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सभी अधिकारियों को वेतन से ही करना होगा जीविकोपार्जन: डीएम

Tue, 13 Aug 2024 01:43 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर Updated Tue, 13 Aug 2024 01:43 AM IST
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Siddharthnagar News: All officers will have to earn their living from salary only: DM
सिद्धार्थनगर। गुणवत्तापूर्ण विकास कार्य कराने में कमीशनबाजी के आड़े आने संबंधी समस्या बताने पहुंचे प्रधानों की बात डीएम डॉ. राजागणपति आर ने गंभीरता से सुनीं। उन्होंने कहा कि आप गुणवत्तापूर्ण तरीके से कार्य कराएं, बाकी चीजों पर रोक हम लगाएंगे। उन्होंने अधिकारियों से साफ कहा कि हम पति-पत्नी आईएएस अधिकारी हैं। जीविकोपार्जन के लिए हमारा वेतन ही काफी है, ऐसे ही सभी अधिकारियों को भी सिर्फ वेतन पर निर्भर रहना होगा। कहीं कमीशन लेने की बात आई तो सख्त कार्रवाई होगी।
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लोहिया कला भवन में एकत्रित हुए ग्राम प्रधानों से डीएम ने सीडीओ जयेंद्र कुमार समेत जिले के सभी आला अधिकारियों की मौजूदगी में वार्ता की। ग्राम प्रधानों ने ब्लॉक व जिला स्तर तक कमीशन की वसूली होने के कारण निर्माण कार्यों में आने वाली परेशानियां गिनाईं। डीएम ने साफ कहा कि आप गुणवत्तापूर्ण तरीके से कार्य कराएं, किसी भी स्तर पर कमीशनबाजी नहीं होने पाएगी। डीएम ने कहा कि यह जनपद आकांक्षी जनपद है मुझे यहां शत-प्रतिशत कार्य करना है जिससे जनपद विकसित हो सके। मेरे कार्यकाल में जो भी कार्य हो रहे है वह सभी कार्य समय से एवं गुणवत्तापूर्वक होना चाहिए।
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सीडीओ जयेंद्र कुमार ने कहा कि ग्राम पंचायतों में विकास से संबंधित जो भी कार्य कराए जाएं वह गुणवत्ता मानक के अनुरूप होना चाहिए। जिला प्रशासन की ओर से आप सभी लोगों को हर संभव सहयोग प्रदान किया जाएगा। इस दौरान पीडी नागेंद्र मोहन राम त्रिपाठी, डीडीओ जीपी कुशवाहा, डीसी मनरेगा संदीप कुमार सिंह, डीपीआरओ पवन कुमार व प्रधान संघ के जिलाध्यक्ष पवन मिश्र मौजूद रहे।
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ब्लॉकों पर वसूला जाता है 30 से 40 फीसदी कमीशन
डीएम से गुहार लगाने आए प्रधानों का कहना था कि किसी भी विकास संबंधी निर्माण कार्य के बजट का 30 से 40 फीसदी हिस्सा ब्लॉक स्तर पर ही वसूल लिया जाता है। इसमें ही जिले स्तर के अधिकारियों की भी हिस्सेदारी बतायी जाती है। निर्धारित लागत का 30 से 40 फीसदी हिस्सा कमीशन में चले जाने के कारण निर्माण कार्य में गुणवत्ता बरतना संभव नहीं रहता है। कमीशन रुके तभी हम गुणवत्तापूर्ण निर्माण कार्य करवा सकेंगे।

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अन्य विभागों में भी ठप हुए कार्य
डीएम डॉ. राजागणपति आर की ओर से गुणवत्तापूर्ण कार्य के लिए हो रहे लगातार जांच एवं कार्रवाई को देखते हुए प्रधानों समेत ठेकेदारों ने निर्माण कार्य रोक दिया है। इससे कार्यदायी संस्थाओं की तरफ निविदा प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद निर्माण कार्य शुरू नहीं कराए जा रहे हैं। यहां तक कि ठेकेदारों की तरफ से आरोप है कि विभिन्न विभागों में कार्य के दौरान 40 फीसदी कमीशन देने के चलते गुणवत्तापूर्ण कार्य संभव नहीं है, इसलिए निर्माण कार्य रोक दिए हैं।
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