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Siddharthnagar News: नवजात के लिए मां का दूध सबसे बड़ा सुरक्षा कवच
Wed, 05 Aug 2026 10:57 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Wed, 05 Aug 2026 10:57 PM IST
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विश्व स्तनपान सप्ताह पर मेडिकल कॉलेज में आयोजित हुआ जागरूकता कार्यक्रम
सिद्धार्थनगर। विश्व स्तनपान सप्ताह के अवसर पर बुधवार को माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज के एमसीएच विंग में बाल रोग विभाग की ओर से जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में चिकित्सकों ने माताओं और उनके परिजन को नवजात शिशुओं के लिए स्तनपान के महत्व की जानकारी दी। इस दौरान जन्म के पहले घंटे में स्तनपान शुरू करने और छह माह तक केवल मां का दूध पिलाने का संदेश दिया गया।
चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एसएन उपाध्याय ने कहा कि नवजात के लिए मां का दूध सबसे बड़ा सुरक्षा कवच है। जन्म के पहले घंटे में स्तनपान शुरू करना शिशु के स्वस्थ जीवन की मजबूत नींव रखता है। उन्होंने कहा कि मां का दूध शिशु को संक्रमण, कुपोषण और कई गंभीर बीमारियों से बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
बाल रोग विभाग की प्रभारी डॉ. नम्रता चौधरी ने कहा कि स्तनपान को लेकर समाज में फैली भ्रांतियों को दूर करना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि मां का दूध बच्चे के लिए संपूर्ण और सर्वोत्तम आहार है, जिसका कोई विकल्प नहीं है।
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असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. संजय और एसएनसीयू के नोडल अधिकारी डॉ. फुरकान अहमद ने पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से स्तनपान के वैज्ञानिक लाभ, नवजात की देखभाल और समय पर स्तनपान शुरू कराने के महत्व पर विस्तार से जानकारी दी। सीनियर रेजिडेंट डॉ. विपिन ने कहा कि केवल मां का दूध पिलाना शिशु को कुपोषण और संक्रमण से बचाने का सबसे सरल, सुरक्षित और प्रभावी उपाय है।
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण एमबीबीएस 2022 बैच के छात्र-छात्राओं द्वारा प्रस्तुत स्तनपान जागरूकता पर आधारित नुक्कड़ नाटक रहा, जिसने लोगों को स्तनपान से जुड़ी भ्रांतियों के प्रति जागरूक किया और सही संदेश दिया।
इस अवसर पर एसएनसीयू में भर्ती नवजात शिशुओं की माताओं सीमा, जैतुननिशा और सुमन ने अपने बच्चों के स्वास्थ्य में सुधार होने पर बाल रोग विभाग के चिकित्सकों, नर्सिंग अधिकारियों एवं पूरे स्टाफ के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का संचालन नर्सिंग इंचार्ज श्रीश श्रीवास्तव ने किया।
इस दौरान एमबीबीएस छात्र गोविंद, हर्षिता, महरुन निशा सहित नर्सिंग अधिकारी सरोज पांडेय, हेमलता, रिंकी गुप्ता व उनके परिजन उपस्थित रहे।
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सिद्धार्थनगर। विश्व स्तनपान सप्ताह के अवसर पर बुधवार को माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज के एमसीएच विंग में बाल रोग विभाग की ओर से जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में चिकित्सकों ने माताओं और उनके परिजन को नवजात शिशुओं के लिए स्तनपान के महत्व की जानकारी दी। इस दौरान जन्म के पहले घंटे में स्तनपान शुरू करने और छह माह तक केवल मां का दूध पिलाने का संदेश दिया गया।
चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एसएन उपाध्याय ने कहा कि नवजात के लिए मां का दूध सबसे बड़ा सुरक्षा कवच है। जन्म के पहले घंटे में स्तनपान शुरू करना शिशु के स्वस्थ जीवन की मजबूत नींव रखता है। उन्होंने कहा कि मां का दूध शिशु को संक्रमण, कुपोषण और कई गंभीर बीमारियों से बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
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बाल रोग विभाग की प्रभारी डॉ. नम्रता चौधरी ने कहा कि स्तनपान को लेकर समाज में फैली भ्रांतियों को दूर करना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि मां का दूध बच्चे के लिए संपूर्ण और सर्वोत्तम आहार है, जिसका कोई विकल्प नहीं है।
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असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. संजय और एसएनसीयू के नोडल अधिकारी डॉ. फुरकान अहमद ने पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से स्तनपान के वैज्ञानिक लाभ, नवजात की देखभाल और समय पर स्तनपान शुरू कराने के महत्व पर विस्तार से जानकारी दी। सीनियर रेजिडेंट डॉ. विपिन ने कहा कि केवल मां का दूध पिलाना शिशु को कुपोषण और संक्रमण से बचाने का सबसे सरल, सुरक्षित और प्रभावी उपाय है।
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण एमबीबीएस 2022 बैच के छात्र-छात्राओं द्वारा प्रस्तुत स्तनपान जागरूकता पर आधारित नुक्कड़ नाटक रहा, जिसने लोगों को स्तनपान से जुड़ी भ्रांतियों के प्रति जागरूक किया और सही संदेश दिया।
इस अवसर पर एसएनसीयू में भर्ती नवजात शिशुओं की माताओं सीमा, जैतुननिशा और सुमन ने अपने बच्चों के स्वास्थ्य में सुधार होने पर बाल रोग विभाग के चिकित्सकों, नर्सिंग अधिकारियों एवं पूरे स्टाफ के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का संचालन नर्सिंग इंचार्ज श्रीश श्रीवास्तव ने किया।
इस दौरान एमबीबीएस छात्र गोविंद, हर्षिता, महरुन निशा सहित नर्सिंग अधिकारी सरोज पांडेय, हेमलता, रिंकी गुप्ता व उनके परिजन उपस्थित रहे।