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Siddharthnagar News: हाथ में नहीं आया था लाइसेंस, संचालित होने लगा था अस्पताल
Fri, 07 Aug 2026 10:59 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Fri, 07 Aug 2026 10:59 PM IST
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- शहर के एक निजी अस्पताल में वृद्ध महिला की मौत के मामले में जांच में सामने आई हकीकत
सिद्धार्थनगर। नगर के साड़ी तिराहा के पास स्थिति एक निजी अस्पताल में हुई वृद्ध महिला की मौत के मामले में की जांच में बड़ी खामी सामने आई है। स्वास्थ्य विभाग के नोडल की जांच में अस्पताल बिना पंजीकरण के संचालित होना पाया गया है। इसके आधार पर जांच की जा रही है। हालांकि, इस मामले में पीड़ित पक्ष खामोश हो गया है।
बता दें कि पांच अगस्त की शाम महराजगंज जनपद के बृजमनगंज थाना क्षेत्र के हाला बेला हरैया गांव के टोला शेखपुर निवासी हेमवती (68) पत्नी राजकिशोर को पैर में दर्द की शिकायत पर चार अगस्त को माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज में भर्ती करवाया। जहां से एक निजी एंबुलेंस वाले ने उन्हें दूसरे अस्पताल में पहुंचाया दिया। पांच अगस्त की शाम वृद्धा की मौत हो गई। परिवार को इसकी जानकारी तब हुई जब एंबुलेंस वाला उन्हें लेकर दूसरे अस्पताल जाने के लिए पहुंचा। इस मामले में परिवार ने आरोप लगाया कि मरने के बाद भी इलाज कर रहे थे और रुपये ऐंठ लिए हैं। लापरवाही के कारण जान गई है। इस मामले में परिवार वालों ने पोस्टमार्टम करवाने से मना कर दिया। वहीं, जांच के लिए नामित नोडल डॉ. मानवेंद्र पाल ने घटना की जानकारी के बाद अस्पताल की जांच की तो पता चला कि अस्पताल का लाइसेंस ही नहीं है। अब जांच करके आगे की कार्रवाई की जाएगी।
इस संबंध में नोडल डॉ. मानवेंद्र पाल ने बताया कि अस्पताल संचालक ने आवेदन किया है। इसकी प्रक्रिया चल रही है। लाइसेंस जारी नहीं हुआ था। मामले की जांच की जा रही है।
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सिद्धार्थनगर। नगर के साड़ी तिराहा के पास स्थिति एक निजी अस्पताल में हुई वृद्ध महिला की मौत के मामले में की जांच में बड़ी खामी सामने आई है। स्वास्थ्य विभाग के नोडल की जांच में अस्पताल बिना पंजीकरण के संचालित होना पाया गया है। इसके आधार पर जांच की जा रही है। हालांकि, इस मामले में पीड़ित पक्ष खामोश हो गया है।
बता दें कि पांच अगस्त की शाम महराजगंज जनपद के बृजमनगंज थाना क्षेत्र के हाला बेला हरैया गांव के टोला शेखपुर निवासी हेमवती (68) पत्नी राजकिशोर को पैर में दर्द की शिकायत पर चार अगस्त को माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज में भर्ती करवाया। जहां से एक निजी एंबुलेंस वाले ने उन्हें दूसरे अस्पताल में पहुंचाया दिया। पांच अगस्त की शाम वृद्धा की मौत हो गई। परिवार को इसकी जानकारी तब हुई जब एंबुलेंस वाला उन्हें लेकर दूसरे अस्पताल जाने के लिए पहुंचा। इस मामले में परिवार ने आरोप लगाया कि मरने के बाद भी इलाज कर रहे थे और रुपये ऐंठ लिए हैं। लापरवाही के कारण जान गई है। इस मामले में परिवार वालों ने पोस्टमार्टम करवाने से मना कर दिया। वहीं, जांच के लिए नामित नोडल डॉ. मानवेंद्र पाल ने घटना की जानकारी के बाद अस्पताल की जांच की तो पता चला कि अस्पताल का लाइसेंस ही नहीं है। अब जांच करके आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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इस संबंध में नोडल डॉ. मानवेंद्र पाल ने बताया कि अस्पताल संचालक ने आवेदन किया है। इसकी प्रक्रिया चल रही है। लाइसेंस जारी नहीं हुआ था। मामले की जांच की जा रही है।
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