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Siddharthnagar News: काठमांडो में तीन किलो थाई गांजा बरामद, गोरखपुर के दो युवकों समेत तीन गिरफ्तार
Wed, 16 Sep 2026 11:53 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Wed, 16 Sep 2026 11:53 PM IST
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नेपाल में बरामद थाई हाइब्रिड गांजा। स्रोत सोशल मीडिया
- म्यांमार की महिला से होटल में बरामद हुई खेप, गांजा लेने पहुंचे थे दोनों भारतीय
- नेपाल के रास्ते भारत भेजे जाने की आशंका, जांच में सामने आ रही तस्करी की नई कड़ी
सिद्धार्थनगर। नेपाल की राजधानी काठमांडो में मादक पदार्थ नियंत्रण ब्यूरो, कोटेश्वर की टीम ने म्यांमार की एक महिला समेत तीन लोगों को तीन किलोग्राम थाई गांजा के साथ गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में उत्तर प्रदेश के गोरखपुर निवासी बरकतुल्लाह और यूसुफ खान भी शामिल हैं। जांच एजेंसियों को आशंका है कि बरामद गांजे की खेप नेपाल के रास्ते भारत भेजी जानी थी। मामले में नेपाल में सक्रिय तस्करी के नेटवर्क की पड़ताल की जा रही है।
मादक पदार्थ नियंत्रण ब्यूरो के अनुसार म्यांमार की नागरिक जिन जिन फाओ कैथे पैसिफिक एयरवेज से वियतनाम और हांगकांग होते हुए नेपाल पहुंची थी। हवाई मार्ग से नेपाल आने वाले यात्रियों की प्रोफाइलिंग के दौरान उसकी यात्रा संबंधी जानकारी संदिग्ध लगी। इसके बाद ब्यूरो की टीम ने उसकी निगरानी शुरू कर दी।
13 सितंबर को टीम ने काठमांडो महानगरपालिका-16 के सोहराखुट्टे स्थित एक होटल में फाओ को ढूंढ़ निकाला। सामान की तलाशी में तीन किलोग्राम थाई गांजा बरामद हुआ। अधिकारियों ने बरामदगी की जानकारी गोपनीय रखते हुए जांच आगे बढ़ाई और उस व्यक्ति का इंतजार किया जो गांजा लेने के लिए आने वाला था।
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कुछ समय बाद गांजा लेने पहुंचे गोरखपुर निवासी 30 वर्षीय बरकतुल्लाह और 25 वर्षीय यूसुफ खान को भी गिरफ्तार कर लिया गया। उनके कब्जे से तीन पासपोर्ट, तीन मोबाइल फोन और तीन किलोग्राम गांजा बरामद किया गया।
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पैसे और नेपाल घूमने का दिया लालच
- मादक पदार्थ नियंत्रण ब्यूरो के पुलिस अधीक्षक व प्रवक्ता दुर्गाराज रेगमी के अनुसार म्यांमार की महिला पेशे से बढ़ई है और सिंगापुर में रहकर काम करती है। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि उसे कुछ पैसे देने और नेपाल घूमने का अवसर उपलब्ध कराने का लालच देकर सामान लेकर नेपाल आने के लिए तैयार किया गया था।
जांच के अनुसार वियतनाम पहुंचने के बाद एक अन्य म्यांमार नागरिक ने फाओ को गांजा से भरा सूटकेस दिया था। वह उसी सूटकेस को लेकर हांगकांग के रास्ते नेपाल पहुंची। एयरपोर्ट पर सामान की जांच और एक्स-रे मशीन से गुजरने के बावजूद गांजे का पता नहीं चल सका। हालांकि यात्रा विवरण संदिग्ध मिलने पर ब्यूरो ने एयरपोर्ट से ही उसकी निगरानी शुरू कर दी थी।
अधिकारियों के अनुसार बरामद गांजा भारत पहुंचने के बाद करीब 1.20 करोड़ रुपये में बेचे जाने की संभावना थी। इसी वजह से जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि नेपाल में खेप लेने वाले भारतीयों का संपर्क किन लोगों से था और इसे आगे किस रास्ते से भारत पहुंचाया जाना था।
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17 जुलाई को भी पकड़े गए थे तीन भारतीय
- ब्यूरो के अनुसार 17 जुलाई 2026 को भी थाईलैंड से कैथे पैसिफिक एयरवेज के जरिए हांगकांग होते हुए त्रिभुवन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पहुंचे तीन भारतीय नागरिकों को 11 किलोग्राम गांजा के साथ गिरफ्तार किया गया था। इनमें पंजाब निवासी 30 वर्षीय सोनी, 23 वर्षीय जगरूप सिंह और हरियाणा निवासी 22 वर्षीय साहिल शामिल थे। अधिकारियों के अनुसार हाल के मामलों में सामने आया है कि थाई गांजा लेकर नेपाल पहुंचने वाले लोगों के बजाय कई बार भारतीय नागरिक ही खेप लेने नेपाल पहुंच रहे हैं। इससे नेपाल को पारगमन मार्ग के रूप में इस्तेमाल कर गांजा भारत भेजे जाने की आशंका जताई जा रही है।
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दो साल में 112 भारतीयों की हुई गिरफ्तारी
- मादक पदार्थ नियंत्रण ब्यूरो, कोटेश्वर के आंकड़ों के अनुसार वित्तीय वर्ष 2024-25 में थाई गांजे की ढुलाई और तस्करी के आरोप में 48 लोगों को 194 किलोग्राम गांजे के साथ गिरफ्तार किया गया था। इनमें 39 भारतीय शामिल थे।
वित्तीय वर्ष 2025-26 में 204 किलोग्राम गांजे के साथ 56 लोग गिरफ्तार हुए। इनमें 51 भारतीय थे। वहीं वित्तीय वर्ष 2026-27 में 15 सितंबर तक 95 किलोग्राम गांजे के साथ 22 भारतीयों समेत 36 लोग गिरफ्तार किए जा चुके हैं। इस तरह 2024-25 से 15 सितंबर 2026 तक कुल 140 लोगों की गिरफ्तारी हुई और करीब 500 किलोग्राम थाई गांजा बरामद किया गया। गिरफ्तार लोगों में 112 भारतीय थे। ब्यूरो के अनुसार इन मामलों में अब तक 90 एफआईआर दर्ज की जा चुकीं हैं।
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- नेपाल के रास्ते भारत भेजे जाने की आशंका, जांच में सामने आ रही तस्करी की नई कड़ी
सिद्धार्थनगर। नेपाल की राजधानी काठमांडो में मादक पदार्थ नियंत्रण ब्यूरो, कोटेश्वर की टीम ने म्यांमार की एक महिला समेत तीन लोगों को तीन किलोग्राम थाई गांजा के साथ गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में उत्तर प्रदेश के गोरखपुर निवासी बरकतुल्लाह और यूसुफ खान भी शामिल हैं। जांच एजेंसियों को आशंका है कि बरामद गांजे की खेप नेपाल के रास्ते भारत भेजी जानी थी। मामले में नेपाल में सक्रिय तस्करी के नेटवर्क की पड़ताल की जा रही है।
मादक पदार्थ नियंत्रण ब्यूरो के अनुसार म्यांमार की नागरिक जिन जिन फाओ कैथे पैसिफिक एयरवेज से वियतनाम और हांगकांग होते हुए नेपाल पहुंची थी। हवाई मार्ग से नेपाल आने वाले यात्रियों की प्रोफाइलिंग के दौरान उसकी यात्रा संबंधी जानकारी संदिग्ध लगी। इसके बाद ब्यूरो की टीम ने उसकी निगरानी शुरू कर दी।
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13 सितंबर को टीम ने काठमांडो महानगरपालिका-16 के सोहराखुट्टे स्थित एक होटल में फाओ को ढूंढ़ निकाला। सामान की तलाशी में तीन किलोग्राम थाई गांजा बरामद हुआ। अधिकारियों ने बरामदगी की जानकारी गोपनीय रखते हुए जांच आगे बढ़ाई और उस व्यक्ति का इंतजार किया जो गांजा लेने के लिए आने वाला था।
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कुछ समय बाद गांजा लेने पहुंचे गोरखपुर निवासी 30 वर्षीय बरकतुल्लाह और 25 वर्षीय यूसुफ खान को भी गिरफ्तार कर लिया गया। उनके कब्जे से तीन पासपोर्ट, तीन मोबाइल फोन और तीन किलोग्राम गांजा बरामद किया गया।
पैसे और नेपाल घूमने का दिया लालच
- मादक पदार्थ नियंत्रण ब्यूरो के पुलिस अधीक्षक व प्रवक्ता दुर्गाराज रेगमी के अनुसार म्यांमार की महिला पेशे से बढ़ई है और सिंगापुर में रहकर काम करती है। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि उसे कुछ पैसे देने और नेपाल घूमने का अवसर उपलब्ध कराने का लालच देकर सामान लेकर नेपाल आने के लिए तैयार किया गया था।
जांच के अनुसार वियतनाम पहुंचने के बाद एक अन्य म्यांमार नागरिक ने फाओ को गांजा से भरा सूटकेस दिया था। वह उसी सूटकेस को लेकर हांगकांग के रास्ते नेपाल पहुंची। एयरपोर्ट पर सामान की जांच और एक्स-रे मशीन से गुजरने के बावजूद गांजे का पता नहीं चल सका। हालांकि यात्रा विवरण संदिग्ध मिलने पर ब्यूरो ने एयरपोर्ट से ही उसकी निगरानी शुरू कर दी थी।
अधिकारियों के अनुसार बरामद गांजा भारत पहुंचने के बाद करीब 1.20 करोड़ रुपये में बेचे जाने की संभावना थी। इसी वजह से जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि नेपाल में खेप लेने वाले भारतीयों का संपर्क किन लोगों से था और इसे आगे किस रास्ते से भारत पहुंचाया जाना था।
17 जुलाई को भी पकड़े गए थे तीन भारतीय
- ब्यूरो के अनुसार 17 जुलाई 2026 को भी थाईलैंड से कैथे पैसिफिक एयरवेज के जरिए हांगकांग होते हुए त्रिभुवन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पहुंचे तीन भारतीय नागरिकों को 11 किलोग्राम गांजा के साथ गिरफ्तार किया गया था। इनमें पंजाब निवासी 30 वर्षीय सोनी, 23 वर्षीय जगरूप सिंह और हरियाणा निवासी 22 वर्षीय साहिल शामिल थे। अधिकारियों के अनुसार हाल के मामलों में सामने आया है कि थाई गांजा लेकर नेपाल पहुंचने वाले लोगों के बजाय कई बार भारतीय नागरिक ही खेप लेने नेपाल पहुंच रहे हैं। इससे नेपाल को पारगमन मार्ग के रूप में इस्तेमाल कर गांजा भारत भेजे जाने की आशंका जताई जा रही है।
दो साल में 112 भारतीयों की हुई गिरफ्तारी
- मादक पदार्थ नियंत्रण ब्यूरो, कोटेश्वर के आंकड़ों के अनुसार वित्तीय वर्ष 2024-25 में थाई गांजे की ढुलाई और तस्करी के आरोप में 48 लोगों को 194 किलोग्राम गांजे के साथ गिरफ्तार किया गया था। इनमें 39 भारतीय शामिल थे।
वित्तीय वर्ष 2025-26 में 204 किलोग्राम गांजे के साथ 56 लोग गिरफ्तार हुए। इनमें 51 भारतीय थे। वहीं वित्तीय वर्ष 2026-27 में 15 सितंबर तक 95 किलोग्राम गांजे के साथ 22 भारतीयों समेत 36 लोग गिरफ्तार किए जा चुके हैं। इस तरह 2024-25 से 15 सितंबर 2026 तक कुल 140 लोगों की गिरफ्तारी हुई और करीब 500 किलोग्राम थाई गांजा बरामद किया गया। गिरफ्तार लोगों में 112 भारतीय थे। ब्यूरो के अनुसार इन मामलों में अब तक 90 एफआईआर दर्ज की जा चुकीं हैं।