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Siddharthnagar News: निजी अस्पताल में नवजात की मौत, ऑपरेशन थिएटर सील
Mon, 05 Oct 2026 11:36 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Mon, 05 Oct 2026 11:36 PM IST
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डुमरियागंज। बेवा चौराहे के पास स्थित रॉयल अस्पताल में प्रसव के बाद नवजात की मौत के मामले में परिजनों ने अस्पताल संचालक एवं चिकित्सक डॉ. अल्ताफ खान पर लापरवाही का आरोप लगाया है। सीएचसी बेवा के अधीक्षक को शिकायत मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने अस्पताल की जांच की। इस दौरान ऑपरेशन थिएटर सील कर दिया गया। धनुवाडीह उर्फ हजिरवा निवासी कल्लू यादव उर्फ रामवृक्ष ने शिकायत में बताया कि उसकी बहन पुनीता यादव को प्रसव पीड़ा होने पर रॉयल अस्पताल में भर्ती कराया गया था। दो अक्तूबर की शाम करीब पांच बजे ऑपरेशन से बच्चे का जन्म हुआ।
शिकायतकर्ता के अनुसार, जन्म के बाद नवजात ठीक से हरकत नहीं कर रहा था। अस्पताल कर्मी उसके मुंह में पाइप डालकर कुछ निकालने का प्रयास कर रहे थे।
कल्लू यादव का आरोप है कि उन्होंने बच्चे को किसी दूसरे अस्पताल में दिखाने की बात कही लेकिन चिकित्सकों और कर्मचारियों ने बच्चे को ठीक बताया।
तीन अक्तूबर की सुबह अस्पताल पहुंचने पर भी बच्चे की स्थिति में सुधार नहीं दिखा। बाद में अस्पताल की ओर से बच्चे को बाहर ले जाकर दिखाने की बात कही गई। शिकायतकर्ता के मुताबिक इसी दौरान नवजात की मौत हो गई।
अस्पताल संचालक ने दी सफाई : अस्पताल संचालक एवं चिकित्सक डॉ. अल्ताफ खान ने आरोपों से अलग पक्ष रखते हुए बताया कि जन्म के बाद बच्चा रो रहा था। उसकी हालत को देखते हुए परिजनों को बाहर दिखाने की सलाह दी गई थी।
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सुबह बच्चे को ऑक्सीजन लगाकर अपनी गाड़ी से मेडिकल कॉलेज सिद्धार्थनगर के लिए रेफर किया गया लेकिन वहां पहुंचने से करीब 10 किलोमीटर पहले रास्ते में उसकी मौत हो गई।
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शिकायतकर्ता के अनुसार, जन्म के बाद नवजात ठीक से हरकत नहीं कर रहा था। अस्पताल कर्मी उसके मुंह में पाइप डालकर कुछ निकालने का प्रयास कर रहे थे।
कल्लू यादव का आरोप है कि उन्होंने बच्चे को किसी दूसरे अस्पताल में दिखाने की बात कही लेकिन चिकित्सकों और कर्मचारियों ने बच्चे को ठीक बताया।
तीन अक्तूबर की सुबह अस्पताल पहुंचने पर भी बच्चे की स्थिति में सुधार नहीं दिखा। बाद में अस्पताल की ओर से बच्चे को बाहर ले जाकर दिखाने की बात कही गई। शिकायतकर्ता के मुताबिक इसी दौरान नवजात की मौत हो गई।
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अस्पताल संचालक ने दी सफाई : अस्पताल संचालक एवं चिकित्सक डॉ. अल्ताफ खान ने आरोपों से अलग पक्ष रखते हुए बताया कि जन्म के बाद बच्चा रो रहा था। उसकी हालत को देखते हुए परिजनों को बाहर दिखाने की सलाह दी गई थी।
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सुबह बच्चे को ऑक्सीजन लगाकर अपनी गाड़ी से मेडिकल कॉलेज सिद्धार्थनगर के लिए रेफर किया गया लेकिन वहां पहुंचने से करीब 10 किलोमीटर पहले रास्ते में उसकी मौत हो गई।