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Siddharthnagar News: वाराणसी-बहराइच रूट पर बसों की कमी, धक्का खा रहे यात्री
Sun, 01 Oct 2023 01:09 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Sun, 01 Oct 2023 01:09 AM IST
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सिद्धार्थनगर। रोडवेज में बसों की कमी के कारण चार महीने के बाद भी वाराणसी रूट की बसाें का संचालन शुरू नहीं हो पाया है। जिससे आए दिन यात्रियों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं बहराइच रूट पर बसों का संचालन न होने से पश्चिमी यूपी के कर्मचारियों को अपने घर जाने के लिए सुबह में संचालित हो रही एक मात्र ट्रेन ही सहारा है।
डिपो में कई वर्षों से 43 बस थीं, लेकिन वर्तमान समय में पांच बसों के नीलाम होने से अब बसों की संख्या और भी कम हो गई है। जिससे सड़क खराब होने का हवाला देते हुए जिले से वाराणसी जाने वाली बसों का संचालन बंद कर दिया गया। जिससे आए दिन काशी विश्वनाथ का दर्शन करने जाने के लिए लोगों को जिले से निजी वाहनों से यात्रा करनी पड़ती है, या तो उन्हें गोरखपुर जाने के बाद वाराणसी के लिए बस मिलती है।
वही पश्चिमी यूपी के अधिकारी व कर्मचारी जिले में कार्यरत हैं, हर समय किसी न किसी को अपने घर जाने के लिए साधन की आवश्यकता होती रहती है। लेकिन जिले से बस का संचालन न होने से आए दिन यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। जिले के शाहपुर, सिंगारजोत व लोटन क्षेत्र में बसों का संचालन न होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। इस रास्ते के प्राइवेट वाहन के लोग आए दिन मनमाना ढंग से किराया वसूलते हैं।
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70 से 80 परिचालक फिर भी नहीं बढ़ी बसों की संख्या
डिपो पर 70 से 80 परिचालक है, एक परिचालक को आठ घंटे की ड्यूटी दी जाती है, लेकिन दिल्ली व लखनऊ जाने वाले परिचालकों काे पूरा समय दिया जाता है। जिससे आए दिन परिचालक डिपो पर खाली टहलते हुए नजर आते हैं। परिचालकों को 22 ड्यूटी करनी रहती है। महीने के अंतिम दिनों में परिचालकों को दिन के बजाय परिचालकों को किलोमीटर के हिसाब से समय को पूरा कराया जाता है।
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वर्जन
पांच बस नीलामी के लिए भेजी गई है, उससे पहले ही दो नई बस जिले में संचालन के लिए आ गई है, और बसों को मांगा है । जल्द ही नई बस आ जाएंगी, जिससे बंद रूट पर भी बसों का संचालन शुरू किया जाएगा।
-कैलाश कुमार, एआरएम
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डिपो में कई वर्षों से 43 बस थीं, लेकिन वर्तमान समय में पांच बसों के नीलाम होने से अब बसों की संख्या और भी कम हो गई है। जिससे सड़क खराब होने का हवाला देते हुए जिले से वाराणसी जाने वाली बसों का संचालन बंद कर दिया गया। जिससे आए दिन काशी विश्वनाथ का दर्शन करने जाने के लिए लोगों को जिले से निजी वाहनों से यात्रा करनी पड़ती है, या तो उन्हें गोरखपुर जाने के बाद वाराणसी के लिए बस मिलती है।
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वही पश्चिमी यूपी के अधिकारी व कर्मचारी जिले में कार्यरत हैं, हर समय किसी न किसी को अपने घर जाने के लिए साधन की आवश्यकता होती रहती है। लेकिन जिले से बस का संचालन न होने से आए दिन यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। जिले के शाहपुर, सिंगारजोत व लोटन क्षेत्र में बसों का संचालन न होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। इस रास्ते के प्राइवेट वाहन के लोग आए दिन मनमाना ढंग से किराया वसूलते हैं।
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70 से 80 परिचालक फिर भी नहीं बढ़ी बसों की संख्या
डिपो पर 70 से 80 परिचालक है, एक परिचालक को आठ घंटे की ड्यूटी दी जाती है, लेकिन दिल्ली व लखनऊ जाने वाले परिचालकों काे पूरा समय दिया जाता है। जिससे आए दिन परिचालक डिपो पर खाली टहलते हुए नजर आते हैं। परिचालकों को 22 ड्यूटी करनी रहती है। महीने के अंतिम दिनों में परिचालकों को दिन के बजाय परिचालकों को किलोमीटर के हिसाब से समय को पूरा कराया जाता है।
वर्जन
पांच बस नीलामी के लिए भेजी गई है, उससे पहले ही दो नई बस जिले में संचालन के लिए आ गई है, और बसों को मांगा है । जल्द ही नई बस आ जाएंगी, जिससे बंद रूट पर भी बसों का संचालन शुरू किया जाएगा।
-कैलाश कुमार, एआरएम