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Siddharthnagar News: शोध प्रस्तुत करने के लिए समय निर्धारित
Sat, 23 Mar 2024 11:26 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Sat, 23 Mar 2024 11:26 PM IST
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सिद्धार्थनगर। सिद्धार्थ विश्वविद्यालय कपिलवस्तु में शोधार्थियों को प्री पीएचडी की स्लाइड, परिचय, प्रश्न विचार के लिए समय निर्धारित कर दी गई है। इससे सभी छात्र अपना शोध का प्रजेंटेशन से उसके बारे में जानकारी दे सकें।
विश्वविद्यालय ने समस्त महाविद्यालय के 75 शोधार्थियों का शोध अनुभाग जमा करा लिया है। प्रतिदिन विभागाचार्य, शोध निर्देशक और अन्य विभागाचार्यों के सामने शोधार्थी अपना प्रजेंटेशन दे रहे हैं। इसमें उन्हें 20 से 25 स्लाइड प्रस्तुति करण बनाकर उसे न्यूनतम 20 मिनट या उससे अधिक समय में बताना रहेगा। उसके बाद उपस्थित शिक्षक न्यूनतम 10 मिनट या उससे अधिक समय में शोधार्थी से प्रश्न पूछेंगे। यदि शोधार्थी प्रश्न का समुचित उत्तर नहीं दे पाते है, तो उन्हें छह माह का समय दिया जाता है।
इस दौरान अगर समय कम पड़ता है तो वह और भी समय ले सकते हैं। प्री पीएचडी में विषय प्राचीन इतिहास, भूगोल, हिंदी, राजनीति विज्ञान, संस्कृत, समाजशास्त्र, वाणिज्य एवं प्रबंध, शिक्षा शास्त्र, वनस्पति, रसायन, भौतिकी, जंतु विज्ञान, गणित, अंग्रेजी समेत 18 विषय शामिल हैं। प्रो हरीश कुमार शर्मा ने बताया की प्री पीएचडी, पीएचडी के शोधार्थी अपना थिसिस जमा कर लिए हैं। सभी अपने शोध के बारे में बता रहे हैं। प्रतिदिन एक से दो शोधार्थी द्वारा प्रजेंटेशन किया जाता है।
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विश्वविद्यालय ने समस्त महाविद्यालय के 75 शोधार्थियों का शोध अनुभाग जमा करा लिया है। प्रतिदिन विभागाचार्य, शोध निर्देशक और अन्य विभागाचार्यों के सामने शोधार्थी अपना प्रजेंटेशन दे रहे हैं। इसमें उन्हें 20 से 25 स्लाइड प्रस्तुति करण बनाकर उसे न्यूनतम 20 मिनट या उससे अधिक समय में बताना रहेगा। उसके बाद उपस्थित शिक्षक न्यूनतम 10 मिनट या उससे अधिक समय में शोधार्थी से प्रश्न पूछेंगे। यदि शोधार्थी प्रश्न का समुचित उत्तर नहीं दे पाते है, तो उन्हें छह माह का समय दिया जाता है।
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इस दौरान अगर समय कम पड़ता है तो वह और भी समय ले सकते हैं। प्री पीएचडी में विषय प्राचीन इतिहास, भूगोल, हिंदी, राजनीति विज्ञान, संस्कृत, समाजशास्त्र, वाणिज्य एवं प्रबंध, शिक्षा शास्त्र, वनस्पति, रसायन, भौतिकी, जंतु विज्ञान, गणित, अंग्रेजी समेत 18 विषय शामिल हैं। प्रो हरीश कुमार शर्मा ने बताया की प्री पीएचडी, पीएचडी के शोधार्थी अपना थिसिस जमा कर लिए हैं। सभी अपने शोध के बारे में बता रहे हैं। प्रतिदिन एक से दो शोधार्थी द्वारा प्रजेंटेशन किया जाता है।
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