{"_id":"68b339f7e6e5a75b920700f0","slug":"siddharthnagar-news-only-the-story-of-god-can-liberate-man-from-birth-and-death-siddharthnagar-news-c-227-1-sdn1003-143728-2025-08-30","type":"story","status":"publish","title_hn":"Siddharthnagar News: भगवान की कथा ही मनुष्य को दिला सकती है जन्म-मरण से मुक्ति","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Siddharthnagar News: भगवान की कथा ही मनुष्य को दिला सकती है जन्म-मरण से मुक्ति
Sat, 30 Aug 2025 11:20 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Sat, 30 Aug 2025 11:20 PM IST
विज्ञापन
भनवापुर क्षेत्र के बिजवार बढ़ई में श्रीमद्भागवत कथा सुनाते नितेशाचार्य।
भनवापुर। भागवत कथा सुनने वालों का भगवान हमेशा कल्याण करते हैं। भागवत पुराण में कहा गया है कि जो भगवान को प्रिय हो, वही करो। हमेशा भगवान से मिलने का उद्देश्य बना लो जो प्रभु का मार्ग हो उसे अपना लो। इस संसार में जन्म-मरण से मुक्ति भगवान की कथा ही दिला सकती है। बिजवार बढ़ई गांव में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के दूसरे दिन शुक्रवार की रात नितेशाचार्य ने कहा कि भगवान की कथा विचार, वैराग्य, ज्ञान और हरि से मिलने का मार्ग बता देती है। राजा परीक्षित के कारण भागवत कथा पृथ्वी के लोगों को सुनने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। बताया कि जब तक जीव माता के गर्भ में रहता है, तब तक वह बाहर निकलने के लिए छटपटाता रहता है। उस समय वह जीव बाहर निकलने के लिए ईश्वर से अनेक प्रकार के वादे करता है। मगर जन्म लेने के पश्चात सांसारिक मोह माया में फंस कर वह भगवान से किए गए वादों को भूल जाता है, जिसके परिणामस्वरूप उसे 84 लाख योनी भोगनी पड़ती है। व्यक्ति अपने जीवन में जिस प्रकार के कर्म करता है उसी के अनुरूप उसे मृत्यु मिलती है। भगवान ध्रुव के सत्कर्मों की चर्चा करते हुए कथावाचक ने कहा कि ध्रुव की साधना, उनके सत्कर्म और ईश्वर के प्रति अटूट श्रद्धा के परिणाम स्वरूप ही उन्हें वैकुंठ लोक प्राप्त हुआ।
इस दौरान पंडित बाल गोविंद मिश्र, रवि प्रकाश, आशुतोष, हिमांशु, अरुण, विद्या प्रकाश, रमेश प्रसाद मिश्र मौजूद रहे।
विज्ञापन
इस दौरान पंडित बाल गोविंद मिश्र, रवि प्रकाश, आशुतोष, हिमांशु, अरुण, विद्या प्रकाश, रमेश प्रसाद मिश्र मौजूद रहे।