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Siddharthnagar News: पहले दिन धान खरीद की बोहनी मुश्किल, खेतों में खड़ी है फसल
Sat, 31 Oct 2026 11:27 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Sat, 31 Oct 2026 11:27 PM IST
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- जिले के 73 क्रय केंद्रों पर एक नवंबर से शुरू होनी है खरीद, बारिश से कटाई की रफ्तार थमी
- 72 हजार मीट्रिक टन खरीद का लक्ष्य, अभी 10 प्रतिशत भी नहीं हुई धान की कटाई
सिद्धार्थनगर। जिले में धान खरीद की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं लेकिन क्रय केंद्रों पर पहले दिन ही खरीद की बोहनी मुश्किल नजर आ रही है। एक नवंबर से खरीद शुरू होनी है पर रविवार होने के कारण पहले दिन केंद्र बंद रहेंगे। वहीं, बारिश और खेतों में जलभराव के चलते धान की कटाई भी पिछड़ गई है। जिले में अभी 10 प्रतिशत भी कटाई नहीं हो पाई है। ऐसे में किसानों के धान लेकर क्रय केंद्रों तक पहुंचने में समय लग सकता है।
जिले में इस बार धान खरीद के लिए 73 क्रय केंद्र बनाए गए हैं। शासन की ओर से 72 हजार मीट्रिक टन खरीद का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। खाद्य विभाग, पीसीएफ, यूपीपीसीयू और भारतीय खाद्य निगम को खरीद की जिम्मेदारी दी गई है। शासन के निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार एक नवंबर 2026 से 28 फरवरी 2027 तक खरीद होनी है। हालांकि, एक नवंबर को रविवार होने के कारण क्रय केंद्र बंद रहेंगे। सोमवार से केंद्रों पर किसानों का पंजीकरण और खरीद संबंधी काम शुरू होगा।
क्रय केंद्र रविवार और राजपत्रित अवकाश को छोड़कर प्रतिदिन सुबह नौ बजे से शाम पांच बजे तक खुलेंगे। इस बार कॉमन धान का समर्थन मूल्य 2441 रुपये और ग्रेड-ए धान का 2461 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है। विभाग की ओर से केंद्रों पर खरीद से जुड़ी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं, ताकि किसान उपज लेकर पहुंचें तो तौल में परेशानी न हो।
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दरअसल, जिले में धान की कटाई अभी शुरुआती दौर में है। पिछले दिनों बारिश और तेज हवा के कारण खेतों में फसल गिर गई है। कई स्थानों पर पानी भरने से कटाई का काम रुक गया है। खेतों की नमी सूखने के बाद ही कटाई और मड़ाई में तेजी आने की उम्मीद है। ऐसे में सरकारी खरीद को भी रफ्तार पकड़ने में अभी समय लग सकता है।
जिला खाद्य व विपणन अधिकारी रमेश कुमार ने बताया कि जिले में धान खरीद की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। क्रय केंद्र स्थापित कर दिए गए हैं लेकिन बारिश के कारण अभी धान की कटाई नहीं हो पाई है। किसानों के पंजीकरण में सहयोग किया जाएगा। केंद्रों पर उपज लेकर पहुंचने वाले किसानों का धान खरीदा जाएगा।
पिछले साल से बढ़े 19 क्रय केंद्र
इस बार किसानों की सुविधा के लिए क्रय केंद्रों की संख्या बढ़ाई गई है। पिछले वर्ष जिले में 54 केंद्रों पर धान खरीद हुई थी, जबकि इस बार 73 केंद्र बनाए गए हैं। तहसीलवार नौगढ़ में 21, बांसी में 16, इटवा में 12, शोहरतगढ़ में 11 और डुमरियागंज में 13 क्रय केंद्र स्थापित किए गए हैं। इनमें खाद्य विभाग के 32, पीसीएफ के 20, यूपीपीसीयू के 20 और भारतीय खाद्य निगम का एक केंद्र शामिल है।
पंजीकरण कराने के बाद ही बेच सकेंगे धान
सरकारी क्रय केंद्रों पर धान बेचने के लिए किसानों को पहले पंजीकरण कराना अनिवार्य है। इसके लिए विपणन या कृषि विभाग के पोर्टल पर आवेदन किया जा सकता है। पंजीकरण के लिए बैंक पासबुक, खतौनी और आधार नंबर के साथ बैंक खाते से जुड़ा मोबाइल नंबर जरूरी है। किसान किसी भी जनसेवा केंद्र के माध्यम से भी पंजीकरण करा सकते हैं। पंजीकरण के बाद संबंधित क्षेत्र के क्रय केंद्र पर धान की तौल करा सकेंगे। उपज बिक्री के 24 से 72 घंटे के भीतर डीबीटी के माध्यम से भुगतान किसान के बैंक खाते में भेजे जाने की व्यवस्था है।
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- 72 हजार मीट्रिक टन खरीद का लक्ष्य, अभी 10 प्रतिशत भी नहीं हुई धान की कटाई
सिद्धार्थनगर। जिले में धान खरीद की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं लेकिन क्रय केंद्रों पर पहले दिन ही खरीद की बोहनी मुश्किल नजर आ रही है। एक नवंबर से खरीद शुरू होनी है पर रविवार होने के कारण पहले दिन केंद्र बंद रहेंगे। वहीं, बारिश और खेतों में जलभराव के चलते धान की कटाई भी पिछड़ गई है। जिले में अभी 10 प्रतिशत भी कटाई नहीं हो पाई है। ऐसे में किसानों के धान लेकर क्रय केंद्रों तक पहुंचने में समय लग सकता है।
जिले में इस बार धान खरीद के लिए 73 क्रय केंद्र बनाए गए हैं। शासन की ओर से 72 हजार मीट्रिक टन खरीद का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। खाद्य विभाग, पीसीएफ, यूपीपीसीयू और भारतीय खाद्य निगम को खरीद की जिम्मेदारी दी गई है। शासन के निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार एक नवंबर 2026 से 28 फरवरी 2027 तक खरीद होनी है। हालांकि, एक नवंबर को रविवार होने के कारण क्रय केंद्र बंद रहेंगे। सोमवार से केंद्रों पर किसानों का पंजीकरण और खरीद संबंधी काम शुरू होगा।
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क्रय केंद्र रविवार और राजपत्रित अवकाश को छोड़कर प्रतिदिन सुबह नौ बजे से शाम पांच बजे तक खुलेंगे। इस बार कॉमन धान का समर्थन मूल्य 2441 रुपये और ग्रेड-ए धान का 2461 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है। विभाग की ओर से केंद्रों पर खरीद से जुड़ी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं, ताकि किसान उपज लेकर पहुंचें तो तौल में परेशानी न हो।
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दरअसल, जिले में धान की कटाई अभी शुरुआती दौर में है। पिछले दिनों बारिश और तेज हवा के कारण खेतों में फसल गिर गई है। कई स्थानों पर पानी भरने से कटाई का काम रुक गया है। खेतों की नमी सूखने के बाद ही कटाई और मड़ाई में तेजी आने की उम्मीद है। ऐसे में सरकारी खरीद को भी रफ्तार पकड़ने में अभी समय लग सकता है।
जिला खाद्य व विपणन अधिकारी रमेश कुमार ने बताया कि जिले में धान खरीद की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। क्रय केंद्र स्थापित कर दिए गए हैं लेकिन बारिश के कारण अभी धान की कटाई नहीं हो पाई है। किसानों के पंजीकरण में सहयोग किया जाएगा। केंद्रों पर उपज लेकर पहुंचने वाले किसानों का धान खरीदा जाएगा।
पिछले साल से बढ़े 19 क्रय केंद्र
इस बार किसानों की सुविधा के लिए क्रय केंद्रों की संख्या बढ़ाई गई है। पिछले वर्ष जिले में 54 केंद्रों पर धान खरीद हुई थी, जबकि इस बार 73 केंद्र बनाए गए हैं। तहसीलवार नौगढ़ में 21, बांसी में 16, इटवा में 12, शोहरतगढ़ में 11 और डुमरियागंज में 13 क्रय केंद्र स्थापित किए गए हैं। इनमें खाद्य विभाग के 32, पीसीएफ के 20, यूपीपीसीयू के 20 और भारतीय खाद्य निगम का एक केंद्र शामिल है।
पंजीकरण कराने के बाद ही बेच सकेंगे धान
सरकारी क्रय केंद्रों पर धान बेचने के लिए किसानों को पहले पंजीकरण कराना अनिवार्य है। इसके लिए विपणन या कृषि विभाग के पोर्टल पर आवेदन किया जा सकता है। पंजीकरण के लिए बैंक पासबुक, खतौनी और आधार नंबर के साथ बैंक खाते से जुड़ा मोबाइल नंबर जरूरी है। किसान किसी भी जनसेवा केंद्र के माध्यम से भी पंजीकरण करा सकते हैं। पंजीकरण के बाद संबंधित क्षेत्र के क्रय केंद्र पर धान की तौल करा सकेंगे। उपज बिक्री के 24 से 72 घंटे के भीतर डीबीटी के माध्यम से भुगतान किसान के बैंक खाते में भेजे जाने की व्यवस्था है।