत अब्बास में जश्ने जनाबे सकीना महफिल में कलाम पेश क
डुमरियागंज। मानवता सम्राट हजरत इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम की बेटी जनाबे सकीना की जयंती को लेकर शुक्रवार की रात हल्लौर कस्बा स्थित दरगाह हजरत अब्बास में महफिल आयोजित की गई। इसमें स्थानीय शायरों ने जनाबे सकीना की शान में कलाम पेश किए तथा धर्मगुरु ने जनाबे सकीना की जिंदगी और किरदार पर रोशनी डाली। इस दौरान दरगाह हजरत अब्बास की भव्य सजावट की गई थी।
डुमरियागंज तहसील क्षेत्र के कस्बा हल्लौर स्थित दरगाह हजरत अब्बास पर शुक्रवार की रात आयोजित जश्ने जनाबे सकीना महफिल का आगाज अब्बास अली ने कलाम पाक की तिलावत करके किया। इसके बाद नाते पाक अंबर मेहंदी ने पढ़ी। इसके बाद मशहूर शायर शमशाद हल्लौरी, अम्मार, अफसर, अजीम सज्जादी, लकी, जिगर, हसन जमाल, अर्श, खुलूस, मंजर मास्टर, सबीह, हानी, अजीम मास्टर, हैदरे कर्रार, काजिम मेहंदी, आले रजा, आजादार हुसैन आदि ने कलाम पेश किए। महफिल के आखिर में अपने संबोधन के जरिये मौलाना मोहम्मद अब्बास शारिब, जाकिर जमाल हैदर ने कहा की हजरत इमाम हुसैन ने जनाबे सकीना के लिए अल्लाह से दुआ की थी। उसके बाद उनको सकीना जैसी बेटी अता हुई। इसे वह बहुत चाहते थे सकीना के बिना इमाम हुसैन एक पल भी नहीं रह पाते थे और सकीना भी अपने बाप को बहुत चाहती थी। कार्यक्रम की अध्यक्षता मौलाना मोहम्मद अब्बास शारिब तथा संचालन अफसर हल्लौरी ने किया।
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डुमरियागंज तहसील क्षेत्र के कस्बा हल्लौर स्थित दरगाह हजरत अब्बास पर शुक्रवार की रात आयोजित जश्ने जनाबे सकीना महफिल का आगाज अब्बास अली ने कलाम पाक की तिलावत करके किया। इसके बाद नाते पाक अंबर मेहंदी ने पढ़ी। इसके बाद मशहूर शायर शमशाद हल्लौरी, अम्मार, अफसर, अजीम सज्जादी, लकी, जिगर, हसन जमाल, अर्श, खुलूस, मंजर मास्टर, सबीह, हानी, अजीम मास्टर, हैदरे कर्रार, काजिम मेहंदी, आले रजा, आजादार हुसैन आदि ने कलाम पेश किए। महफिल के आखिर में अपने संबोधन के जरिये मौलाना मोहम्मद अब्बास शारिब, जाकिर जमाल हैदर ने कहा की हजरत इमाम हुसैन ने जनाबे सकीना के लिए अल्लाह से दुआ की थी। उसके बाद उनको सकीना जैसी बेटी अता हुई। इसे वह बहुत चाहते थे सकीना के बिना इमाम हुसैन एक पल भी नहीं रह पाते थे और सकीना भी अपने बाप को बहुत चाहती थी। कार्यक्रम की अध्यक्षता मौलाना मोहम्मद अब्बास शारिब तथा संचालन अफसर हल्लौरी ने किया।
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