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Siddharthnagar News: यूपीसीओएस से बदलेगी 3,500 आउटसोर्स कर्मियों की नौकरी

Wed, 02 Sep 2026 11:21 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर Updated Wed, 02 Sep 2026 11:21 PM IST
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Siddharthnagar News: Jobs of 3,500 outsourced personnel to change via UPCOS
- सिद्धार्थनगर के तीन से साढ़े तीन हजार कर्मियों पर असर का अनुमान; अब विभाग नहीं चुनेंगे एजेंसी
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- पांच तारीख तक वेतन, 20-40 हजार तक मानदेय और सामाजिक सुरक्षा का भरोसा
सिद्धार्थनगर। महीने की तनख्वाह के इंतजार, एजेंसी के भुगतान और नौकरी की अनिश्चितता से जूझ रहे जिले के करीब तीन से साढ़े तीन हजार आउटसोर्स कर्मियों को नई व्यवस्था से सीधा फायदा मिलेगा। बुधवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ के लोकभवन में उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम (यूपीसीओएस) के पोर्टल और लोगो का शुभारंभ किया। इसके बाद जिले के विभिन्न विभागों में कार्यरत आउट सोर्स कर्मियों के चेहरे पर चमक दौड़ गई।
जानकार बता रहे हैं कि नई व्यवस्था में पद के अनुसार 20 से 40 हजार रुपये तक मानदेय, हर महीने पांच तारीख तक भुगतान और ईपीएफ-ईएसआई, मेडिक्लेम व दुर्घटना बीमा जैसी सामाजिक सुरक्षा सुविधाओं का प्रावधान किया गया है। जिले में स्वास्थ्य विभाग, मेडिकल कॉलेज, जिला अस्पताल, नगर निकाय, पंचायत, ब्लॉक, शिक्षा और बाल विकास समेत कई विभागों में आउटसोर्स कर्मचारी कार्यरत हैं। इनकी विभागवार सूची मांगी जा चुकी है। यही सूची यूपीसीओएस के दायरे में आने वाले कर्मचारियों की वास्तविक संख्या और उनके पदों का वर्गीकरण तय करने का आधार बनेगी।
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नई व्यवस्था का सबसे बड़ा बदलाव एजेंसी चयन में होगा। अब विभाग सीधे निजी एजेंसी का चयन नहीं करेंगे। विभाग अपनी जरूरत और संबंधित पदों की जानकारी यूपीसीओएस को देंगे। इसके बाद निगम की प्रक्रिया के तहत जेम के माध्यम से सेवा प्रदाता एजेंसी का चयन किया जाएगा। इस बदलाव से एजेंसी चयन में पारदर्शिता आने और मनमानी पर अंकुश लगने की उम्मीद है। कर्मचारी का डाटा, उपस्थिति और भुगतान भी डिजिटल व्यवस्था से जोड़ने की तैयारी है।
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बताया जा रहा है कि प्रारंभिक अनुमान में तीन से साढ़े तीन हजार कर्मचारी इसके दायरे में आ सकते हैं। विभागवार सूची पूरी होने के बाद वास्तविक संख्या सामने आएगी। इसके साथ यह भी स्पष्ट होगा कि अभी कर्मचारियों को कितना भुगतान हो रहा है और नई व्यवस्था में उनकी आय में कितना बदलाव आएगा।
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20 से 40 हजार तक मानदेय
- आउटसोर्स पदों को चार श्रेणियों में बांटा गया है। श्रेणी-1 में 40 हजार, श्रेणी-2 में 25 हजार, श्रेणी-3 में 22 हजार और श्रेणी-4 में 20 हजार रुपये मासिक मानदेय निर्धारित किया गया है। हालांकि इसका अर्थ यह नहीं कि हर आउटसोर्स कर्मी को न्यूनतम 20 हजार रुपये मिलेंगे। पद के वर्गीकरण के आधार पर ही मानदेय तय होगा।
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पांच तारीख तक भुगतान
- सेवा योजन अधिकारी मिथिलेश कुमार मिश्रा बताते हैं कि कर्मचारियों के लिए समय पर भुगतान नई व्यवस्था का अहम हिस्सा है। हर महीने की पांच तारीख तक मानदेय भुगतान का प्रावधान है। इसके साथ ईपीएफ, ईएसआई, मेडिक्लेम और दुर्घटना बीमा जैसी सुविधाएं भी प्रस्तावित हैं। साप्ताहिक अवकाश और महिला कर्मचारियों के लिए मातृत्व अवकाश का भी प्रावधान किया गया है।
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असल सवाल : हाथ में कितनी आएगी रकम
- वित्तीय मामलों के जानकार एडवोकेट संजय श्रीवास्तव बताते हैं कि नई मानदेय दर से उम्मीद बढ़ी है लेकिन कर्मचारी की वास्तविक आय का आकलन घोषित मानदेय से नहीं होगा। ईपीएफ-ईएसआई अंशदान और अन्य वैधानिक कटौती के बाद खाते में कितनी रकम पहुंचेगी, यह भी महत्वपूर्ण होगा। इसके अलावा एजेंसी बदलने पर पुराने कर्मचारियों की सेवा निरंतरता और लंबित भुगतान की जिम्मेदारी नई व्यवस्था की बड़ी परीक्षा होगी।


भविष्य की भर्ती में परीक्षा और आरक्षण
- यूपीसीओएस का असर नई नियुक्तियों पर भी पड़ेगा। नई भर्तियों में लिखित परीक्षा और इंटरव्यू के साथ एससी, एसटी, ओबीसी और ईडब्ल्यूएस आरक्षण का प्रावधान रखा गया है। इससे जिले के युवाओं के लिए सरकारी विभागों से जुड़ी आउटसोर्स नौकरियों में चयन का नया रास्ता खुल सकता है।
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