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Siddharthnagar News: एनईपी आधारित पाठ्यक्रमों से छात्रों को मिलेगी नई शिक्षा
Tue, 11 Nov 2025 11:57 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Tue, 11 Nov 2025 11:57 PM IST
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सिद्धार्थ विश्वविद्यालय कपिलवस्तु में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करती राज्यपाल आनंदीबेन पटेल।
सिद्धार्थ विश्वविद्यालय कपिलवस्तु में प्रवास के दूसरे दिन राज्यपाल ने अधिकारियों और शिक्षकों के साथ की समीक्षा बैठक
सिद्धार्थनगर। सिद्धार्थ विश्वविद्यालय कपिलवस्तु में प्रवास के दूसरे दिन मंगलवार को राज्यपाल और विश्वविद्यालय की कुलाधिपति आनंदी बेन पटेल ने विश्वविद्यालय के अधिकारी व शिक्षक के साथ समीक्षा बैठक की।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) पर आधारित एकीकृत पाठ्यक्रमों, पर्यावरण विज्ञान, संगीत एवं ललित कला जैसे नए पाठ्यक्रमों से छात्रों को बेहतर सुविधा मिलेगी।
उन्होंने कहा कि आगे और तकनीकी और नवाचार आधारित कार्यक्रम प्रारंभ किए जाएं। राज्यपाल ने कहा कि नेट और जेआरएफ में चयनित विद्यार्थियों की संख्या बढ़ी है, जो सकारात्मक संकेत है। उन्होंने कहा कि शोध कार्य समाजोपयोगी होना चाहिए, जिससे शिक्षा एवं समाज दोनों को प्रत्यक्ष लाभ मिल सके। यह वर्तमान समय की अत्यंत महत्वपूर्ण आवश्यकता है। उन्होंने शिक्षकों को इस क्षेत्र में प्रशिक्षण लेने और विद्यार्थियों को जागरूक करने के लिए प्रेरित किया।
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उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को सजग करने से परिवार और उससे आगे पूरा समाज जागरूक होगा। भारत साइबर चुनौतियों से प्रभावी रूप से निपटने के लिए डीआरडीओ, इसरो, आई-आईटी, आईआईएम सहित विभिन्न संस्थानों से एमओयू करने के साथ ही फैकल्टी ट्रेनिंग प्रोग्राम चलाने तथा रक्षा तकनीक से जुड़े पाठ्यक्रम संचालित करने के लिए भी उन्होंने निर्देशित किया।
उन्होंने कहा कि भविष्य में भारत रक्षा उत्पादन एवं निर्यात का वैश्विक केंद्र बनने जा रहा है, ऐसे में विश्वविद्यालय को इस दिशा में अग्रणी भूमिका निभानी चाहिए। उन्होंने ने छात्रावासों की सफाई, स्वास्थ्यवर्धक भोजन तथा समुचित व्यवस्था की सराहना की। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय को सरकारी योजनाओं से और अधिक फंडिंग प्राप्त कर छात्रावासों में उच्च स्तरीय सुविधाएं प्रदान करनी चाहिए। एक विश्वविद्यालय के उदाहरण का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि घास या प्राकृतिक अपशिष्ट से स्वयं सहायता समूह उपयोगी उत्पाद जैसे टोकरी, दरी इत्यादि बनाकर आर्थिक रूप से सशक्त हो सकते हैं।
जल्द शुरू करें डिजिटल लाइब्रेरी की सुविधा : राज्यपाल ने डिजिटल लाइब्रेरी की प्रगति पर संतोष व्यक्त करते हुए इसे शीघ्र विद्यार्थियों को समर्पित करके इसकी सुविधा शुरू करने के निर्देश दिए। उन्होंने इनक्यूबेशन सेंटर के साथ प्लेसमेंट सेल को और अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश दिए।
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सिद्धार्थनगर। सिद्धार्थ विश्वविद्यालय कपिलवस्तु में प्रवास के दूसरे दिन मंगलवार को राज्यपाल और विश्वविद्यालय की कुलाधिपति आनंदी बेन पटेल ने विश्वविद्यालय के अधिकारी व शिक्षक के साथ समीक्षा बैठक की।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) पर आधारित एकीकृत पाठ्यक्रमों, पर्यावरण विज्ञान, संगीत एवं ललित कला जैसे नए पाठ्यक्रमों से छात्रों को बेहतर सुविधा मिलेगी।
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उन्होंने कहा कि आगे और तकनीकी और नवाचार आधारित कार्यक्रम प्रारंभ किए जाएं। राज्यपाल ने कहा कि नेट और जेआरएफ में चयनित विद्यार्थियों की संख्या बढ़ी है, जो सकारात्मक संकेत है। उन्होंने कहा कि शोध कार्य समाजोपयोगी होना चाहिए, जिससे शिक्षा एवं समाज दोनों को प्रत्यक्ष लाभ मिल सके। यह वर्तमान समय की अत्यंत महत्वपूर्ण आवश्यकता है। उन्होंने शिक्षकों को इस क्षेत्र में प्रशिक्षण लेने और विद्यार्थियों को जागरूक करने के लिए प्रेरित किया।
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उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को सजग करने से परिवार और उससे आगे पूरा समाज जागरूक होगा। भारत साइबर चुनौतियों से प्रभावी रूप से निपटने के लिए डीआरडीओ, इसरो, आई-आईटी, आईआईएम सहित विभिन्न संस्थानों से एमओयू करने के साथ ही फैकल्टी ट्रेनिंग प्रोग्राम चलाने तथा रक्षा तकनीक से जुड़े पाठ्यक्रम संचालित करने के लिए भी उन्होंने निर्देशित किया।
उन्होंने कहा कि भविष्य में भारत रक्षा उत्पादन एवं निर्यात का वैश्विक केंद्र बनने जा रहा है, ऐसे में विश्वविद्यालय को इस दिशा में अग्रणी भूमिका निभानी चाहिए। उन्होंने ने छात्रावासों की सफाई, स्वास्थ्यवर्धक भोजन तथा समुचित व्यवस्था की सराहना की। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय को सरकारी योजनाओं से और अधिक फंडिंग प्राप्त कर छात्रावासों में उच्च स्तरीय सुविधाएं प्रदान करनी चाहिए। एक विश्वविद्यालय के उदाहरण का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि घास या प्राकृतिक अपशिष्ट से स्वयं सहायता समूह उपयोगी उत्पाद जैसे टोकरी, दरी इत्यादि बनाकर आर्थिक रूप से सशक्त हो सकते हैं।
जल्द शुरू करें डिजिटल लाइब्रेरी की सुविधा : राज्यपाल ने डिजिटल लाइब्रेरी की प्रगति पर संतोष व्यक्त करते हुए इसे शीघ्र विद्यार्थियों को समर्पित करके इसकी सुविधा शुरू करने के निर्देश दिए। उन्होंने इनक्यूबेशन सेंटर के साथ प्लेसमेंट सेल को और अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश दिए।