{"_id":"6aa1a2eeaf04a2a60403218a","slug":"siddharthnagar-news-demand-for-fair-compensation-in-the-north-south-corridor-road-widening-project-siddharthnagar-news-c-227-1-sdn1035-164283-2026-09-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"Siddharthnagar News: नार्थ-साउथ कॉरिडोर सड़क चौड़ीकरण परियोजना में उचित मुआवजा दिलाने की मांग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Siddharthnagar News: नार्थ-साउथ कॉरिडोर सड़क चौड़ीकरण परियोजना में उचित मुआवजा दिलाने की मांग
Wed, 09 Sep 2026 11:48 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Wed, 09 Sep 2026 11:48 PM IST
विज्ञापन
बर्डपुर। नार्थ-साउथ कॉरिडोर सड़क चौड़ीकरण परियोजना में मनमाना निर्माण कराए जाने का आरोप लगाते हुए ग्रामीणों ने विरोध दर्ज कराया है। ग्रामीणों ने परियोजना के तहत दोनों तरफ समान चौड़ीकरण कराने और प्रभावित संपत्तियों का पुनर्मूल्यांकन कर उचित मुआवजा देने की मांग की है।
पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता को साैंपे शिकायती पत्र में ग्रामीणों ने बताया कि वे बर्डपुर से पंडितपुर चौराहा क्षेत्र के मूल निवासी और भूमि-भवन स्वामी हैं। उन्होंने सड़क चौड़ीकरण परियोजना का स्वागत करते हुए कहा कि निर्माण कार्य में स्थानीय स्तर पर पक्षपात और अनियमितता की जा रही है। आरोप है कि सड़क के एक तरफ कई वर्षों से बंद और सूखी पड़ी सरकारी नहर को बचाने के नाम पर दूसरी तरफ पूरा चौड़ीकरण किया जा रहा है।
ग्रामीणों का आरोप है कि बंद पड़ी नहर को बचाने के लिए दूसरी ओर पुश्तैनी मकानों, दुकानों और उपजाऊ जमीनों को प्रभावित किया जा रहा है। इससे एक पक्ष को अपेक्षाकृत अधिक नुकसान हो रहा है। उन्होंने मांग की कि सड़क की चौड़ाई दोनों तरफ समान रूप से निर्धारित कर निर्माण कराया जाए ताकि एक तरफ के लोगों की संपत्तियां ज्यादा प्रभावित न हो। जमीन का मुआवजा वर्तमान बाजार दर के मुताबिक दिया जाए। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन
पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता को साैंपे शिकायती पत्र में ग्रामीणों ने बताया कि वे बर्डपुर से पंडितपुर चौराहा क्षेत्र के मूल निवासी और भूमि-भवन स्वामी हैं। उन्होंने सड़क चौड़ीकरण परियोजना का स्वागत करते हुए कहा कि निर्माण कार्य में स्थानीय स्तर पर पक्षपात और अनियमितता की जा रही है। आरोप है कि सड़क के एक तरफ कई वर्षों से बंद और सूखी पड़ी सरकारी नहर को बचाने के नाम पर दूसरी तरफ पूरा चौड़ीकरण किया जा रहा है।
विज्ञापन
ग्रामीणों का आरोप है कि बंद पड़ी नहर को बचाने के लिए दूसरी ओर पुश्तैनी मकानों, दुकानों और उपजाऊ जमीनों को प्रभावित किया जा रहा है। इससे एक पक्ष को अपेक्षाकृत अधिक नुकसान हो रहा है। उन्होंने मांग की कि सड़क की चौड़ाई दोनों तरफ समान रूप से निर्धारित कर निर्माण कराया जाए ताकि एक तरफ के लोगों की संपत्तियां ज्यादा प्रभावित न हो। जमीन का मुआवजा वर्तमान बाजार दर के मुताबिक दिया जाए। संवाद
विज्ञापन