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Siddharthnagar News: 35 हजार क्यूसेक पानी से बानगंगा उफनाई, 14 फाटक खोले
Thu, 24 Sep 2026 11:45 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Thu, 24 Sep 2026 11:45 PM IST
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- नेपाल में बारिश के बाद बानगंगा में छोड़ा गया 1500 क्यूमेक यानी करीब 35 हजार क्यूसेक पानी
- बूढ़ी राप्ती आठ घंटे में 70 सेंटीमीटर चढ़ी, अगले 36 घंटे में बढ़ सकता है नदियों का जलस्तर
सिद्धार्थनगर। नेपाल में बारिश ने तराई की नदियों पर दबाव बढ़ा दिया है। बानगंगा में नेपाल से करीब 1500 क्यूमेक यानी 35 हजार क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद डैम के 14 फाटक खोलने पड़े हैं। पानी का प्रवाह बढ़ते ही नदी किनारे के इलाकों में निगरानी बढ़ा दी गई है।
उधर, बूढ़ी राप्ती के जलस्तर ने भी तेजी से बढ़ना शुरू कर दिया है। बृहस्पतिवार सुबह आठ बजे से शाम चार बजे के बीच नदी का जलस्तर 70 सेंटीमीटर बढ़ गया। राप्ती में भी पांच सेंटीमीटर की बढ़ोतरी हुई है। जलस्तर बढ़ने की रफ्तार और नेपाल में बारिश को देखते हुए अगले 36 घंटे अहम माने जा रहे हैं।
बुधवार रात से जिले में शुरू हुई बारिश ने हालात और संवेदनशील कर दिए हैं। बृहस्पतिवार को दिनभर रुक-रुककर हल्की से मध्यम बारिश होती रही। कई इलाकों में गरज-चमक के साथ बारिश हुई। नेपाल से पानी की आवक और स्थानीय बारिश दोनों का असर नदियों के जलस्तर पर दिख रहा है।
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मौसम विभाग ने पूर्वी उत्तर प्रदेश में 25 से 27 सितंबर तक बारिश को लेकर चेतावनी जारी की है। 25 और 26 सितंबर को भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है। 27 सितंबर को भी भारी बारिश का पूर्वानुमान है। ऐसे में नेपाल में बारिश और अगले दो दिनों की मौसम गतिविधि पर जिले की नदियों का जलस्तर निर्भर करेगा।
बाढ़ खंड के अधिशासी अभियंता कृपाशंकर भारती ने बताया कि नेपाल में बारिश के बाद बानगंगा में करीब 1500 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। पानी की भारी आवक को देखते हुए डैम के 14 फाटक खोलकर निकासी शुरू की गई। इससे बानगंगा में पानी का प्रवाह बढ़ गया है। नदी किनारे के निचले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सतर्क किया गया है। पानी की आवक और बारिश जारी रही तो नदी का जलस्तर और बढ़ने की आशंका है।
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आठ घंटे में 70 सेंटीमीटर चढ़ी बूढ़ी राप्ती
- बानगंगा के साथ बूढ़ी राप्ती का बढ़ता जलस्तर भी चिंता बढ़ा रहा है। बृहस्पतिवार सुबह आठ बजे से शाम चार बजे के बीच बूढ़ी राप्ती का जलस्तर 70 सेंटीमीटर बढ़ गया। यानी आठ घंटे में नदी करीब पौने मीटर ऊपर चढ़ गई। राप्ती नदी का जलस्तर भी पांच सेंटीमीटर बढ़ा। नेपाल के जलग्रहण क्षेत्र में बारिश जारी रहने पर अगले 36 घंटे में नदियों के जलस्तर में और तेजी से वृद्धि हो सकती है।
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निचले इलाकों पर नजर, खेतों में भी बढ़ा पानी
- नदियों के बढ़ते जलस्तर के बीच तटीय और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है। लगातार बारिश से खेतों में भी पानी जमा होने लगा है। धान की फसल के लिए बारिश फिलहाल राहत लेकर आई है, लेकिन अधिक पानी होने पर जलभराव से नुकसान का खतरा भी बढ़ सकता है। संबंधित विभागों की ओर से नदी के जलस्तर और तटीय क्षेत्रों की स्थिति पर निगरानी रखी जा रही है।
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नेपाल में बारिश और पानी छोड़े जाने के कारण बानगंगा समेत अन्य नदियों के जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है। संबंधित विभागों को तटीय और निचले इलाकों में निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। अगले 36 घंटे की स्थिति को देखते हुए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी रखने के निर्देश दिए गए हैं।
- गौरव श्रीवास्तव, एडीएम
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- बूढ़ी राप्ती आठ घंटे में 70 सेंटीमीटर चढ़ी, अगले 36 घंटे में बढ़ सकता है नदियों का जलस्तर
सिद्धार्थनगर। नेपाल में बारिश ने तराई की नदियों पर दबाव बढ़ा दिया है। बानगंगा में नेपाल से करीब 1500 क्यूमेक यानी 35 हजार क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद डैम के 14 फाटक खोलने पड़े हैं। पानी का प्रवाह बढ़ते ही नदी किनारे के इलाकों में निगरानी बढ़ा दी गई है।
उधर, बूढ़ी राप्ती के जलस्तर ने भी तेजी से बढ़ना शुरू कर दिया है। बृहस्पतिवार सुबह आठ बजे से शाम चार बजे के बीच नदी का जलस्तर 70 सेंटीमीटर बढ़ गया। राप्ती में भी पांच सेंटीमीटर की बढ़ोतरी हुई है। जलस्तर बढ़ने की रफ्तार और नेपाल में बारिश को देखते हुए अगले 36 घंटे अहम माने जा रहे हैं।
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बुधवार रात से जिले में शुरू हुई बारिश ने हालात और संवेदनशील कर दिए हैं। बृहस्पतिवार को दिनभर रुक-रुककर हल्की से मध्यम बारिश होती रही। कई इलाकों में गरज-चमक के साथ बारिश हुई। नेपाल से पानी की आवक और स्थानीय बारिश दोनों का असर नदियों के जलस्तर पर दिख रहा है।
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मौसम विभाग ने पूर्वी उत्तर प्रदेश में 25 से 27 सितंबर तक बारिश को लेकर चेतावनी जारी की है। 25 और 26 सितंबर को भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है। 27 सितंबर को भी भारी बारिश का पूर्वानुमान है। ऐसे में नेपाल में बारिश और अगले दो दिनों की मौसम गतिविधि पर जिले की नदियों का जलस्तर निर्भर करेगा।
बाढ़ खंड के अधिशासी अभियंता कृपाशंकर भारती ने बताया कि नेपाल में बारिश के बाद बानगंगा में करीब 1500 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। पानी की भारी आवक को देखते हुए डैम के 14 फाटक खोलकर निकासी शुरू की गई। इससे बानगंगा में पानी का प्रवाह बढ़ गया है। नदी किनारे के निचले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सतर्क किया गया है। पानी की आवक और बारिश जारी रही तो नदी का जलस्तर और बढ़ने की आशंका है।
आठ घंटे में 70 सेंटीमीटर चढ़ी बूढ़ी राप्ती
- बानगंगा के साथ बूढ़ी राप्ती का बढ़ता जलस्तर भी चिंता बढ़ा रहा है। बृहस्पतिवार सुबह आठ बजे से शाम चार बजे के बीच बूढ़ी राप्ती का जलस्तर 70 सेंटीमीटर बढ़ गया। यानी आठ घंटे में नदी करीब पौने मीटर ऊपर चढ़ गई। राप्ती नदी का जलस्तर भी पांच सेंटीमीटर बढ़ा। नेपाल के जलग्रहण क्षेत्र में बारिश जारी रहने पर अगले 36 घंटे में नदियों के जलस्तर में और तेजी से वृद्धि हो सकती है।
निचले इलाकों पर नजर, खेतों में भी बढ़ा पानी
- नदियों के बढ़ते जलस्तर के बीच तटीय और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है। लगातार बारिश से खेतों में भी पानी जमा होने लगा है। धान की फसल के लिए बारिश फिलहाल राहत लेकर आई है, लेकिन अधिक पानी होने पर जलभराव से नुकसान का खतरा भी बढ़ सकता है। संबंधित विभागों की ओर से नदी के जलस्तर और तटीय क्षेत्रों की स्थिति पर निगरानी रखी जा रही है।
नेपाल में बारिश और पानी छोड़े जाने के कारण बानगंगा समेत अन्य नदियों के जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है। संबंधित विभागों को तटीय और निचले इलाकों में निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। अगले 36 घंटे की स्थिति को देखते हुए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी रखने के निर्देश दिए गए हैं।
- गौरव श्रीवास्तव, एडीएम