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काेलनगर : पुरातात्विक खोदाई में मिलीं प्राचीन संरचनाएं

Thu, 04 Dec 2025 12:15 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर Updated Thu, 04 Dec 2025 12:15 AM IST
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Siddharthnagar News: Kolnagar: Ancient structures found during archaeological excavation
खुनुवां। नेपाल के पश्चिमी नवलपरासी जिले में स्थित प्राचीन कोलिय गणराज्य की संभावित राजधानी कोलनगर (पंडितपुर) में चल रही पुरातात्विक खोदाई ने इतिहास प्रेमियों, बौद्ध अनुयायियों और शोधकर्ताओं में उत्साह भर दिया है। खुदाई स्थलों से प्राचीन शहर के खंडहरों और बुनियादी संरचनाओं के मिलने के बाद यह क्षेत्र एक बार फिर वैश्विक ध्यान का केंद्र बन गया है।
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10 नवंबर से चल रही खुदाई पुरातत्वविद् भास्कर ग्यावली के नेतृत्व में की जा रही है। इसमें त्रिभुवन विश्वविद्यालय और लुंबिनी बौद्ध विश्वविद्यालय के लगभग 40 स्नातकोत्तर छात्र भी शामिल हैं। पिछले वर्षों में किए गए जियोफिजिकल सर्वे के आधार पर की गई इस खोदाई में प्राचीन कुएं, उनके आसपास की इमारतों के अवशेष और शहर की दीवारें सामने आई हैं। पुरातत्वविदों के अनुसार यहां मिली ईंटें और दीवारें कुषाण काल की प्रतीत होती हैं जबकि सबसे महत्वपूर्ण खोज कार्बन डेटिंग से मिली है। खोदाई टीम ने पुष्टि की है कि मिले अवशेषों की कार्बन डेट 600 ईसा पूर्व है।
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टीम के एक सदस्य नारद यादव ने बताया कि कार्बन डेटिंग ने यह स्पष्ट कर दिया है कि इस स्थल का इतिहास अत्यंत प्राचीन है और यह बुद्ध काल से पहले का बसाया हुआ शहर था। प्रारंभिक सर्वे के अनुसार, यह पुरानी राजधानी लगभग 3600 वर्गमीटर क्षेत्र में फैली हुई थी।
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धार्मिक महत्व के कारण वैश्विक आकर्षण: कोलनगर बौद्ध धर्म मानने वालों के लिए विशेष धार्मिक महत्व रखता है क्योंकि यही वह क्षेत्र है जहां बुद्ध की माता महामाया, पालनकर्त्री प्रजापति गौतमी और पत्नी यशोधरा का निवास रहा माना जाता है। साथ ही, कोलिय राजवंश द्वारा संरक्षित रामग्राम स्तूप, जिसे बुद्ध के अवशेषों वाला वास्तविक, अप्रकाशित स्तूप माना जाता है। इन ऐतिहासिक खोजों से उम्मीद है कि यह क्षेत्र जल्द ही धार्मिक पर्यटन का प्रमुख केंद्र बनेगा और स्थानीय स्तर पर आर्थिक विकास को भी गति देगा।
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