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फार्मासिस्ट स्वास्थ्य विभाग की रीढ़ होते हैं: डीएम
Fri, 26 Sep 2025 01:13 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Fri, 26 Sep 2025 01:13 AM IST
सार
सिद्धार्थनगर के मेडिकल कॉलेज सभागार में विश्व फार्मासिस्ट दिवस पर फार्मासिस्टों की भूमिका पर कार्यक्रम आयोजित हुआ। अधिकारियों ने सरकारी अस्पतालों में फार्मासिस्टों को स्वास्थ्य व्यवस्था की रीढ़ बताते हुए उनकी जिम्मेदारियों को रेखांकित किया।
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विस्तार
- मेडिकल कॉलेज सभागार में विश्व फार्मासिस्ट दिवस पर आयोजित हुआ कार्यक्रम
सिद्धार्थनगर। विश्व फार्मासिस्ट दिवस पर डिप्लोमा फार्मासिस्ट एसोसिएशन की ओर से मेडिकल काॅलेज सभागार में समारोह आयोजित किया गया। जिलाधिकारी डॉ. राजागणपति आर ने कहा कि फार्मासिस्ट स्वास्थ्य विभाग की रीढ़ होते हैं। मरीजों के इलाज में डॉक्टरों और नर्सों की भूमिका जितनी महत्वपूर्ण है, उतनी ही अहम जिम्मेदारी सरकारी अस्पतालों में कार्यरत फार्मासिस्ट भी निभाते हैं।
उन्होंने कहा कि फार्मासिस्ट का दायित्व केवल दवाओं का वितरण करना ही नहीं बल्कि अस्पताल में उपलब्ध औषधियों का वैज्ञानिक और सुरक्षित प्रबंधन करना भी है। वे यह सुनिश्चित करते हैं कि मरीजों को सही दवा, सही खुराक और सही समय पर उपलब्ध हो। इसके साथ ही स्टॉक की निगरानी, जीवनरक्षक दवाओं की उपलब्धता और उनकी समयबद्ध सप्लाई की जिम्मेदारी भी उन्हीं पर होती है।
मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. रजत कुमार चौरसिया ने कहा कि सरकारी अस्पतालों में कार्यरत फार्मासिस्ट मरीजों को दवा के संभावित दुष्प्रभाव, परस्पर दवा की प्रतिक्रिया और बचाव के उपायों के बारे में बताते हैं। ग्रामीण और अशिक्षित मरीजों को सरल भाषा में समझाकर वे दवा सेवन की पूरी प्रक्रिया को सहज बनाते हैं। यही नहीं, वे जरूरत पड़ने पर मरीजों को मुफ्त परामर्श भी देते हैं जो उनके मानवीय और संवेदनशील पक्ष को उजागर करता है। इस अवसर पर प्राचार्य मेडिकल काॅलेज डॉ. राजेश मोहन, डॉ. सत्येंद्र कुमार द्विवेदी, डॉ. विमल द्विवेदी, डॉ. नौशाद, डॉ. विष्णु, डॉ. नीलम, डॉ. चारु मिश्रा आदि उपस्थित रहे।
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सिद्धार्थनगर। विश्व फार्मासिस्ट दिवस पर डिप्लोमा फार्मासिस्ट एसोसिएशन की ओर से मेडिकल काॅलेज सभागार में समारोह आयोजित किया गया। जिलाधिकारी डॉ. राजागणपति आर ने कहा कि फार्मासिस्ट स्वास्थ्य विभाग की रीढ़ होते हैं। मरीजों के इलाज में डॉक्टरों और नर्सों की भूमिका जितनी महत्वपूर्ण है, उतनी ही अहम जिम्मेदारी सरकारी अस्पतालों में कार्यरत फार्मासिस्ट भी निभाते हैं।
उन्होंने कहा कि फार्मासिस्ट का दायित्व केवल दवाओं का वितरण करना ही नहीं बल्कि अस्पताल में उपलब्ध औषधियों का वैज्ञानिक और सुरक्षित प्रबंधन करना भी है। वे यह सुनिश्चित करते हैं कि मरीजों को सही दवा, सही खुराक और सही समय पर उपलब्ध हो। इसके साथ ही स्टॉक की निगरानी, जीवनरक्षक दवाओं की उपलब्धता और उनकी समयबद्ध सप्लाई की जिम्मेदारी भी उन्हीं पर होती है।
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मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. रजत कुमार चौरसिया ने कहा कि सरकारी अस्पतालों में कार्यरत फार्मासिस्ट मरीजों को दवा के संभावित दुष्प्रभाव, परस्पर दवा की प्रतिक्रिया और बचाव के उपायों के बारे में बताते हैं। ग्रामीण और अशिक्षित मरीजों को सरल भाषा में समझाकर वे दवा सेवन की पूरी प्रक्रिया को सहज बनाते हैं। यही नहीं, वे जरूरत पड़ने पर मरीजों को मुफ्त परामर्श भी देते हैं जो उनके मानवीय और संवेदनशील पक्ष को उजागर करता है। इस अवसर पर प्राचार्य मेडिकल काॅलेज डॉ. राजेश मोहन, डॉ. सत्येंद्र कुमार द्विवेदी, डॉ. विमल द्विवेदी, डॉ. नौशाद, डॉ. विष्णु, डॉ. नीलम, डॉ. चारु मिश्रा आदि उपस्थित रहे।
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